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Mahendragarh-Narnaul News: गुणवत्ता के फेर में फंसी बाजरे की खरीद, किसान, व्यापारी और अधिकार परेशान
Sat, 27 Sep 2025 07:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 27 Sep 2025 07:25 PM IST
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फोटो संख्या:65- महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में बाजरे के सैंपल लेने के बाद कार्रवाई करते वैयर हाउस रेव
महेंद्रगढ़। प्रदेश सरकार की ओर से चार दिन पहले मंडियों में शुरू की गई बाजरे की खरीद अब किसानों और व्यापारियों के साथ अधिकारियों के जी का जंजाल बनी है। चार दिन में एक दान भी नहीं खरीदा गया।
मंडियों में लाया जा रहा बाजरा प्रदेश सरकार की खरीद एजेंसी की गुणवत्ता के पैमाने पर खरा नहीं उतरा तो खरीद से इंकार कर दिया गया। वीरवार को भी वेयर हाउस की ओर से खरीद शुरू नहीं होने के कारण मार्केट कमेटी के मंडी स्थित कार्यालय पर ताला लगा पड़ा है। चार दिन से मंडियों में किसान, व्यापारियों के साथ जिम्मेदार अधिकारी भी परेशान हैं। आढ़तियों को ढेरियों की रखवाली करनी पड़ रही है।
जिम्मेदारों की ओर से पिछले तीन दिन के दौरान दो बार बाजरे के सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। पिछले चार दिनों के दौरान जिले की छह मंडियों में 893 किसान 23680 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंचे हैं लेकिन मंडियों में ढेरियां लगी हैं तथा खरीद तक शुरू नहीं हो पाई है।
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प्रदेश सरकार द्वारा मंडियों में बाजरे की खरीद शुरू कर दी गई लेकिन चार दिन में एक दान भी नहीं खरीदा गया। खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसान भी आढ़तियों के यहां ढेरियां लगाकर उन्हें टोकन व कांटा पर्ची थमाकर चले जाते हैं। इस बार अधिक बरसात के कारण पहले ही बाजरे की गुणवत्ता प्रभावित हुई थी अब किसान पर मंडियों तक पहुंचने के लिए दोहरी मार पड़ रही है। यदि ढेरी अनसॉल्ड रहती है तो किसान व व्यापारी दोनों पर ही मजदूरी की दोहरी मार पड़ रही है। - बिजेंद्र यादव, अनाज मंडी प्रधान महेंद्रगढ़
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बाजरा बिक्री के लिए चार दिनों से चक्कर लगा रहा है। टोकन तो मिल गया लेकिन खरीद नहीं हुई है। आढ़ती की ओर से बताया जा रहा है कि गुणवत्ता में कमी हुई और ढेरी की खरीद नहीं हुई तो उसे ढेरी ले जानी पड़ेगी। उपज को ट्रैक्टर-ट्राॅली में डालकर यहां उतारने में भी अतिरिक्त खर्च लग रहा है। नहीं बिका तो दोहरी मार भी मजदूरी के रूप में पड़ेगी। किसान असमंजस की स्थिति में है बिना उपज बिक्री के भावांतर योजना का लाभ नहीं ले पाएगा। प्रदेश सरकार या तो भावांतर का पैसा सीधे किसान के खाते में डाल कहीं भी उपज बिक्री का विकल्प किसान को देती तो किसान खेत या घर से बिक्री कर सकता था।
-- - सुबे सिंह, किसान गांव निहालावास
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आढ़तियों को प्रदेश सरकार द्वारा बाजरे की खरीद पर ढाई प्रतिशत आढ़ती दी जाती है लेकिन जब खरीद शुरू नहीं होगी तब तक व्यापारी पर किसान की उपज को अनलोडिंग कराने के लिए मजदूरी की मार पड़ रही है। जब खरीद नहीं होगी तो व्यापारी केवल ढेरियों की रखवाली तक सीमित रह जाएगा। दो दिनों तक तकनीकी खामियों के चलते खरीद नहीं हुई थी अब गुणवत्ता के पैमाने में खरी नहीं उतरने के कारण उपज खरीद से इंकार किया जा रहा है। कुल मिलाकर व्यापारी व किसान दोनों परेशान हैं।
-- - मुकेश कुमार झूकीया, मंडी व्यापारी महेंद्रगढ़
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किसान को उपज मंडी तक लाने के लिए अतिरिक्त खर्चा करना पड़ता है लेकिन भावांतर योजना का पैसा सीधे किसान के खाते में सीधा डाला जाता तो किसान आसानी से अपने घर पर भी निजी व्यापारियों को उपज बिक्री कर सकता था लेकिन किसान मंडी तक उपज पहुंचाने के लिए किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य वाहन लेकर आते हैं। मंडी में पता चलता है कि अभी खरीद शुरू नहीं हुई है।
-- - रामपत शर्मा, किसान गांव अगिहार
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- वर्जन: 1
उच्चाधिकारियों के आदेशों पर मंडी पहुंचकर पांच आढ़तियों की ढेरियों के नमूने लिए गए हैं। इनको रेवाड़ी जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच के उपरांत जो भी उच्चाधिकारियों की ओर से निर्णय लिया जाएगा उसी के आधार पर खरीद की जाएगी।
