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Mahendragarh-Narnaul News: बगिया से छूटी मोबाइल की लत, प्रकृति प्रेमी बनीं मुनेश
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महेंद्रगढ़। गांव सिसाेठ निवासी मुनेश देवी अपने घर की खाली जगह को पौधों से सजा रही हैं। इसकी प्रेरणा उनको अपने ससुर सूबेदार सतबीर सिंह से मिली। अब वह अपने घर में पौध लगाकर उनकी देखभाल कर रही हैं। इससे उसका स्क्रीन समय भी कम हो गया है।
मुनेश देवी ने बताया कि 10 साल पहले उन्होंने घर में बगिया की शुरुआत की थी। ससुर ने घर के आगे खाली जमीन पर किचन गार्डन बनाया था। इसमें वे विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगाते हैं। इसको देखकर ही मुनेश को पौधे लगाने की प्रेरणा मिली।
अब वह भी घर में फूलों और सजावटी पौध लगा रही हैं। अब प्रतिदिन एक घंटा रोज पौधों के साथ बिताती हैं। इसमें खोदी लगाना, पानी देना शामिल हैं। नियमित रूप से देखभाल करने से पौधों से लगाव हो चुका है और पौधों के बीच में बैठने से मन को शांति मिलती है। साथ ही समय व्यतीत करने का अच्छा माध्यम भी बन चुकी है।
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पहले फोन की आदत काफी हो चुकी थी और स्क्रीन समय अधिक रहने के कारण मन भी खुश नहीं रहता था। इसके बाद उन्होंने अपने ससुर को ऑब्जर्व किया और प्रकृति के साथ उनका स्नेह देखा।
इसके बाद वे भी उनकी तरह पौधों में पानी, खाद आदि डालने लगी और नियमित रूप से बगिया से सब्जियां लाने के लिए जब जाती तो उनका मन प्रसन्न हो जाता। अब फोन की आदत कम हो गई है और इसका उपयोग कम करती हैं।
साथ ही बगिया को सजाने के लिए भी फोन पर टिप्स आदि जांच करती हैं। उन्होंने बगिया में मोरपंखी, गुलाब, मनी प्लांट, गेंदा, चंपा, गुड़हल, जेड प्लांट, एलोवेरा आदि पौध लगाई हुई हैं।
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मुनेश देवी ने बताया कि 10 साल पहले उन्होंने घर में बगिया की शुरुआत की थी। ससुर ने घर के आगे खाली जमीन पर किचन गार्डन बनाया था। इसमें वे विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगाते हैं। इसको देखकर ही मुनेश को पौधे लगाने की प्रेरणा मिली।
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अब वह भी घर में फूलों और सजावटी पौध लगा रही हैं। अब प्रतिदिन एक घंटा रोज पौधों के साथ बिताती हैं। इसमें खोदी लगाना, पानी देना शामिल हैं। नियमित रूप से देखभाल करने से पौधों से लगाव हो चुका है और पौधों के बीच में बैठने से मन को शांति मिलती है। साथ ही समय व्यतीत करने का अच्छा माध्यम भी बन चुकी है।
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पहले फोन की आदत काफी हो चुकी थी और स्क्रीन समय अधिक रहने के कारण मन भी खुश नहीं रहता था। इसके बाद उन्होंने अपने ससुर को ऑब्जर्व किया और प्रकृति के साथ उनका स्नेह देखा।
इसके बाद वे भी उनकी तरह पौधों में पानी, खाद आदि डालने लगी और नियमित रूप से बगिया से सब्जियां लाने के लिए जब जाती तो उनका मन प्रसन्न हो जाता। अब फोन की आदत कम हो गई है और इसका उपयोग कम करती हैं।
साथ ही बगिया को सजाने के लिए भी फोन पर टिप्स आदि जांच करती हैं। उन्होंने बगिया में मोरपंखी, गुलाब, मनी प्लांट, गेंदा, चंपा, गुड़हल, जेड प्लांट, एलोवेरा आदि पौध लगाई हुई हैं।