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Mahendragarh-Narnaul News: बाघोत में युवक के आत्महत्या के मामले में कनीना के शवगृह में 96 घंटे से रखा है शव
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कनीना। गांव बाघोत में 26 वर्षीय मोहित कुमार की ओर से शनिवार को फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त करने का मामला गहराता जा रहा है। 96 घंटे बीत जाने के बाद भी मृतक मोहित के परिजन शव लेने के लिए तैयार नहीं है और न ही पुलिस अभी तक मामला दर्ज कर रही है। परिणामस्वरूप दोनों आमने-सामने हैं। लगातार चौथे दिन भी मृतक मोहित के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनाें की एक ही मांग है जब तक आठ लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज नहीं किया जाता तब तक शव को नहीं लेंगे। इन आठ लोगों में पूर्व मंत्री का नाम भी शामिल है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जब तक कोई ठोस प्रमाण नहीं तब तक कैसे मामला दर्ज किया जाए। यही कारण है कि दोनों पीड़ित परिवार और पुलिस प्रशासन अब आमने-सामने है। एक और पुलिस के लिए यह मामला सिरदर्द बनता जा रही है। चूंकि शवगृह के सामने पुलिस प्रशासन लगातार निगरानी में बैठा है वही पीड़ित परिजन गंभीर आरोप लगा रहे हैं। परिजन एक बार अस्पताल आए और फिर वापस चले गए। मृतक मोहित के पिता कैलाशचंद का कहना है कि जब तक पुलिस उनके द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार आठ लोगों पर मामला दर्ज नहीं करती तब तक शव को नहीं लेंगे चाहे कितना भी समय क्यों न बीत जाए। अब हालात ये बन गए हैं कि शव 96 घंटे से शवगृह में रखा हुआ है।
डाॅ. जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि शवगृह में चार शवों के रखने की जगह है। जहां मोहित का शव रखा हुआ है। एक और जहां पूरा प्रशासन व अस्पताल के कर्मचारी भी सतर्क हैं। पुलिस के कर्मी शवगृह से दूर बैठे रहते हैं और मायूसी छाई हुई है। जहां अस्पताल कर्मियों का कहना है कि उनका कोई दोष नहीं है, फिर भी 24 घंटे परेशान रह रहे हैं।
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पुलिस प्रशासन का कहना है कि जब तक कोई ठोस प्रमाण नहीं तब तक कैसे मामला दर्ज किया जाए। यही कारण है कि दोनों पीड़ित परिवार और पुलिस प्रशासन अब आमने-सामने है। एक और पुलिस के लिए यह मामला सिरदर्द बनता जा रही है। चूंकि शवगृह के सामने पुलिस प्रशासन लगातार निगरानी में बैठा है वही पीड़ित परिजन गंभीर आरोप लगा रहे हैं। परिजन एक बार अस्पताल आए और फिर वापस चले गए। मृतक मोहित के पिता कैलाशचंद का कहना है कि जब तक पुलिस उनके द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार आठ लोगों पर मामला दर्ज नहीं करती तब तक शव को नहीं लेंगे चाहे कितना भी समय क्यों न बीत जाए। अब हालात ये बन गए हैं कि शव 96 घंटे से शवगृह में रखा हुआ है।
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डाॅ. जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि शवगृह में चार शवों के रखने की जगह है। जहां मोहित का शव रखा हुआ है। एक और जहां पूरा प्रशासन व अस्पताल के कर्मचारी भी सतर्क हैं। पुलिस के कर्मी शवगृह से दूर बैठे रहते हैं और मायूसी छाई हुई है। जहां अस्पताल कर्मियों का कहना है कि उनका कोई दोष नहीं है, फिर भी 24 घंटे परेशान रह रहे हैं।
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