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Mahendragarh-Narnaul News: कहने को मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला, पेयजल व शौचालय नहीं
Sat, 19 Apr 2025 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 19 Apr 2025 11:36 PM IST
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फोटो संख्या:62- राजकीय मॉडल प्राथमिक पाठशाला नया बास में खराब पड़े शोचालय--संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। शहर के मोल्लाबास में स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां शौचालय और पेयजल की सुविधा नहीं है। दो वर्ष पहले विद्यालय में बनी पेयजल की टंकी और दो शौचालयों को खंडहर घोषित किया गया था।
न तो पेयजल की टंकी और शौचालय तोड़े जा सके और न हीं इनका नए सिरे से निर्माण किया गया। विद्यालय में पंखे की व्यवस्था नहीं थी। तापमान बढ़ने पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों के लिए पंखे की व्यवस्था की। शनिवार को जब राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय की पड़ताल की गई तो हाल ही में खरीदे गए चार पंखों को लगवाने के लिए इलेक्ट्रीशियन को बुलाया गया था। शिक्षकों ने खुद चंदा लगाकर चार नए पंखे खरीदे हैं जिन्हें शनिवार को कमरों में लगवाया जा रहा था।
विद्यालय में इस समय महज 88 विद्यार्थी हैं। विद्यालय के मुख्य द्वार के पास बनी पेयजल की टंकी व उसके साथ ही स्थित शौचालयों में कचरा जमा है। दोनों कंडम घोषित हुए हैं। इन्हें तोड़ने के लिए भी स्वीकृति दी जा चुकी है लेकिन तोड़े नहीं गए हैं। विद्यार्थियों और सात अध्यापकों की प्यास धर्मार्थ लगाए गए वाटर कूलर से बुझ रही है। विद्यालय के सात कमरों में लगे पंखों में से अधिकांश खराब पड़े हैं।
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सफाई के लिए नहीं है स्वीपर की व्यवस्था
विद्यालय प्रांगण की प्रतिदिन सफाई के लिए स्वीपर का पद स्वीकृत है लेकिन स्वीपर तैनात नहीं होने के कारण सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। रंग-पेंट के अभाव में विद्यालय का अधिकांश भवन बदहाली की कगार पर पहुंच चुका है। वर्षों पूर्व बने भवन के मुख्य हाल में लगाए गए लेंटर पर प्लास्टर तक नहीं है।
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- वर्जन:
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए वाटर कूलर लगाया गया है। इसके अलावा नए पंखे भी लगवा दिए गए हैं। विद्यालय के पुराने भवन को तोड़ा जा रहा है। पुरानी टंकी व शौचालयों को तुड़वाकर नए बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - संतोष कुमारी, मुख्य अध्यापिका, मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला मोहल्ला नयाबास।
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महेंद्रगढ़। शहर के मोल्लाबास में स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां शौचालय और पेयजल की सुविधा नहीं है। दो वर्ष पहले विद्यालय में बनी पेयजल की टंकी और दो शौचालयों को खंडहर घोषित किया गया था।
न तो पेयजल की टंकी और शौचालय तोड़े जा सके और न हीं इनका नए सिरे से निर्माण किया गया। विद्यालय में पंखे की व्यवस्था नहीं थी। तापमान बढ़ने पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों के लिए पंखे की व्यवस्था की। शनिवार को जब राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय की पड़ताल की गई तो हाल ही में खरीदे गए चार पंखों को लगवाने के लिए इलेक्ट्रीशियन को बुलाया गया था। शिक्षकों ने खुद चंदा लगाकर चार नए पंखे खरीदे हैं जिन्हें शनिवार को कमरों में लगवाया जा रहा था।
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विद्यालय में इस समय महज 88 विद्यार्थी हैं। विद्यालय के मुख्य द्वार के पास बनी पेयजल की टंकी व उसके साथ ही स्थित शौचालयों में कचरा जमा है। दोनों कंडम घोषित हुए हैं। इन्हें तोड़ने के लिए भी स्वीकृति दी जा चुकी है लेकिन तोड़े नहीं गए हैं। विद्यार्थियों और सात अध्यापकों की प्यास धर्मार्थ लगाए गए वाटर कूलर से बुझ रही है। विद्यालय के सात कमरों में लगे पंखों में से अधिकांश खराब पड़े हैं।
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सफाई के लिए नहीं है स्वीपर की व्यवस्था
विद्यालय प्रांगण की प्रतिदिन सफाई के लिए स्वीपर का पद स्वीकृत है लेकिन स्वीपर तैनात नहीं होने के कारण सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। रंग-पेंट के अभाव में विद्यालय का अधिकांश भवन बदहाली की कगार पर पहुंच चुका है। वर्षों पूर्व बने भवन के मुख्य हाल में लगाए गए लेंटर पर प्लास्टर तक नहीं है।
- वर्जन:
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए वाटर कूलर लगाया गया है। इसके अलावा नए पंखे भी लगवा दिए गए हैं। विद्यालय के पुराने भवन को तोड़ा जा रहा है। पुरानी टंकी व शौचालयों को तुड़वाकर नए बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - संतोष कुमारी, मुख्य अध्यापिका, मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला मोहल्ला नयाबास।