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भागवत कथा के श्रवण से मिल जाती है पापों से मुक्ति : राकेश
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फोटो संख्या:51- गांव बाघोत में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं को कथा सुनाते कथाव्
कनीना। उपमंडल के गांव बाघोत के बाघेश्वर धाम में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भागवत कथा श्रवण से होने वाले फायदे के बारे जानकारी दी।
कथा व्यास आचार्य राकेश कृष्ण शास्त्री ने बताया कि भागवत कथा श्रवण मात्र से पाप से मुक्ति मिलती है। जिस स्थान पर कथा होती है वहां भगवान विराजमान होते हैं। भगवान नाम के जाप से सारे विपत्ति नाश हो जाते हैं। इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है।
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है की कर्म ही प्रधान है। बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है। जो मनुष्य अच्छा व सत्कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है। बुरे कर्म करने वाले को हमेशा बुरा फल मिलता है। सभी को अच्छे कर्मों के प्रति आकृष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मार्ग दमन का है तो दूसरा उदारीकरण का।
दोनों ही मार्गों में अधोगामी वृत्तियां निषेध हैं। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए आत्मा तृप्ति नहीं होती है। इस मौके पर कृष्ण शास्त्री नावां, मास्टर पुरुषोत्तम, राजकुमार, मनोज, विकास अत्री, मनीष, प्रिंस, दीपांशु, सचिन, प्रेरणा, मधुबाला, सरोज, रजनी, सुनीता, देवकी, राजबाला आदि मौजूद रही।
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कथा व्यास आचार्य राकेश कृष्ण शास्त्री ने बताया कि भागवत कथा श्रवण मात्र से पाप से मुक्ति मिलती है। जिस स्थान पर कथा होती है वहां भगवान विराजमान होते हैं। भगवान नाम के जाप से सारे विपत्ति नाश हो जाते हैं। इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है।
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है की कर्म ही प्रधान है। बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है। जो मनुष्य अच्छा व सत्कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है। बुरे कर्म करने वाले को हमेशा बुरा फल मिलता है। सभी को अच्छे कर्मों के प्रति आकृष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मार्ग दमन का है तो दूसरा उदारीकरण का।
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दोनों ही मार्गों में अधोगामी वृत्तियां निषेध हैं। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए आत्मा तृप्ति नहीं होती है। इस मौके पर कृष्ण शास्त्री नावां, मास्टर पुरुषोत्तम, राजकुमार, मनोज, विकास अत्री, मनीष, प्रिंस, दीपांशु, सचिन, प्रेरणा, मधुबाला, सरोज, रजनी, सुनीता, देवकी, राजबाला आदि मौजूद रही।
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