{"_id":"591214144f1c1b1157851928","slug":"late-night-satnali-nagl-chaudhri-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"देर रात सतनाली, नांगल सिरोही सीएचसी का औचक निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देर रात सतनाली, नांगल सिरोही सीएचसी का औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य विभाग नारनौल के जिला कार्यक्रम प्रबंधक की टीम ने सोमवार देर रात को नांगल सिरोही व सतनाली सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक सीएचसी बंद तो एक खुली मिली। परंतु दोनों ही सीएचसी पर एक भी कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात नहीं मिला। जबकि नांगल सिरोही सीएचसी के कमरे खुले हुए और लाइट व पंखे चल रहे थे। निरीक्षण के दौरान टीम को दोनों ही सीएचसी में अनेक खामियां सामने आईं। जिनकी रिपोर्ट बनाकर डीपीएम ने अपने उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
गौरतलब है कि नेशनल हेल्थ मिशन की मिशन डायरेक्टर अमनीत पी कुमार ने प्रदेश में जिला कार्यक्रम प्रबंधक को निर्देश जारी कर अपने क्षेत्र के तहत आने वाले सीएचसी व पीएचसी का निरीक्षण कर उनकी खामियों की रिपोर्ट बनाकर उनके समक्ष पेश करने हिदायत दी है। डायरेक्टर के निर्देश पर डीपीएम संदीप कुमार ने जिले में स्थित सीएचसी व पीएचसी का रात के समय अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण करने का अभियान चलाया हुआ है। इसी अभियान के अंतर्गत सोमवार देर रात को डीपीएम संदीप कुमार अपने सहयोगी संजय कुमार व अन्य के साथ सतनाली व नांगल सिरोही सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। टीम सबसे पहले रात करीब दस बजे नारनौल से सीधे सतनाली सीएचसी पहुंची। परंतु दस बजे ही सीएचसी के अंदर कई कमरों पर ताला लटका हुआ था। जबकि कोई कर्मचारी या स्टाफ नर्स स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद नहीं मिला। इस तरह सीएचसी में पूरी तरह से सन्नाटा छाया हुआ था। इस पर टीम ने पास ही बने क्वार्टर से स्टाफ नर्स को बुलाया। स्टाफ नर्स के पहुंचने पर टीम ने बारी-बारी कमरों में जाकर व्यवस्था देखी। जहां उन्हें सतनाली सीएचसी में अनेक खामियां नजर आई।
सतनाली सीएचसी में ये खामियां आईं सामने
निरीक्षण के दौरान टीम को सतनाली सीएचसी में अनेक खामियां दिखाई दी। टीम ने देखा की लेबर रूम में डिलीवरी टेबल नहीं है। सामान्य टेबल को ही डिलीवरी टेबल का रूप दिया गया था। वहीं टेबल पर गंदा कपड़ा था। जिस पर भी खून के दाग से लगे हुए थे। इसके अलावा डिलीवरी रूम में ही खिड़की में शीशा लगा था। जोकि पूरी तरह से बंद होने चाहिए। वहीं टायलेट-बाथरूम में भी गंदगी फैली हुई थी। पूर्व-प्रसूति वार्ड पूरी तरह कंडम हालत में दिखाई दिया। यहीं नहीं लेबर रूम में बीपी व एचपी चेक करने का मीटर ही नहीं था। जबकि डिलीवरी केस का पोर्टोग्राफ भी पूूरी तरह भरा नहीं था। डीप-फ्रीजर के तापमान का मीटर भी खराब मिला। ऐसी स्थिति में वैक्सीनेशन का पता नहीं चल सकता।
विज्ञापन
6 घंटे में ही प्रसूता को दी छुट्टी
सीएचसी सतनाली में जब टीम ने डिलीवरी रजिस्टर की जांच की उसमें अप्रैल माह में 16 डिलीवरी दर्ज की गई थी। वहीं मई माह में अब तक 3 डिलीवरी करवाई गई। वहीं 5 डिलीवरी केस को नारनौल रेफर किया गया। इसमें हैरानी की बात यह नजर आई कि डिलीवरी के बाद महिला को कम से कम 48 घंटे सीएचसी में रखना चाहिए। ताकि किसी भी आपात स्थिति को काबू किया जा सके, किंतु कागजों में डिलीवरी वाली महिलाओं को 6 घंटे ही सीएचसी में रखा गया था।
लंबे समय से अवकाश पर मेडिकल आफिसर
सतनाली सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स ने टीम को बताया कि सीएचसी में एक भी मेडिकल आफिसर नहीं है। माधोगढ़ पीसचसी से मेडिकल आफिसर का यहां डेपुटेशन किया गया है, लेकिन वह भी काफी दिनों से अवकाश पर चल रहे है। इससे कर्मचारियों व अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नांगल सिरोही सीएचसी मिली खुली, कर्मचारी नदारद
सतनाली सीएचसी का निरीक्षण के उपरांत डीपीएम टीम रात करीब सवा 11 बजे नांगल सिरोही सीएचसी में पहुंची। जहां कुछ कमरों की लाइटें, पंखे व एसी ऑन थे। जबकि वहां कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। इस पर डीपीएम टीम ने बारी-बारी प्रत्येक कमरे का निरीक्षण किया। स्टाफ नर्स रूम के साथ पुरुष वार्ड के दरवाजे खुले हुए थे। परंतु सीएचसी में पूरी तरह सन्नाटा छाया हुआ है। डीपीएम टीम ने करीब 30 मिनट तक इंतजार किया, लेकिन कोई भी कर्मचारी वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद यह टीम वापस नारनौल लौट गई।
कोट
