{"_id":"6862e1ee9f8a1422540d1bcd","slug":"mobile-water-testing-lab-reached-villages-tested-the-quality-of-drinking-water-narnol-news-c-196-1-nnl1004-126561-2025-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: गांवों में मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब पहुंची, जांची पेयजल की गुणवत्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: गांवों में मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब पहुंची, जांची पेयजल की गुणवत्ता
Tue, 01 Jul 2025 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 01 Jul 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर- 14पेयजल स्रोतों की रासायनिक जांच के दौरान ग्रामीणों के साथ बीआरसी अनिता भाटी। स्
नारनौल।
जल जीवन मिशन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से प्रदेश के नागरिकों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब गांव-गांव जाकर पेयजल स्रोतों की रासायनिक जांच कर रही है। सोमवार को भी विभाग की टीमें कई गांवों में पहुंची।
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि सोमवार को महेंद्रगढ़ खंड की ग्राम पंचायत जसावास, चामदेड़ा, देवास, चितलांग, भांडोर नीची, भांडोर ऊंची, कोथल खुर्द, कौथल कलां, खातोद, खायरा में पेयजल स्रोतों की जांच की गई।
उन्होंने बताया कि सरकार और विभाग का उद्देश्य है कि हर उपभोक्ता को बीआईएस 10500 मानकों के अनुरूप स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो ताकि लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। कनिष्ठ अभियंता सुशील कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने पीने के पानी की गुणवत्ता की जानकारी होना जरूरी है।
विज्ञापन
बीआरसी अनिता भाटी ने बताया कि विभाग अब मोबाइल टेस्टिंग लैब के माध्यम से हर उपभोक्ता तक पेयजल गुणवत्ता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है, जिसमें जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की टीम का महत्वपूर्ण योगदान है।
इस दौरान ग्रामीणों से भूमिगत जल को सुरक्षित रखने के लिए ग्राउंड वाटर रिचार्ज की तकनीक अपनाने की अपील की गई। इस मौके पर बीआरसी सरपंच कृष्ण कुमार, अनिता भाटी, अमित, पवन, भीम सिंह, अंकित आदि उपस्थित रहे।
आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित मोबाइल लैब
लैब सहायक उज्ज्वल कुमार ने बताया कि यह मोबाइल लैब आधुनिक जांच उपकरणों से युक्त है, जो दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी जल गुणवत्ता की जांच करने में सक्षम है। यह लैब आपातकालीन या महामारी की स्थिति में भी अस्थायी लैब के रूप में कार्य कर सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को पेयजल की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करना और जल संरक्षण का संदेश देना है।
विज्ञापन
जल जीवन मिशन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से प्रदेश के नागरिकों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब गांव-गांव जाकर पेयजल स्रोतों की रासायनिक जांच कर रही है। सोमवार को भी विभाग की टीमें कई गांवों में पहुंची।
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि सोमवार को महेंद्रगढ़ खंड की ग्राम पंचायत जसावास, चामदेड़ा, देवास, चितलांग, भांडोर नीची, भांडोर ऊंची, कोथल खुर्द, कौथल कलां, खातोद, खायरा में पेयजल स्रोतों की जांच की गई।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सरकार और विभाग का उद्देश्य है कि हर उपभोक्ता को बीआईएस 10500 मानकों के अनुरूप स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो ताकि लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। कनिष्ठ अभियंता सुशील कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने पीने के पानी की गुणवत्ता की जानकारी होना जरूरी है।
विज्ञापन
बीआरसी अनिता भाटी ने बताया कि विभाग अब मोबाइल टेस्टिंग लैब के माध्यम से हर उपभोक्ता तक पेयजल गुणवत्ता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है, जिसमें जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की टीम का महत्वपूर्ण योगदान है।
इस दौरान ग्रामीणों से भूमिगत जल को सुरक्षित रखने के लिए ग्राउंड वाटर रिचार्ज की तकनीक अपनाने की अपील की गई। इस मौके पर बीआरसी सरपंच कृष्ण कुमार, अनिता भाटी, अमित, पवन, भीम सिंह, अंकित आदि उपस्थित रहे।
आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित मोबाइल लैब
लैब सहायक उज्ज्वल कुमार ने बताया कि यह मोबाइल लैब आधुनिक जांच उपकरणों से युक्त है, जो दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी जल गुणवत्ता की जांच करने में सक्षम है। यह लैब आपातकालीन या महामारी की स्थिति में भी अस्थायी लैब के रूप में कार्य कर सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को पेयजल की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करना और जल संरक्षण का संदेश देना है।