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एडीसी सुबह गांवों में जाकर रुकवाएंगे खुले में शौच
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 23 Jun 2016 11:46 PM IST
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प्रिसिपल सेक्रेटरी ने अधिकारियों की मीटिंग ली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खुले में शौच मुक्त प्रदेश के लिए एडीसी सुबह-सुबह गांवों में जाकर खुले में शौच करवाना रुकवाएंगे। शर्म, डर और होने वाली बीमारियों का हवाला देकर लोगों की आदत में बदलाव लाना होगा। मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने वीरवार को गुड़गांव मंडल की बैठक में इस आशय के निर्देश जारी किए। बैठक में उन्होंने गिरते लिंगानुपात को सुधारने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने, पीसीपीएनडीटी के मामलों में अदालत में मुकरने वाले सरकारी कर्मचारियों की लिस्ट तैयार उनको चार्जशीट करने, दिसंबर को प्रदेश को शौच मुक्त कर शहरों को खुले में पेशाब मुक्त करने, सीएम विंडो की शिकायतों को निपटाने, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अलावा केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने सीएम विंडो पर आई शिकायत को नजरअंदाज करने के आरोप में नूंह के डीईटीसी एक्साइज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने वीरवार को पंचायत भवन में गुड़गांव मंडल के गुड़गांव, मेवात, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी और नारनौल के डीसी, एडीसी और अन्य अधिकारियों की बैठक ली। करीब आठ घंटे चली बैठक में प्रदेश और केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान सीएम विंडो पर आई शिकायत को नजरअंदाज करने के आरोप में गुप्ता ने नूह के डीईटीसी एक्साइज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दिसंबर तक प्रदेश खुले में शौच मुक्त हो
स्वच्छता के संबंध में मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने कहा कि इस साल के अंत तक प्रदेश को पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्ति दिलानी है। अब खुले में पेशाब करने की प्रथा भी खत्म करनी है। शहरों में यह समस्या सबसे अधिक है। इसके लिए सभी एडीसी सुबह-सुबह गांव का दौरा करें और लोगों को समझाएं।
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उन्होंने कहा कि लोग शर्म और डर की वजह से ही शौच की आदत बदलेंगे। जब एडीसी गांव में जाकर ऐसे लोगों से मिलेंगे तो उनको शर्म आएगी। इसके बाद उन्हें इससे होने वाली बीमारियों का भय दिखाएं वे जरूर अपनी आदत को बदलेंगे।
इस साल के बाद अगला सर्वे एक अन्य एजेंसी से कराया जाएगा ताकि सही स्थिति का पता चल सके। पंचायतों को स्वच्छता पर सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इस बारे में लोगों को जागरूक करें। स्कूलों में शौचालयों की समीक्षा कर उन्होंने कहा कि जब स्टाफ के प्रयोग होने वाले शौचालय की सफाई हो सकती है तो बच्चों के शौचालयों की क्यों नहीं हो सकती। स्कूलों का औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी प्रकार की सुविधाएं वहां मौजूद हों।
कर्मियों के खिलाफ तैयार हो आंकड़ा
उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी के मामलों में कोर्ट में मुकरने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सभी उपायुक्त आंकड़ा तैयार करें। उनको तुरंत चार्जशीट किया जाएगा। एपीएस ने कहा कि पीएम, सीएम और डीएम का इसी बात पर जोर है तो फिर कैसे लड़कियों को गर्भ में मारा जा रहा है। इन मामलों में किसी की नहीं सुननी। आपके ऊपर सिर्फ सीएम है और उनकी मंशा है कि राज्य की बेटी बचे भी और पढ़े भी। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के विषय में जिलेवार समीक्षा कर गुप्ता ने कहा कि हमारे पास प्रभु और कानून की शक्ति है, जो लड़कियों को मारने वाले राक्षसों के पास नहीं है। सभी जिले एक यूनिट के रूप में काम करें और यह सुनिश्चित करें कि एक भी बालिका न मरे। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य करने वालों को आदत पड़ जाती है। इनको सुधारने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे। अगले दो साल में एड़ी-चोटी का जोर लगाकर केस बनाएं, दुरुस्त जांच कराएं और बेहतर ढंग से मुकदमे लड़ें ताकि इनके हौसले पस्त हों।
