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तमगा एनएच का, हालत अप्रोच रोड से भी बदतर
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sun, 10 Jul 2016 11:55 PM IST
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नारनौल। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद करीब दो साल में जिला में दो नेशनल हाइवे को मंजूरी बेशक मिल गई हो, मगर एक नेशनल हाइवे की हालत बहुत ही खस्ता है। जिस पर चलना भी लोगों के लिए बहुत कठिन हो गया है। उधर लोगों का कहना है कि सरकार ने इसे केवल नाम दिया है, काम इस पर कुछ नहीं हुआ है।
प्रदेश सरकार ने दो साल में जिला में दो नेशनल हाइवे को मंजूरी दिलाई है। इनमें से एक नेशनल हाइवे नंबर 11 है, जो रेवाड़ी से झुंझुनूं तक बनना प्रस्तावित है। वहीं दूसरा नेशनल हाइवे राजस्थान से जा रहे नेशनल हाइवे नंबर दस को नारनौल, महेंद्रगढ़ होते हुए भिवानी के खरक बौंद तक जाएगा। जिसका नाम 148-ए रखा गया है। इन दो हाइवे में से 148-ए पर तो सरकार ने काम करा दिया। जिससे यह हाइवे अब ठीक ठाक स्थिति में है तथा इसके फोरलेन बनाने के जल्द ही टेंडर भी छोड़े जाएंगे, मगर सरकार द्वारा घोषित दूसरे नेशनल हाइवे नंबर 11 की हालत बहुत ही खस्ता बनी हुई है।
जिला की सीमा से ही खराब होने लग जाता है यह रोड
नेशनल हाइवे नंबर 11 जिला रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ जिला में प्रवेश करते ही खराब स्थिति में आ जाता है। जिला की सीमा के बाद नारनौल तक कई जगह यह मार्ग टूटा हुआ है। वहीं सबसे ज्यादा बुरा हाल इसका नारनौल शहर के अंदर है। यहां पर यह पूरी तरह से टूट गया है। जिसके कारण इस रोड पर चलना भी बड़ा मुश्किल भरा हो गया है।
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इन स्थानों पर टूटा हुआ है रोड
शहर के मुख्य मार्गों की हालत वैसे ही खस्ता बनी हुई है। वहीं रेवाड़ी रोड से बस स्टैंड, महावीर चौक होते हुए सिंघाना रोड तक जाने वाले इस नेशनल हाइवे में कई-कई जगहों पर गहरे-गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इसके अलावा सुभाष पार्क से महावीर चौक और महावीर चौक से बस स्टैंड तक इस रोड की हालत काफी दयनीय है।
गड्ढों में गिरने से हो चुके कई हादसे
इन गड्ढों में गिरने से लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे ही रेवाड़ी रोड पर भी करीब दस माह पूर्व ओमवति अस्पताल के सामने बने गड्ढों की वजह से एक युवक की मौत हो गई थी। इसके अलावा नौ माह पूर्व एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। सिंघाना रोड व रेवाड़ी रोड पर बने इन गड्ढों के कारण यहां पूरा दिन धूल व मिट्टी उड़ती रहती है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी होती है।
महावीर चौक की ओर आते व जाते समय दोनों ओर सिंघाना व रेवाड़ी रोड पर बने गड्ढों के कारण कई हादसे हो चुके हैं, मगर प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।---विक्रम
सरकार ने यदि इस रोड को नेशनल हाइवे घोषित कर दिया है तो इस रोड के रख रखाव व मरम्मत की ओर भी ध्यान देना चाहिए। यह रोड नेशनल हाइवे जैसा दिखता ही नहीं।----अशोक
शहर के रोडों पर बने इन गड्ढों के कारण आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर जल्द से जल्द इन रोडों को ठीक कराना चाहिए।---राजेश कुमार
नेशनल हाइवे होने के बाद भी रेवाड़ी व सिंघाना रोड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं क्षतिग्रस्त रोड होने के कारण कोई भी पत्थर जल्द ही इन गड्ढों को ठीक करवा दिया जाएगा। यहां कई जगह पैच वर्क का कार्य भी किया जाएगा, लोगों को जल्द ही इन गड्ढों से निजात मिल जाएगी। अभी इस रोड को नया बनाने की कोई योजना नहीं है।
