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Mahendragarh-Narnaul News: राम-कृष्ण के आदर्श जीवन से सत्य की राह पर चलने की सीख
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फोटो संख्या:74- सतनाली में श्रद्धालुओं को कथा सुनाते आचार्श्यसुरेश शास्त्री--स्रोत- आयोजक
सतनाली। माता जमुवाए मंदिर के नजदीक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के जन्म प्रसंग सुनाए गए। कथावाचक आचार्य सुरेश शास्त्री ने दोनों अवतारों की कथा विस्तार से बताते हुए उनके जीवन से मिलने वाली सीख पर प्रकाश डाला। भगवान के जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और पंडाल में जय श्रीराम व जय श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजने लगे।
आचार्य सुरेश शास्त्री ने कहा कि जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग में कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव के कारावास और भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं से भक्तों का उद्धार किया और आगे चलकर कंस का वध कर अत्याचार का अंत किया।
श्रीराम जन्म प्रसंग के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा का पालन करते हुए समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत किया। उनके जीवन से माता-पिता का सम्मान, कर्तव्य पालन और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
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कथा के दौरान भजन-कीर्तन भी हुआ। श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से भगवान का गुणगान किया। आयोजकों ने लोगों से भगवान के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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आचार्य सुरेश शास्त्री ने कहा कि जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग में कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव के कारावास और भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं से भक्तों का उद्धार किया और आगे चलकर कंस का वध कर अत्याचार का अंत किया।
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श्रीराम जन्म प्रसंग के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा का पालन करते हुए समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत किया। उनके जीवन से माता-पिता का सम्मान, कर्तव्य पालन और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
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कथा के दौरान भजन-कीर्तन भी हुआ। श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से भगवान का गुणगान किया। आयोजकों ने लोगों से भगवान के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।