सीएम विंडो पर आई शिकायतों को गंभीरता से लें
मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने सीएम विंडो के संबंध में बताया कि अब तक प्रदेश में 56 अधिकारी निलंबित हो चुके हैं। इस मामले को पूरी गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि जितनी भी लंबित शिकायतें हैं, उनका तुरंत निपटारा किया जाए। कोई शिकायत तकनीकी रूप से ऐसी है जिस पर काम नहीं हो सकता तो उसका पत्र सीएम सेल को भेजकर अवगत करावें। सीएम विंडो पर ज्यादातर शिकायतें अवैध कब्जे की होती हैं। इसके लिए रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर निशानदेही करके कार्यवाही करें। राज्य में एक हजार पटवारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जब ये पटवारी आ जाएंगे तो निशानदेही से जुड़े मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाएगा।
सीएम घोषणाओं को समय पर करें पूरा
मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर की गई घोषणाओं के संबंध में एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इन घोषणाओं को तय समय में पूरा करें। अगर मुख्यालय स्तर पर कोई काम लंबित है तो संबंधित विभाग के मुखिया को बार-बार पत्र, एसएमएस और व्हाट्स-एप पर सूचना दें। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो सीएम सेल को अलर्ट करें। इस मामले को लेकर राज्य सरकार बहुत गंभीर है। गुप्ता ने कहा कि ज्यादातर मामलों में कम्यूनिकेशन सहीं ढंग से नहीं हो पाता और वे घोषणाएं लंबे समय तक लटकी रहती हैं।
ये लोग मौजूद रहे
इस बैठक में सीएम के ओएसडी मुकुल कुमार, ओएसडी भूपेश्वर दयाल, निदेशक एनआईसी संजय शर्मा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के को-आर्डिनेटर डॉ. सिंगला, सीएम सेल से पंकज, गौरव और मंडल के सभी जिलों के उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त मौजूद थे।
बैठक में मीडिया को रखा गया दूर
बैठक के दौरान मीडिया को दूर ही रखा गया। बैठक में अधिकारियों के अलावा मीडिया से संबंधित फोटोग्राफर और रिपोर्टर को प्रवेश नहीं करने दिया। बैठक के बीच में लंच के समय में केवल पत्रकारवार्ता में एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने जिले में बिगड़ते लिंगानुपात को सुधारने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गिरता लिंगानुपात चिंता का विषय है। इसको सुधारने पर ज्यादा से ज्यादा बल दिया जाएगा। वहीं उन्होंने सरकार की अन्य कई योजनाएं भी गिनाई।
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मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने वीरवार को पंचायत भवन में गुड़गांव मंडल के गुड़गांव, मेवात, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी और नारनौल के डीसी, एडीसी और अन्य अधिकारियों की बैठक ली। करीब आठ घंटे चली बैठक में प्रदेश और केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान सीएम विंडो पर आई शिकायत को नजरअंदाज करने के आरोप में गुप्ता ने नूह के डीईटीसी एक्साइज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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दिसंबर तक प्रदेश खुले में शौच मुक्त हो
स्वच्छता के संबंध में मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने कहा कि इस साल के अंत तक प्रदेश को पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्ति दिलानी है। अब खुले में पेशाब करने की प्रथा भी खत्म करनी है। शहरों में यह समस्या सबसे अधिक है। इसके लिए सभी एडीसी सुबह-सुबह गांव का दौरा करें और लोगों को समझाएं।
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उन्होंने कहा कि लोग शर्म और डर की वजह से ही शौच की आदत बदलेंगे। जब एडीसी गांव में जाकर ऐसे लोगों से मिलेंगे तो उनको शर्म आएगी। इसके बाद उन्हें इससे होने वाली बीमारियों का भय दिखाएं वे जरूर अपनी आदत को बदलेंगे।
