{"_id":"67d9ba63201a0678a30fd0d6","slug":"information-shared-on-turbulent-magnetic-structures-narnol-news-c-203-1-sroh1010-115851-2025-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: अशांत चुंबकीय संरचनाओं पर जानकारी साझा की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: अशांत चुंबकीय संरचनाओं पर जानकारी साझा की
Tue, 18 Mar 2025 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 18 Mar 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:-64 हकेंवि में विशेषज्ञ वक्ता डॉ. सुनील मलिक को स्मृति चिह्न भेंट करती प्रो. सुनीता
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के भौतिकी और खगोल भौतिकी विभाग की ओर से संचालित नक्षत्र क्लब और आवृत्ति संघ द्वारा मंगलवार को संगोष्ठी व विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में नेशनल सेंटर फॉर रेडियो ऐस्ट्रोफिजिक्स, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (एनसीआरए-टीआईएफआर) के डॉ. सुनील मलिक मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
भौतिकी एवं खगोल भौतिकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने शैक्षिक और अनुसंधान गतिविधियों से अवगत कराया। मुख्य वक्ता डॉ. सुनील मलिक ने मिल्की-वे और बाह्यगैलेक्टिक क्षेत्रों के सुसंगत और अशांत चुंबकीय क्षेत्रों का निदान विषय पर केंद्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने चुंबकीय क्षेत्रों के निदान के लिए एक नया सांख्यिकीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
आकाश गंगा और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों के सुसंगत और अशांत चुंबकीय संरचनाओं पर जानकारी साझा की। प्रो. अंकुश कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. रामोवतर, डॉ. मीनू ठाकुर, डॉ. रमनदीप कुमार, डॉ. यशवीर कलकल, डॉ. रजनी बंसल, डॉ. प्रिया रानी, डॉ. गौरव योगेश, डॉ. प्रदीप, डॉ. संगीता, डॉ. सुमन और डॉ. जसवंत ने भागीदारी की।
विज्ञापन
कार्यक्रम में नेशनल सेंटर फॉर रेडियो ऐस्ट्रोफिजिक्स, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (एनसीआरए-टीआईएफआर) के डॉ. सुनील मलिक मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
विज्ञापन
भौतिकी एवं खगोल भौतिकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने शैक्षिक और अनुसंधान गतिविधियों से अवगत कराया। मुख्य वक्ता डॉ. सुनील मलिक ने मिल्की-वे और बाह्यगैलेक्टिक क्षेत्रों के सुसंगत और अशांत चुंबकीय क्षेत्रों का निदान विषय पर केंद्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने चुंबकीय क्षेत्रों के निदान के लिए एक नया सांख्यिकीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
आकाश गंगा और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों के सुसंगत और अशांत चुंबकीय संरचनाओं पर जानकारी साझा की। प्रो. अंकुश कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. रामोवतर, डॉ. मीनू ठाकुर, डॉ. रमनदीप कुमार, डॉ. यशवीर कलकल, डॉ. रजनी बंसल, डॉ. प्रिया रानी, डॉ. गौरव योगेश, डॉ. प्रदीप, डॉ. संगीता, डॉ. सुमन और डॉ. जसवंत ने भागीदारी की।