{"_id":"68c5d4d35036a6b3ee0f586a","slug":"life-is-incomplete-without-hindi-prof-purna-prabha-narnol-news-c-203-1-mgh1004-120095-2025-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदी के बिना जीवन अधूरा है : प्रो. पूर्ण प्रभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदी के बिना जीवन अधूरा है : प्रो. पूर्ण प्रभा
Sun, 14 Sep 2025 02:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 14 Sep 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:62- हिंदी दिवस पर राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में विद्यार्थियों को संबोधित क
महेंद्रगढ़। राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी एवं महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. पूर्ण प्रभा ने दीप जलाकर किया।
कहा कि हिंदी हमारी आन, बान और शान है। हिंदी हमारी आत्मा है। हिंदी पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोए रखती है। यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति में रची-बसी एक जीवन शैली है। इसके बिना इंसान का जीवन अधूरा है। हिंदी को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए और इसे सम्मान देना चाहिए। उन्होंने हिंदी बोलने और इसे दैनिक जीवन में उपयोग करने का आह्वान किया।
हिंदी विभाग से डॉ. पविता यादव ने बताया कि हिंदी भाषा बचपन से ही सीखी जाती है। यह हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। प्रत्येक कार्य में, प्रत्येक संवाद में हम हिंदी का उपयोग करते आए हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में अन्य भाषाओं के प्रभाव के चलते हिंदी का उपयोग कम होता जा रहा है, जो एक चिंताजनक विषय है।
विज्ञापन
उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के प्रयोग और सम्मान को बढ़ावा देने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रो. विजय यादव, प्रो. कैप्टन शमशेर सिंह, प्रो. जितेंद्र कुमार वशिष्ठ, प्रो. विकास, डॉ. नीतू शर्मा, प्रो. हीरा सिंह, डॉ. अनिता यादव, डॉ. अमिता कुमारी, डॉ. संदीप कुमारी, डॉ. मंजू कुमारी, प्रो. पूजा रानी, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विकास गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कहा कि हिंदी हमारी आन, बान और शान है। हिंदी हमारी आत्मा है। हिंदी पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोए रखती है। यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति में रची-बसी एक जीवन शैली है। इसके बिना इंसान का जीवन अधूरा है। हिंदी को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए और इसे सम्मान देना चाहिए। उन्होंने हिंदी बोलने और इसे दैनिक जीवन में उपयोग करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
हिंदी विभाग से डॉ. पविता यादव ने बताया कि हिंदी भाषा बचपन से ही सीखी जाती है। यह हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। प्रत्येक कार्य में, प्रत्येक संवाद में हम हिंदी का उपयोग करते आए हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में अन्य भाषाओं के प्रभाव के चलते हिंदी का उपयोग कम होता जा रहा है, जो एक चिंताजनक विषय है।
विज्ञापन
उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के प्रयोग और सम्मान को बढ़ावा देने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रो. विजय यादव, प्रो. कैप्टन शमशेर सिंह, प्रो. जितेंद्र कुमार वशिष्ठ, प्रो. विकास, डॉ. नीतू शर्मा, प्रो. हीरा सिंह, डॉ. अनिता यादव, डॉ. अमिता कुमारी, डॉ. संदीप कुमारी, डॉ. मंजू कुमारी, प्रो. पूजा रानी, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विकास गुप्ता आदि मौजूद रहे।