सज्जन कुमार, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, नारनौल।
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प्रदेश सरकार ने दो साल में जिला में दो नेशनल हाइवे को मंजूरी दिलाई है। इनमें से एक नेशनल हाइवे नंबर 11 है, जो रेवाड़ी से झुंझुनूं तक बनना प्रस्तावित है। वहीं दूसरा नेशनल हाइवे राजस्थान से जा रहे नेशनल हाइवे नंबर दस को नारनौल, महेंद्रगढ़ होते हुए भिवानी के खरक बौंद तक जाएगा। जिसका नाम 148-ए रखा गया है। इन दो हाइवे में से 148-ए पर तो सरकार ने काम करा दिया। जिससे यह हाइवे अब ठीक ठाक स्थिति में है तथा इसके फोरलेन बनाने के जल्द ही टेंडर भी छोड़े जाएंगे, मगर सरकार द्वारा घोषित दूसरे नेशनल हाइवे नंबर 11 की हालत बहुत ही खस्ता बनी हुई है।
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जिला की सीमा से ही खराब होने लग जाता है यह रोड
नेशनल हाइवे नंबर 11 जिला रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ जिला में प्रवेश करते ही खराब स्थिति में आ जाता है। जिला की सीमा के बाद नारनौल तक कई जगह यह मार्ग टूटा हुआ है। वहीं सबसे ज्यादा बुरा हाल इसका नारनौल शहर के अंदर है। यहां पर यह पूरी तरह से टूट गया है। जिसके कारण इस रोड पर चलना भी बड़ा मुश्किल भरा हो गया है।
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इन स्थानों पर टूटा हुआ है रोड
शहर के मुख्य मार्गों की हालत वैसे ही खस्ता बनी हुई है। वहीं रेवाड़ी रोड से बस स्टैंड, महावीर चौक होते हुए सिंघाना रोड तक जाने वाले इस नेशनल हाइवे में कई-कई जगहों पर गहरे-गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इसके अलावा सुभाष पार्क से महावीर चौक और महावीर चौक से बस स्टैंड तक इस रोड की हालत काफी दयनीय है।
गड्ढों में गिरने से हो चुके कई हादसे
इन गड्ढों में गिरने से लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे ही रेवाड़ी रोड पर भी करीब दस माह पूर्व ओमवति अस्पताल के सामने बने गड्ढों की वजह से एक युवक की मौत हो गई थी। इसके अलावा नौ माह पूर्व एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। सिंघाना रोड व रेवाड़ी रोड पर बने इन गड्ढों के कारण यहां पूरा दिन धूल व मिट्टी उड़ती रहती है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी होती है।
महावीर चौक की ओर आते व जाते समय दोनों ओर सिंघाना व रेवाड़ी रोड पर बने गड्ढों के कारण कई हादसे हो चुके हैं, मगर प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।---विक्रम
सरकार ने यदि इस रोड को नेशनल हाइवे घोषित कर दिया है तो इस रोड के रख रखाव व मरम्मत की ओर भी ध्यान देना चाहिए। यह रोड नेशनल हाइवे जैसा दिखता ही नहीं।----अशोक
शहर के रोडों पर बने इन गड्ढों के कारण आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर जल्द से जल्द इन रोडों को ठीक कराना चाहिए।---राजेश कुमार
नेशनल हाइवे होने के बाद भी रेवाड़ी व सिंघाना रोड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं क्षतिग्रस्त रोड होने के कारण कोई भी पत्थर जल्द ही इन गड्ढों को ठीक करवा दिया जाएगा। यहां कई जगह पैच वर्क का कार्य भी किया जाएगा, लोगों को जल्द ही इन गड्ढों से निजात मिल जाएगी। अभी इस रोड को नया बनाने की कोई योजना नहीं है।
सज्जन कुमार, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, नारनौल।