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Mahendragarh-Narnaul News: ईवीएम व वीवीपैट की हैंड ऑन ट्रेनिंग करवाकर दी जानकारी
Sat, 27 Apr 2024 02:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 27 Apr 2024 02:24 AM IST
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नारनौल। उपायुक्त मोनिका गुप्ता के दिशा निर्देश अनुसार शुक्रवार को लघु सचिवालय के नजदीक स्थित सभागार में पीठासीन अधिकारियों की प्रथम रिहर्सल कराई गई। इस दौरान जिला नगर आयुक्त महावीर प्रसाद की देखरेख में पीठासीन अधिकारियों को ईवीएम व वीवीपैट की हैंड ऑन ट्रेनिंग कराई व उन्हें चुनावी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
डीएमसी ने कहा कि किसी भी प्रजातांत्रिक देश में चुनाव प्रक्रिया सबसे अहम होती है। निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव करवाना हम सब की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी अपनी डायरी में चुनाव आयोग के निर्देश अनुसार रिपोर्ट दर्ज करें। पीठासीन अधिकारी की हैंडबुक में दर्ज एक-एक बात को ध्यानपूर्वक पढ़ें। पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारी का कार्य भारत के चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा। इस मौके पर एसडीएम महेंद्रगढ़ संजीव कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र कुमार, एसडीएम नारनौल डॉ. जितेंद्र सिंह व तहसीलदार चुनाव सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
मतदान केंद्र की 100 मीटर परिधि में सेल्युलर फोन के उपयोग पर प्रतिबंध
मतदान केंद्र की 100 मीटर परिधि के अंदर सेल फोन, स्मार्टवॉच, कोडलेस फोन, वायरलेस हेड आदि ले जाने की अनुमति नहीं है। पीठासीन अधिकारी को अपना मोबाइल फोन साइलेंट मोड में रखने की अनुमति है व यदि वह मतदान केंद्र पर तैनात है तो सूक्ष्म पर्यवेक्षक भी अपना मोबाइल फोन साइलेंट मोड में रख सकता है।
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ये है मतदान अधिकारियों की ड्यूटी
प्रथम मतदान अधिकारी मतदाता सूची की चिन्हित प्रति के प्रभारी होंगे व मतदाताओं की पहचान के लिए जिम्मेदार होंगे। द्वितीय मतदान अधिकारी अमिट स्याही के प्रभारी होंगे। वे मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही से निशान लगाएंगे। द्वितीय मतदान अधिकारी फार्म 17ए में मतदाता रजिस्टर के भी प्रभारी होंगे। वे उस रजिस्टर में उन मतदाताओं का उचित लेखा-जोखा रखने के लिए जिम्मेदार होंगे। जिनकी पहचान स्थापित हो चुकी है व जो मतदान केंद्र पर मतदान करते हैं। द्वितीय मतदान अधिकारी मतदाता रजिस्टर में अपना (मतदाता का) विवरण दर्ज करने के पश्चात प्रत्येक मतदाता को मतदाता पर्ची भी जारी करेंगे।
तृतीय मतदान अधिकारी मतदान मशीन की नियंत्रण इकाई के प्रभारी होंगे। वह उसी मेज पर बैठेगा जहां दूसरा मतदान कर्ता बैठता है। तीसरा मतदान कर्ता मतदाता को केवल दूसरे मतदान कर्ता द्वारा जारी मतदाता पर्ची के आधार पर और उस पर्ची में दर्शाए गए क्रम संख्या के अनुसार ही मतदान कक्ष में जाने की अनुमति देगा।
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डीएमसी ने कहा कि किसी भी प्रजातांत्रिक देश में चुनाव प्रक्रिया सबसे अहम होती है। निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव करवाना हम सब की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी अपनी डायरी में चुनाव आयोग के निर्देश अनुसार रिपोर्ट दर्ज करें। पीठासीन अधिकारी की हैंडबुक में दर्ज एक-एक बात को ध्यानपूर्वक पढ़ें। पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारी का कार्य भारत के चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा। इस मौके पर एसडीएम महेंद्रगढ़ संजीव कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र कुमार, एसडीएम नारनौल डॉ. जितेंद्र सिंह व तहसीलदार चुनाव सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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मतदान केंद्र की 100 मीटर परिधि में सेल्युलर फोन के उपयोग पर प्रतिबंध
मतदान केंद्र की 100 मीटर परिधि के अंदर सेल फोन, स्मार्टवॉच, कोडलेस फोन, वायरलेस हेड आदि ले जाने की अनुमति नहीं है। पीठासीन अधिकारी को अपना मोबाइल फोन साइलेंट मोड में रखने की अनुमति है व यदि वह मतदान केंद्र पर तैनात है तो सूक्ष्म पर्यवेक्षक भी अपना मोबाइल फोन साइलेंट मोड में रख सकता है।
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ये है मतदान अधिकारियों की ड्यूटी
प्रथम मतदान अधिकारी मतदाता सूची की चिन्हित प्रति के प्रभारी होंगे व मतदाताओं की पहचान के लिए जिम्मेदार होंगे। द्वितीय मतदान अधिकारी अमिट स्याही के प्रभारी होंगे। वे मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही से निशान लगाएंगे। द्वितीय मतदान अधिकारी फार्म 17ए में मतदाता रजिस्टर के भी प्रभारी होंगे। वे उस रजिस्टर में उन मतदाताओं का उचित लेखा-जोखा रखने के लिए जिम्मेदार होंगे। जिनकी पहचान स्थापित हो चुकी है व जो मतदान केंद्र पर मतदान करते हैं। द्वितीय मतदान अधिकारी मतदाता रजिस्टर में अपना (मतदाता का) विवरण दर्ज करने के पश्चात प्रत्येक मतदाता को मतदाता पर्ची भी जारी करेंगे।
तृतीय मतदान अधिकारी मतदान मशीन की नियंत्रण इकाई के प्रभारी होंगे। वह उसी मेज पर बैठेगा जहां दूसरा मतदान कर्ता बैठता है। तीसरा मतदान कर्ता मतदाता को केवल दूसरे मतदान कर्ता द्वारा जारी मतदाता पर्ची के आधार पर और उस पर्ची में दर्शाए गए क्रम संख्या के अनुसार ही मतदान कक्ष में जाने की अनुमति देगा।