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Mahendragarh-Narnaul News: 17 एकड़ भूमि पर मिश्रित खेती से सालाना सात लाख कमा रहे किशनलाल

Tue, 23 Dec 2025 02:22 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 02:22 AM IST
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Kishanlal is earning seven lakh rupees annually from mixed farming on 17 acres of land.
फोटो संख्या:55- गांव नांवां में किन्नू का बाग दिखाते किसान किशन लाल--स्रोत- स्वयं
महेंद्रगढ़। गांव नांवां निवासी किशनलाल ने मिश्रित खेती व बागवानी में तकनीकि का प्रयोग कर वर्ष 2020 में जिले को पहला किसान रत्न अवॉर्ड दिलाया था। वर्तमान में किशनलाल 17 एकड़ भूमि पर मिश्रित खेती, बागवानी, सब्जी व फलों का उत्पादन कर सालाना करीब सात लाख रुपये का लाभ ले रहे हैं।
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साथ ही, मिश्रित खेती करने के लिए हर साल औसतन 50 किसानों को अपने फार्म का भ्रमण करा प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। गांव नांवां निवासी किसान किशनलाल ने बताया कि वर्ष 2020 में तकनीकि के आधार पर मिश्रित खेती, बागवानी एवं सब्जी उत्पादन में सराहनीय प्रयास करने पर उन्हें तत्कालीन कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल की ओर से अवॉर्ड दिया गया था।
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कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ से मिश्रित खेती का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने वर्ष 2018 में बागवानी शुरू की थी। बागवानी में ही सीजन के हिसाब से विभिन्न प्रकार की सब्जियों की बिजाई शुरू की थी। पहले साल जब अच्छा उत्पादन हुआ तो उन्होंने 17 एकड़ भूमि पर मिश्रित खेती शुरू कर दी।
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सीजन के हिसाब से फल, सब्जियों की बिजाई कर रहा है। रबी के सीजन में सात एकड़ किन्नू व मौसमी के बाग में इनके उत्पादन के साथ-साथ बैंगन, मूली और गाजर का उत्पादन ले रहा है। डार्क जोन में शामिल सतनाली खंड में कम भूजल स्तर की चुनौती होने के बावजूद भी मिश्रित खेती कर किसानों के लिए प्रेरणा बने हैं।

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डार्क जोन में मिनी स्प्रिंकलर से की सिंचाई
किसान किशनलाल ने बताया कि सतनाली क्षेत्र डार्क जोन में आता है। ऐसे में जब बागवानी व अन्य फसलें प्रभावित होने लगी तो मिनी स्प्रिंकलर व टपका सिंचाई विधि का प्रयोग शुरू कर दिया। साथ ही बागवानी एवं सब्जी उत्पादन के बाद जो भी शेष भाग बचता था उसे पशुओं के लिए प्रयोग करना शुरू कर दिया। इससे पशुओं से भी अच्छी आय प्राप्त होने लगी। वर्तमान समय में बागवानी, सब्जी एवं पशुपालन से सालाना औसतन सात लाख रुपये तक आय पहुंच चुकी है। साथ ही अब कृषि में तकनीकि का प्रयोग कर नए अवसर तलासे जा रहे हैं।
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