-- - राजेश सिंह तंवर, तकनीकि अधिकारी वेयरहाउस रेवाड़ी
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मंडियों में लाया जा रहा बाजरा प्रदेश सरकार की खरीद एजेंसी की गुणवत्ता के पैमाने पर खरा नहीं उतरा तो खरीद से इंकार कर दिया गया। वीरवार को भी वेयर हाउस की ओर से खरीद शुरू नहीं होने के कारण मार्केट कमेटी के मंडी स्थित कार्यालय पर ताला लगा पड़ा है। चार दिन से मंडियों में किसान, व्यापारियों के साथ जिम्मेदार अधिकारी भी परेशान हैं। आढ़तियों को ढेरियों की रखवाली करनी पड़ रही है।
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जिम्मेदारों की ओर से पिछले तीन दिन के दौरान दो बार बाजरे के सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। पिछले चार दिनों के दौरान जिले की छह मंडियों में 893 किसान 23680 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंचे हैं लेकिन मंडियों में ढेरियां लगी हैं तथा खरीद तक शुरू नहीं हो पाई है।
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प्रदेश सरकार द्वारा मंडियों में बाजरे की खरीद शुरू कर दी गई लेकिन चार दिन में एक दान भी नहीं खरीदा गया। खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसान भी आढ़तियों के यहां ढेरियां लगाकर उन्हें टोकन व कांटा पर्ची थमाकर चले जाते हैं। इस बार अधिक बरसात के कारण पहले ही बाजरे की गुणवत्ता प्रभावित हुई थी अब किसान पर मंडियों तक पहुंचने के लिए दोहरी मार पड़ रही है। यदि ढेरी अनसॉल्ड रहती है तो किसान व व्यापारी दोनों पर ही मजदूरी की दोहरी मार पड़ रही है। - बिजेंद्र यादव, अनाज मंडी प्रधान महेंद्रगढ़
बाजरा बिक्री के लिए चार दिनों से चक्कर लगा रहा है। टोकन तो मिल गया लेकिन खरीद नहीं हुई है। आढ़ती की ओर से बताया जा रहा है कि गुणवत्ता में कमी हुई और ढेरी की खरीद नहीं हुई तो उसे ढेरी ले जानी पड़ेगी। उपज को ट्रैक्टर-ट्राॅली में डालकर यहां उतारने में भी अतिरिक्त खर्च लग रहा है। नहीं बिका तो दोहरी मार भी मजदूरी के रूप में पड़ेगी। किसान असमंजस की स्थिति में है बिना उपज बिक्री के भावांतर योजना का लाभ नहीं ले पाएगा। प्रदेश सरकार या तो भावांतर का पैसा सीधे किसान के खाते में डाल कहीं भी उपज बिक्री का विकल्प किसान को देती तो किसान खेत या घर से बिक्री कर सकता था।
आढ़तियों को प्रदेश सरकार द्वारा बाजरे की खरीद पर ढाई प्रतिशत आढ़ती दी जाती है लेकिन जब खरीद शुरू नहीं होगी तब तक व्यापारी पर किसान की उपज को अनलोडिंग कराने के लिए मजदूरी की मार पड़ रही है। जब खरीद नहीं होगी तो व्यापारी केवल ढेरियों की रखवाली तक सीमित रह जाएगा। दो दिनों तक तकनीकी खामियों के चलते खरीद नहीं हुई थी अब गुणवत्ता के पैमाने में खरी नहीं उतरने के कारण उपज खरीद से इंकार किया जा रहा है। कुल मिलाकर व्यापारी व किसान दोनों परेशान हैं।
किसान को उपज मंडी तक लाने के लिए अतिरिक्त खर्चा करना पड़ता है लेकिन भावांतर योजना का पैसा सीधे किसान के खाते में सीधा डाला जाता तो किसान आसानी से अपने घर पर भी निजी व्यापारियों को उपज बिक्री कर सकता था लेकिन किसान मंडी तक उपज पहुंचाने के लिए किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य वाहन लेकर आते हैं। मंडी में पता चलता है कि अभी खरीद शुरू नहीं हुई है।
- वर्जन: 1
उच्चाधिकारियों के आदेशों पर मंडी पहुंचकर पांच आढ़तियों की ढेरियों के नमूने लिए गए हैं। इनको रेवाड़ी जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच के उपरांत जो भी उच्चाधिकारियों की ओर से निर्णय लिया जाएगा उसी के आधार पर खरीद की जाएगी।

फोटो संख्या:65- महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में बाजरे के सैंपल लेने के बाद कार्रवाई करते वैयर हाउस रेव

फोटो संख्या:65- महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में बाजरे के सैंपल लेने के बाद कार्रवाई करते वैयर हाउस रेव

फोटो संख्या:65- महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में बाजरे के सैंपल लेने के बाद कार्रवाई करते वैयर हाउस रेव

फोटो संख्या:65- महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में बाजरे के सैंपल लेने के बाद कार्रवाई करते वैयर हाउस रेव

फोटो संख्या:65- महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में बाजरे के सैंपल लेने के बाद कार्रवाई करते वैयर हाउस रेव