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संयुक्त परिवार जीवन जीने की पद्धति है : डॉ. रेखा
Fri, 07 Nov 2025 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:04 AM IST
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फोटो संख्या:58- राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में विद्यार्थियों को संबोधित करती डॉ. रेखा श
महेंद्रगढ़। राजकीय महाविद्यालय में महिला अध्ययन और विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. पूर्ण प्रभा की अध्यक्षता में हुआ।
मुख्य वक्ता के रूप में राजकीय महाविद्यालय सतनाली से डॉ. रेखा शेखावत ने शिरकत की। उन्होंने संयुक्त परिवार प्रणाली का महत्व और उसकी प्रासंगिकता पर विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संयुक्त परिवार प्रणाली केवल सामाजिक ढांचा नहीं बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है।
उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय पारंपरिक मूल्यों को सहेजने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि परिवार केवल मनुष्यों का समूह नहीं है बल्कि इसमें पशु-पक्षी और पौधे भी सम्मिलित हैं जो जीवन चक्र को संतुलित रखने में सहायक होते हैं। डॉ. पविता यादव ने अपने विचार रखे और विद्यार्थियों को परिवार एवं समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रो. पूर्ण प्रभा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पारिवारिक एकता, सहयोग और परस्पर सम्मान की भावना को जीवन में अपनाएं। इस अवसर पर प्रो. सोमवीर सिवाच, डॉ. रेनू यादव, डॉ. नीतू शर्मा मौजूद रही
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मुख्य वक्ता के रूप में राजकीय महाविद्यालय सतनाली से डॉ. रेखा शेखावत ने शिरकत की। उन्होंने संयुक्त परिवार प्रणाली का महत्व और उसकी प्रासंगिकता पर विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संयुक्त परिवार प्रणाली केवल सामाजिक ढांचा नहीं बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है।
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उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय पारंपरिक मूल्यों को सहेजने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि परिवार केवल मनुष्यों का समूह नहीं है बल्कि इसमें पशु-पक्षी और पौधे भी सम्मिलित हैं जो जीवन चक्र को संतुलित रखने में सहायक होते हैं। डॉ. पविता यादव ने अपने विचार रखे और विद्यार्थियों को परिवार एवं समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रो. पूर्ण प्रभा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पारिवारिक एकता, सहयोग और परस्पर सम्मान की भावना को जीवन में अपनाएं। इस अवसर पर प्रो. सोमवीर सिवाच, डॉ. रेनू यादव, डॉ. नीतू शर्मा मौजूद रही