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Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि में कविता में बिंब, प्रतीक और अलंकार पर व्याख्यान आयोजित
Wed, 05 Aug 2026 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:16 AM IST
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फोटो संख्या:-66 हकेंवि में विशेष व्याख्यान में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग की ओर से कविता का सौंदर्य पक्षः बिंब, प्रतीक और अलंकार विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
व्याख्यान में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय रोहतक व वैश्य महाविद्यालय रोहतक के पूर्व आचार्य डॉ. विश्वबंधु शर्मा विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. सिद्धार्थ शंकर राय ने कहा कि हिंदी साहित्य के प्रति विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में अभिरुचि जागृत करने के लिए विभाग में साहित्यिक श्रृंखला कार्यक्रम व व्याख्यानमाला का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है।
डॉ. विश्वबंधु शर्मा ने विस्तार से कविता का सौंदर्य पक्षः बिंब, प्रतीक और अलंकार विषय पर रोचकता के साथ व्याख्यान दिया व कविता की व्यावहारिक बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की।
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प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमारी ने इस सत्र में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थी विभाग व विश्वविद्यालय की संपत्ति है और सभी विद्यार्थी अधिक से अधिक मेहनत कर अपना लक्ष्य प्राप्त करें।
हिंदी में शोध को लेकर हमें हिंदी की विभिन्न विधाओं की विस्तृत जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है तभी सकारात्मक एवं नवाचार से भरपूर शोध संभव है।
हिंदी कविताओं को हमारी कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाकर बेहतर शोध किया जाए जो कि एक सुदृढ़ राष्ट्र निर्माण का अवसर भी प्रदान करता है। इस अवसर पर हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. अरविंद सिंह तेजावत, डॉ. रीना स्वामी सहित हिंदी विभाग के विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहें।
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व्याख्यान में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय रोहतक व वैश्य महाविद्यालय रोहतक के पूर्व आचार्य डॉ. विश्वबंधु शर्मा विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. सिद्धार्थ शंकर राय ने कहा कि हिंदी साहित्य के प्रति विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में अभिरुचि जागृत करने के लिए विभाग में साहित्यिक श्रृंखला कार्यक्रम व व्याख्यानमाला का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है।
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डॉ. विश्वबंधु शर्मा ने विस्तार से कविता का सौंदर्य पक्षः बिंब, प्रतीक और अलंकार विषय पर रोचकता के साथ व्याख्यान दिया व कविता की व्यावहारिक बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की।
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प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमारी ने इस सत्र में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थी विभाग व विश्वविद्यालय की संपत्ति है और सभी विद्यार्थी अधिक से अधिक मेहनत कर अपना लक्ष्य प्राप्त करें।
हिंदी में शोध को लेकर हमें हिंदी की विभिन्न विधाओं की विस्तृत जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है तभी सकारात्मक एवं नवाचार से भरपूर शोध संभव है।
हिंदी कविताओं को हमारी कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाकर बेहतर शोध किया जाए जो कि एक सुदृढ़ राष्ट्र निर्माण का अवसर भी प्रदान करता है। इस अवसर पर हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. अरविंद सिंह तेजावत, डॉ. रीना स्वामी सहित हिंदी विभाग के विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहें।