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लापता पोते की फरियाद लेकर आई दादी मंत्री के सामने हुई बेहोश
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 06 Jun 2016 11:54 PM IST
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फरियाद लेकर आई महिला हुई बेहोश
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जन परिवेदना समिति की बैठक में छह माह से लापता अपने पोते की फरियाद लेकर आई वृद्ध दादी प्रेमलता फरियाद रखती रखती जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम दास सर्राफ के सामने बेहोश होकर गिर गई। महिला के बेहोश होते ही मौके पर मौजूद सभी अधिकारी सकते में आ गए। डीसी ने अचानक सीएमओ को महिला को चेक करने के लिए कहा। स्नसके बाद आए उप सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने महिला को होश में लाए। बाद में महिला का वहीं उपचार कर उसे घर भेज दिया गया।
गांव खुड़ाना की महिला प्रेम देवी सोमवार को यहां आयोजित जन परिवेदना समिति की बैठक में फरियाद लेकर आई थी। महिला के बेटे योगेश कुमार की शिकायत थी कि उसका पांच साल का बेटा शुभम 14 नवंबर 2015 से शाम को चार बजे घर के बाहर खेल रहा था। उसका किसी व्यक्ति ने अपहरण कर लिया। इसकी रिपोर्ट उन्होंने 15 नवंबर 2015 को सुबह साढ़े चार बजे आकोदा पुलिस चौकी थाना महेंद्रगढ़ को दर्ज करा दी थी। इसके बाद पुलिस आज तक उसकी तलाश नहीं कर पाई है। इस बारे में वे पूर्व में एसपी मनीषा चौधरी, डीएसपी, सीआईए इंचार्ज आदि से काफी बार मिले, मगर उनके लड़के का कोई सुराग नहीं लगा। उन्होंने बताया कि उनका बच्चा मात्र पांच साल का है। ज्यो-ज्यो समय बीतता जा रहा है, उसकी जिंदगी को खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं उनकी सारी आशाएं धूमिल होती जा रही हैं। उन्होंने इस केस को स्पेशल क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की मांग की।
जाम भी लगाया था लोगों ने
महिला ने कहा कि वे पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इस बारे में उन्होंने जाम भी लगाया, मगर समाधान नहीं हुआ। वहीं महिला प्रेमलता यह बताने लगी उनका बच्चा ही क्यों उठा, मंत्री या पुलिस वाले का बच्चा क्यों नहीं उठता। यह बताते बताते वह भावुक हो गई तथा बेहोश होकर गिर गई। महिला के गिरते ही सभी अधिकारी सकते में आ गए। घबराए अधिकारियों ने तुरंत चिकित्सकों को बुलाया तथा महिला का उपचार किया। करीब 10 मिनट बाद महिला होश में आई। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। बाद में महिला को वहां से पुलिस कर्मियों की मदद से उठा कर उसका वहीं इलाज कराया।
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बैठक में अधिकतर मामले पुलिस से संबंधित
जन परिवेदना समिति की मासिक बैठक में कुल 19 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इन 19 मामलों में से 08 मामले पुलिस विभाग से संबंधित थे। इसका जिक्र बार-बार डीसी, अन्य अधिकारी व समिति के सदस्य भी कर रहे थे कि मामले ज्यादा पुलिस विभाग से संबंधित क्यों हैं।
समिति के सदस्यों ने उठाया तहसील में भ्रष्टाचार का मुद्दा
जनपरिवेदना समिति की बैठक में समिति के सदस्यों ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। समिति के सदस्य पृथ्वीराज यादव एडवोकेट तथा सत्यव्रत शास्त्री ने तहसील में रजिस्टरी के समय हो रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर शोर से उठाया। इसका अन्य सदस्यों ने भी समर्थन किया।
यह कहा मंत्री ने
इस मौके पर जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम दास सर्राफ ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति पर चल रही है। अगर कोई अधिकारी अनैतिक काम में लिप्त पाया जाता है तो सरकार उसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं करेंगे। सर्राफ ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को अधिकारी ईमानदारी के साथ लागू करें। दूर-देहात से आने वाले लोगों के दुख-तकलीफ को समझें।
बैठक में रखे गए कुल 19 मामले
