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एक्सईएन और कर्मचारियों की लड़ाई पहुंची कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:56 AM IST
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कोर्ट
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महेंद्रगढ़ में ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन और पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन रवींद्र गोठवाल के बीच चल रही तनातनी का मामला अब उच्च अधिकारियों और कोर्ट तक जा पहुंचा है। यूनियन के धरना स्थल को लेकर एक्सईएन ने कोर्ट से स्टे ले लिया है। अब कर्मचारी कार्यालय परिसर में धरना नहीं दे सकेंगे। इसलिए यूनियन ने बुधवार को कार्यालय परिसर से बाहर अपना धरना स्थल स्थापित किया और वहीं पर अनशन जारी रखा। जबकि एक्सईएन ने पुराने धरना स्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया ताकि यूनियन के सदस्यों की गतिविधियों को कैद की जा सकेगी
यूनियन की आड़ में साध रहे स्वार्थ
एक्सईएन रवींद्र गोठवाल के मुताबिक कर्मचारियों की कोई भी मांग पेंडिंग नहीं हैं। कर्मचारियों के काम न करने को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। च्च अधिकारियों का स्पष्ट जबाव है कि जो तीन चार कर्मचारी नेता यूनियन की आड़ में अपना स्वार्थ साधने का प्रयास कर रहे हैं उन पर नकेल कसी जाए। जो भी कर्मचारी जितने दिन भी धरने पर बैठे हैं उनकी उतने ही दिन का वेतन काटा जाएगा। सरकार कर्मचारियों से काम चाहती है और काम का ही वेतन देती है। इसलिए जो कर्मचारी काम नहीं करेगा उसको वेतन भी नहीं दिया जाएगा।
अनशन अभी भी जारी
कर्मचारियों का अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। गौरतलब है कि ये कर्मचारी एक्सईएन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए अनशन पर बैठे हुए हैं। बुधवार को अनिश्चितकालीन धरने व अनशन की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष धर्मबीर यादव ने व कार्यवाही का संचालन शाखा सचिव रमेश शर्मा ने किया। प्रांतीय कार्यकारिणी की तरफ से प्रांतीय प्रधान विश्वनाथ शर्मा, प्रांतीय महासचिव नरेंद्र धीमान, प्रांतीय मुख्य संगठन कर्त्ता महेंद्र यादव ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि जब तक एक्सईएन की ओर से वार्ता का न्यौता नहीं आता, अनशन जारी रहेगा। धरने को हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय उपप्रधान बाबूलाल यादव, रघुबीर धनखड़, कैलाश चंद, महेंद्र कौशिक, सुनील कुमार, बुधराम तंवर, छाजूराम सैनी, धर्मपाल, महीपाल यादव, कामरेड राजेंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया।
यूनियन की आड़ में साध रहे स्वार्थ
एक्सईएन रवींद्र गोठवाल के मुताबिक कर्मचारियों की कोई भी मांग पेंडिंग नहीं हैं। कर्मचारियों के काम न करने को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। च्च अधिकारियों का स्पष्ट जबाव है कि जो तीन चार कर्मचारी नेता यूनियन की आड़ में अपना स्वार्थ साधने का प्रयास कर रहे हैं उन पर नकेल कसी जाए। जो भी कर्मचारी जितने दिन भी धरने पर बैठे हैं उनकी उतने ही दिन का वेतन काटा जाएगा। सरकार कर्मचारियों से काम चाहती है और काम का ही वेतन देती है। इसलिए जो कर्मचारी काम नहीं करेगा उसको वेतन भी नहीं दिया जाएगा।
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अनशन अभी भी जारी
कर्मचारियों का अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। गौरतलब है कि ये कर्मचारी एक्सईएन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए अनशन पर बैठे हुए हैं। बुधवार को अनिश्चितकालीन धरने व अनशन की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष धर्मबीर यादव ने व कार्यवाही का संचालन शाखा सचिव रमेश शर्मा ने किया। प्रांतीय कार्यकारिणी की तरफ से प्रांतीय प्रधान विश्वनाथ शर्मा, प्रांतीय महासचिव नरेंद्र धीमान, प्रांतीय मुख्य संगठन कर्त्ता महेंद्र यादव ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि जब तक एक्सईएन की ओर से वार्ता का न्यौता नहीं आता, अनशन जारी रहेगा। धरने को हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय उपप्रधान बाबूलाल यादव, रघुबीर धनखड़, कैलाश चंद, महेंद्र कौशिक, सुनील कुमार, बुधराम तंवर, छाजूराम सैनी, धर्मपाल, महीपाल यादव, कामरेड राजेंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया।
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