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अवैध खनन पर कार्रवाई: नारनौल में टास्क फोर्स ने दनचौली और बायल में मारे छापे, बजरी और पत्थर के ट्रैक्टर सीज
Thu, 22 Sep 2022 02:13 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 22 Sep 2022 02:13 PM IST
सार
जिले में अवैध खनन का कार्य लगातार चल रहा था। अधिकारियों के पास भी बार-बार अवैध खनन की शिकायतें जारी रही थीं। बावजूद इसके अवैध खनन को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी।
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नारनौल में अवैध माइनिंग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में जिला टास्क फोर्स कमेटी की टीम ने गुरुवार की सुबह निजामपुर क्षेत्र के दनचौली और बायल में छापा मार कर छह ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज किया। इनमें से पांच ट्रालियों में बजरी और एक में पत्थर भरा हुआ मिला। टीम ने इन पर साढ़े 13 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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अवैध खनन को लेकर अमर उजाला ने 16 सितंबर के अंक में पेज संख्या दो पर ‘एडीजी की रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई नहीं, एक दर्जन जगहों पर अवैध खनन जारी’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जाने लगी है।
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उपायुक्त जेके आभीर एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने जिलास्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए है। इसी के तहत गुरुवार की सुबह लगभग साढ़े पांच बजे टास्क फोर्स की टीम ने दनचौल क्षेत्र में छापा मारा।
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टास्क फोर्स की टीम ने एसडीएम मनोज कुमार, जिला खनन अधिकारी निरंजन कुमार, खनन विभाग के निरीक्षक मनीषा यादव, दीपक तथा वन विभाग के वनरक्षक अधिकारी जय भगवान तथा पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम ने मौके पर बजरी से भरी पांच ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज किया। इसके बाद टीम ने बायल में छापा मारा और पत्थर से लदी एक ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ा।
अवैध खनन करने वालों को टीम के आने की सूचना पहले ही लग गई थी जिससे वे भाग गए। मात्र एक ट्रैक्टर ही मौके पर पकड़ा जिसको टीम ने सीज कर दिया। खनन अधिकारी ने बताया कि इन सभी ट्रैक्टरों पर लगभग साढ़े 13 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निर्धारित समय पर जुर्माना नहीं भरा तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज भी करवाई जाएगी।
अरावली की पहाड़ियों पर निकाले जा रहे 23625 टन पत्थर
अरावली की पहाड़ियों को काटकर प्रतिदिन 23625 टन पत्थर निकाले जाते हैं। ये पत्थर दिल्ली, नोएडा, हरियाणा तथा राजस्थान भेजे जाते हैं। प्रदेश सरकार भी यहां से करोड़ों रुपये का राजस्व प्रति वर्ष प्राप्त करती है। पिछले 2021-22 में प्रदेश सरकार को खनन से 118 करोड़ रुपये का राजस्व गया था।
बता दें कि जिले में सात साइटों पर लगभग 135 से 140 क्रशर जोन चले रहे हैं। माइनिंग विभाग के अनुसार एक क्रशर जोन से औसत पांच गाड़ियां निकलती हैं जबकि एक गाड़ी में औसत 35 टन माल जाता है। इस प्रकार प्रतिदिन अरावली की पहाड़ियों से 23625 टन पत्थर निकलता है।
विभाग का यह आंकड़ा बहुत कम है जबकि हकीकत यह है कि जिले से लगभग एक हजार से अधिक गाड़ियां तथा 100 से अधिक ट्रैक्टर ट्रालियां प्रतिदिन निकलती हैं। लगभग अधिकतर गाड़ियां ओवरलोड होती हैं। यानी प्रतिदिन 50 हजार टन पत्थर खनन करके निकाला जाता है। कई साइटों या पहाड़ों से ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से अवैध खनन हो रहा है। ग्रामीण अवैध खनन कर काफी रुपये कमा रहे हैं।
ये सभी रात के अंधेरे में जेसीबी तथा विस्फोटक पदार्थों से अवैध खनन करते हैं तथा ट्रैक्टर ट्रालियां भर कर दूसरी जगह बेच आते हैं। यहां पर खनन का मामला कई बार प्रकाश में भी हो चुका है। दो वर्ष पहले तत्कालीन उपायुक्त गरिमा मित्तल का भी इसमें नाम सामने आया था जिसकी कई दिनों तक जांच चली थी लेकिन इसके बाद फाइलें दबी रह गई। महेंद्रगढ़ क्षेत्र में राजावास, जेरपुर, मांडोला, गढ़ी, खुडाना आदि साइटों पर अवैध खनन हो रहा है। इसके अलावा बजरी भी निकाली जा रही है।
कार्यालय से निकलते ही मिल जाती है अवैध खनन करने वालों को सूचना
अवैध खनन करने वालों का बहुत बड़ा गिरोह है। इस गिरोह को तोड़ना इतना आसान नहीं है। इन गिरोहों ने अवैध माइनिंग तथा ओवरलोडिंग के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। गिरोह ने हर कदम पर अपना सूत्र छोड़ रखें हैं। यहां तक माइनिंग कार्यालय के बाहर भी उनके मुखबिर रहते हैं। जैसे ही माइनिंग अधिकारी गाड़ी लेकर निकलते हैं तो उनको व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना लग जाती है। मुख्य रोड, गांव तथा अन्य स्थानों पर इनके मुखबिर बैठे रहते हैं। उनको गिरोह के सदस्य कुछ पैसे भी देते हैं जिससे माइनिंग विभाग की टीम निकलते ही कदम-कदम की जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप पर देते रहते हैं।