आज की बैठक में कुल 19 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इनमें 8 मामले पुलिस विभाग व 2 मामले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा एक-एक मामले एसडीएम महेंद्रगढ़, डीडीपीओ, डीईटीसी, सिविल सर्जन, एलडीएम बैंक, समाज कल्याण अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी, सचिव नगर परिषद व पीओआईसीडीएस से संबंधित रखे गए। इनमें से ज्यादातर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।
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गांव खुड़ाना की महिला प्रेम देवी सोमवार को यहां आयोजित जन परिवेदना समिति की बैठक में फरियाद लेकर आई थी। महिला के बेटे योगेश कुमार की शिकायत थी कि उसका पांच साल का बेटा शुभम 14 नवंबर 2015 से शाम को चार बजे घर के बाहर खेल रहा था। उसका किसी व्यक्ति ने अपहरण कर लिया। इसकी रिपोर्ट उन्होंने 15 नवंबर 2015 को सुबह साढ़े चार बजे आकोदा पुलिस चौकी थाना महेंद्रगढ़ को दर्ज करा दी थी। इसके बाद पुलिस आज तक उसकी तलाश नहीं कर पाई है। इस बारे में वे पूर्व में एसपी मनीषा चौधरी, डीएसपी, सीआईए इंचार्ज आदि से काफी बार मिले, मगर उनके लड़के का कोई सुराग नहीं लगा। उन्होंने बताया कि उनका बच्चा मात्र पांच साल का है। ज्यो-ज्यो समय बीतता जा रहा है, उसकी जिंदगी को खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं उनकी सारी आशाएं धूमिल होती जा रही हैं। उन्होंने इस केस को स्पेशल क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की मांग की।
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जाम भी लगाया था लोगों ने
महिला ने कहा कि वे पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इस बारे में उन्होंने जाम भी लगाया, मगर समाधान नहीं हुआ। वहीं महिला प्रेमलता यह बताने लगी उनका बच्चा ही क्यों उठा, मंत्री या पुलिस वाले का बच्चा क्यों नहीं उठता। यह बताते बताते वह भावुक हो गई तथा बेहोश होकर गिर गई। महिला के गिरते ही सभी अधिकारी सकते में आ गए। घबराए अधिकारियों ने तुरंत चिकित्सकों को बुलाया तथा महिला का उपचार किया। करीब 10 मिनट बाद महिला होश में आई। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। बाद में महिला को वहां से पुलिस कर्मियों की मदद से उठा कर उसका वहीं इलाज कराया।
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बैठक में अधिकतर मामले पुलिस से संबंधित
जन परिवेदना समिति की मासिक बैठक में कुल 19 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इन 19 मामलों में से 08 मामले पुलिस विभाग से संबंधित थे। इसका जिक्र बार-बार डीसी, अन्य अधिकारी व समिति के सदस्य भी कर रहे थे कि मामले ज्यादा पुलिस विभाग से संबंधित क्यों हैं।
समिति के सदस्यों ने उठाया तहसील में भ्रष्टाचार का मुद्दा
जनपरिवेदना समिति की बैठक में समिति के सदस्यों ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। समिति के सदस्य पृथ्वीराज यादव एडवोकेट तथा सत्यव्रत शास्त्री ने तहसील में रजिस्टरी के समय हो रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर शोर से उठाया। इसका अन्य सदस्यों ने भी समर्थन किया।
यह कहा मंत्री ने
इस मौके पर जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम दास सर्राफ ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति पर चल रही है। अगर कोई अधिकारी अनैतिक काम में लिप्त पाया जाता है तो सरकार उसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं करेंगे। सर्राफ ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को अधिकारी ईमानदारी के साथ लागू करें। दूर-देहात से आने वाले लोगों के दुख-तकलीफ को समझें।
बैठक में रखे गए कुल 19 मामले
आज की बैठक में कुल 19 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इनमें 8 मामले पुलिस विभाग व 2 मामले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा एक-एक मामले एसडीएम महेंद्रगढ़, डीडीपीओ, डीईटीसी, सिविल सर्जन, एलडीएम बैंक, समाज कल्याण अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी, सचिव नगर परिषद व पीओआईसीडीएस से संबंधित रखे गए। इनमें से ज्यादातर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।