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Mahendragarh-Narnaul News: हिंदी में कार्य करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया
Sat, 14 Sep 2024 01:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 14 Sep 2024 01:22 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय संक्षिप्त अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया।
कार्यक्रम में समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो की ओर से सहायक उपनिदेशक जगत सिंह रोहिल्ला, लेखा सरीन उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से विश्वविद्यालय के कार्यालयीन कार्य में अवश्य ही राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बल मिलेगा। विश्वविद्यालय समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने भी कार्यक्रम के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीरपाल सिंह यादव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सृजनात्मक बताया। केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो की उपनिदेशक लेखा सरीन ने कहा कि अनुवाद एक कला है और कला में निखार अभ्यास जरूरी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि हिंदी के कार्य करने में अपनापन महसूस होता है। उन्होंने हिंदी में कार्य करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
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समापन सत्र में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। इस दौरान गायत्री, योगेश, रोबिन, अनुज, संदीप राहुल, गीता आदि मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम में समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो की ओर से सहायक उपनिदेशक जगत सिंह रोहिल्ला, लेखा सरीन उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से विश्वविद्यालय के कार्यालयीन कार्य में अवश्य ही राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बल मिलेगा। विश्वविद्यालय समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने भी कार्यक्रम के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
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हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीरपाल सिंह यादव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सृजनात्मक बताया। केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो की उपनिदेशक लेखा सरीन ने कहा कि अनुवाद एक कला है और कला में निखार अभ्यास जरूरी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि हिंदी के कार्य करने में अपनापन महसूस होता है। उन्होंने हिंदी में कार्य करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
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समापन सत्र में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। इस दौरान गायत्री, योगेश, रोबिन, अनुज, संदीप राहुल, गीता आदि मौजूद रहीं।