मिशन डायरेक्टर के दिशानिर्देश व सीएमओ डॉ. डीएन बागड़ी के निर्देश पर सोमवार रात को सतनाली व नांगल सिरोही सीएचसी का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान दोनों ही सीएचसी बंद मिली। वहीं सतनाली सीएचसी के रिकॉर्ड को खंगाला तो उसमें भी अनेक खामियां नजर आई। दोनों सीएचसी की रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ के साथ उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
-संदीप कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नारनौल।
विज्ञापन
गौरतलब है कि नेशनल हेल्थ मिशन की मिशन डायरेक्टर अमनीत पी कुमार ने प्रदेश में जिला कार्यक्रम प्रबंधक को निर्देश जारी कर अपने क्षेत्र के तहत आने वाले सीएचसी व पीएचसी का निरीक्षण कर उनकी खामियों की रिपोर्ट बनाकर उनके समक्ष पेश करने हिदायत दी है। डायरेक्टर के निर्देश पर डीपीएम संदीप कुमार ने जिले में स्थित सीएचसी व पीएचसी का रात के समय अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण करने का अभियान चलाया हुआ है। इसी अभियान के अंतर्गत सोमवार देर रात को डीपीएम संदीप कुमार अपने सहयोगी संजय कुमार व अन्य के साथ सतनाली व नांगल सिरोही सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। टीम सबसे पहले रात करीब दस बजे नारनौल से सीधे सतनाली सीएचसी पहुंची। परंतु दस बजे ही सीएचसी के अंदर कई कमरों पर ताला लटका हुआ था। जबकि कोई कर्मचारी या स्टाफ नर्स स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद नहीं मिला। इस तरह सीएचसी में पूरी तरह से सन्नाटा छाया हुआ था। इस पर टीम ने पास ही बने क्वार्टर से स्टाफ नर्स को बुलाया। स्टाफ नर्स के पहुंचने पर टीम ने बारी-बारी कमरों में जाकर व्यवस्था देखी। जहां उन्हें सतनाली सीएचसी में अनेक खामियां नजर आई।
विज्ञापन
सतनाली सीएचसी में ये खामियां आईं सामने
निरीक्षण के दौरान टीम को सतनाली सीएचसी में अनेक खामियां दिखाई दी। टीम ने देखा की लेबर रूम में डिलीवरी टेबल नहीं है। सामान्य टेबल को ही डिलीवरी टेबल का रूप दिया गया था। वहीं टेबल पर गंदा कपड़ा था। जिस पर भी खून के दाग से लगे हुए थे। इसके अलावा डिलीवरी रूम में ही खिड़की में शीशा लगा था। जोकि पूरी तरह से बंद होने चाहिए। वहीं टायलेट-बाथरूम में भी गंदगी फैली हुई थी। पूर्व-प्रसूति वार्ड पूरी तरह कंडम हालत में दिखाई दिया। यहीं नहीं लेबर रूम में बीपी व एचपी चेक करने का मीटर ही नहीं था। जबकि डिलीवरी केस का पोर्टोग्राफ भी पूूरी तरह भरा नहीं था। डीप-फ्रीजर के तापमान का मीटर भी खराब मिला। ऐसी स्थिति में वैक्सीनेशन का पता नहीं चल सकता।
विज्ञापन
6 घंटे में ही प्रसूता को दी छुट्टी
सीएचसी सतनाली में जब टीम ने डिलीवरी रजिस्टर की जांच की उसमें अप्रैल माह में 16 डिलीवरी दर्ज की गई थी। वहीं मई माह में अब तक 3 डिलीवरी करवाई गई। वहीं 5 डिलीवरी केस को नारनौल रेफर किया गया। इसमें हैरानी की बात यह नजर आई कि डिलीवरी के बाद महिला को कम से कम 48 घंटे सीएचसी में रखना चाहिए। ताकि किसी भी आपात स्थिति को काबू किया जा सके, किंतु कागजों में डिलीवरी वाली महिलाओं को 6 घंटे ही सीएचसी में रखा गया था।
लंबे समय से अवकाश पर मेडिकल आफिसर
सतनाली सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स ने टीम को बताया कि सीएचसी में एक भी मेडिकल आफिसर नहीं है। माधोगढ़ पीसचसी से मेडिकल आफिसर का यहां डेपुटेशन किया गया है, लेकिन वह भी काफी दिनों से अवकाश पर चल रहे है। इससे कर्मचारियों व अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नांगल सिरोही सीएचसी मिली खुली, कर्मचारी नदारद
सतनाली सीएचसी का निरीक्षण के उपरांत डीपीएम टीम रात करीब सवा 11 बजे नांगल सिरोही सीएचसी में पहुंची। जहां कुछ कमरों की लाइटें, पंखे व एसी ऑन थे। जबकि वहां कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। इस पर डीपीएम टीम ने बारी-बारी प्रत्येक कमरे का निरीक्षण किया। स्टाफ नर्स रूम के साथ पुरुष वार्ड के दरवाजे खुले हुए थे। परंतु सीएचसी में पूरी तरह सन्नाटा छाया हुआ है। डीपीएम टीम ने करीब 30 मिनट तक इंतजार किया, लेकिन कोई भी कर्मचारी वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद यह टीम वापस नारनौल लौट गई।
कोट
मिशन डायरेक्टर के दिशानिर्देश व सीएमओ डॉ. डीएन बागड़ी के निर्देश पर सोमवार रात को सतनाली व नांगल सिरोही सीएचसी का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान दोनों ही सीएचसी बंद मिली। वहीं सतनाली सीएचसी के रिकॉर्ड को खंगाला तो उसमें भी अनेक खामियां नजर आई। दोनों सीएचसी की रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ के साथ उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
-संदीप कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नारनौल।