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Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   In the cold nights, the broken windows create a sense of vulnerability, and the fear of the cold and mice sets in.

Mahendragarh-Narnaul News: सर्द रातों में टूटी खिड़कियों का आलम, ठंड-चूहों का बना डर

Tue, 13 Jan 2026 02:28 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:28 AM IST
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In the cold nights, the broken windows create a sense of vulnerability, and the fear of the cold and mice sets in.
फोटो नंबर- 12जच्चा-बच्चा वार्ड में टूटी ​खिड़की व जाली। संवाद
नारनौल। नागरिक अस्पताल के गायनी वार्ड की टूटी खिड़कियां मरीजों के जी का जंजाल बनी हुई हैं। एक तरफ टूटी खिड़कियों से कड़ाके की ठंड में जहां ठंडी हवा आती है। वहीं, दूसरी और वार्ड में चूहे भी घुस जाते हैं। इससे डर के मारे मरीज रातभर जगने को मजबूर हैं।
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वहीं कुछ दिनों पहले स्वास्थ्य विभाग ने गायनी वार्ड व सर्जिकल वार्ड को नए भवन में शिफ्ट करने की योजना बनाई थी लेकिन लंबे समय से इसका इंतजार हो रहा है।
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जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में गायनी व सर्जिकल वार्ड बना हुआ है लेकिन वार्ड में लगी कुछ खिड़कियां व जाली टूटे हुए हैं और ठंडी हवाएं वार्ड में प्रवेश कर जाती है।
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इस कारण नवजात शिशुओं और महिलाओं के बीमार होने की संभावना बनी रहती है। टूटी खिड़कियों से चूहे भी वार्ड में प्रवेश कर जाते हैं जो कई बार खाने-पिने की वस्तुओं को भी खा जाते हैं। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है।
नागरिक अस्पताल के नए भवन के भूतल पर पहले आपातकालीन विभाग संचालित था। ट्रामा सेंटर के उद्घाटन के बाद आपातकालीन विभाग को ट्रामा सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया है।
इसके बाद से भूतल वार्ड करीब तीन माह से खाली पड़ा है और उस पर ताला लगा हुआ है लेकिन जच्चा-बच्चा वार्ड व सर्जिकल वार्ड को अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है।

दिसंबर तक किया जाना था शिफ्ट
नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में संचालित जच्चा-बच्चा वार्ड जर्जर हाल में हैं। पुराने भवन की मरम्मत कराने और मरीजों की सुविधा के लिए जच्चा-बच्चा वार्ड को नए भवन में दिसंबर तक शिफ्ट किया जाना था लेकिन जनवरी के 12 दिन बीत जाने के बाद भी वार्ड शिफ्ट नहीं किया गया है।
बॉक्स
खिड़कियां टूटी होने के कारण ठंडी हवाएं वार्ड में आती है। रात के समय सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। -सरोज देवी, महेंद्रगढ़

बॉक्स
टूटी खिड़कियों से चूहे भी वार्ड में प्रवेश कर जाते हैं। इससे संक्रमण फैलने को खतरा बना रहता है। -विनोद देवी, गांव-दलोता

वर्जन :
जच्चा-बच्चा वार्ड व सर्जिकल वार्ड को नए भवन में शिफ्ट करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। योजनाबद्ध तरीके से नए भवन के वार्ड को तैयार करने के बाद ही वार्ड को शिफ्ट किया जाएगा। -डॉ. विजय डबास, उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल
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