इस साल के बाद अगला सर्वे एक अन्य एजेंसी से कराया जाएगा ताकि सही स्थिति का पता चल सके। पंचायतों को स्वच्छता पर सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इस बारे में लोगों को जागरूक करें। स्कूलों में शौचालयों की समीक्षा कर उन्होंने कहा कि जब स्टाफ के प्रयोग होने वाले शौचालय की सफाई हो सकती है तो बच्चों के शौचालयों की क्यों नहीं हो सकती। स्कूलों का औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी प्रकार की सुविधाएं वहां मौजूद हों।
कर्मियों के खिलाफ तैयार हो आंकड़ा
उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी के मामलों में कोर्ट में मुकरने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सभी उपायुक्त आंकड़ा तैयार करें। उनको तुरंत चार्जशीट किया जाएगा। एपीएस ने कहा कि पीएम, सीएम और डीएम का इसी बात पर जोर है तो फिर कैसे लड़कियों को गर्भ में मारा जा रहा है। इन मामलों में किसी की नहीं सुननी। आपके ऊपर सिर्फ सीएम है और उनकी मंशा है कि राज्य की बेटी बचे भी और पढ़े भी। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के विषय में जिलेवार समीक्षा कर गुप्ता ने कहा कि हमारे पास प्रभु और कानून की शक्ति है, जो लड़कियों को मारने वाले राक्षसों के पास नहीं है। सभी जिले एक यूनिट के रूप में काम करें और यह सुनिश्चित करें कि एक भी बालिका न मरे। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य करने वालों को आदत पड़ जाती है। इनको सुधारने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे। अगले दो साल में एड़ी-चोटी का जोर लगाकर केस बनाएं, दुरुस्त जांच कराएं और बेहतर ढंग से मुकदमे लड़ें ताकि इनके हौसले पस्त हों।
सीएम विंडो पर आई शिकायतों को गंभीरता से लें
मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने सीएम विंडो के संबंध में बताया कि अब तक प्रदेश में 56 अधिकारी निलंबित हो चुके हैं। इस मामले को पूरी गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि जितनी भी लंबित शिकायतें हैं, उनका तुरंत निपटारा किया जाए। कोई शिकायत तकनीकी रूप से ऐसी है जिस पर काम नहीं हो सकता तो उसका पत्र सीएम सेल को भेजकर अवगत करावें। सीएम विंडो पर ज्यादातर शिकायतें अवैध कब्जे की होती हैं। इसके लिए रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर निशानदेही करके कार्यवाही करें। राज्य में एक हजार पटवारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जब ये पटवारी आ जाएंगे तो निशानदेही से जुड़े मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाएगा।
सीएम घोषणाओं को समय पर करें पूरा
मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर की गई घोषणाओं के संबंध में एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इन घोषणाओं को तय समय में पूरा करें। अगर मुख्यालय स्तर पर कोई काम लंबित है तो संबंधित विभाग के मुखिया को बार-बार पत्र, एसएमएस और व्हाट्स-एप पर सूचना दें। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो सीएम सेल को अलर्ट करें। इस मामले को लेकर राज्य सरकार बहुत गंभीर है। गुप्ता ने कहा कि ज्यादातर मामलों में कम्यूनिकेशन सहीं ढंग से नहीं हो पाता और वे घोषणाएं लंबे समय तक लटकी रहती हैं।
ये लोग मौजूद रहे
इस बैठक में सीएम के ओएसडी मुकुल कुमार, ओएसडी भूपेश्वर दयाल, निदेशक एनआईसी संजय शर्मा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के को-आर्डिनेटर डॉ. सिंगला, सीएम सेल से पंकज, गौरव और मंडल के सभी जिलों के उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त मौजूद थे।
बैठक में मीडिया को रखा गया दूर
बैठक के दौरान मीडिया को दूर ही रखा गया। बैठक में अधिकारियों के अलावा मीडिया से संबंधित फोटोग्राफर और रिपोर्टर को प्रवेश नहीं करने दिया। बैठक के बीच में लंच के समय में केवल पत्रकारवार्ता में एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश गुप्ता ने जिले में बिगड़ते लिंगानुपात को सुधारने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गिरता लिंगानुपात चिंता का विषय है। इसको सुधारने पर ज्यादा से ज्यादा बल दिया जाएगा। वहीं उन्होंने सरकार की अन्य कई योजनाएं भी गिनाई।