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Mahendragarh-Narnaul News: मोहित कुमार आत्महत्या मामले में पिता बोले- अब जगी है न्याय की उम्मीद

Wed, 19 Mar 2025 11:09 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Wed, 19 Mar 2025 11:09 PM IST
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In Mohit Kumar suicide case, his father said- now there is hope for justice
फोटो संख्या:69-मृतक मोहित--फाइल चित्र
कनीना। उपमंडल के गांव बाघोत के मोहित कुमार आत्महत्या मामले में उच्च न्यायालय के आदेश पर एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी का नेतृत्व रेवाड़ी जिले के एसपी डॉ. मयंक गुप्ता करेंगे।
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मृतक मोहित कुमार के पिता ने कहा कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। पिता कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के कुछ दिन बाद ही पुलिस महानिदेशक ने रेवाड़ी के एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। यह एसआईटी की टीम तीन माह में जांच करके अपनी रिपोर्ट सौपेंगी।
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पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सत्यनारायण यादव ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में 20 मई को होनी है। संभावना है कि पुलिस विभाग द्वारा गठित एसआईटी इसमें अगली सुनवाई के दौरान मामले की जांच रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सौंप देगी। बता दें कि गांव बाघोत निवासी मोहित कुमार ने 13 दिसंबर को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि मौके से किसी भी प्रकार का कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था, लेकिन कैलाश चंद शर्मा ने एक पूर्व मंत्री व उनके परिवार के लोगों पर शोषण का आरोप लगाते हुए कनीना पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि दबाव में आकर उसके बेटे ने आत्महत्या कर ली।
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पूर्व मंत्री सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। लेकिन कनीना पुलिस ने ठोस साक्ष्यों का अभाव बताते हुए मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद मृतक के पिता कैलाश ने मामला दर्ज नहीं करने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। गत पांच फरवरी को उच्च न्यायालय ने महेंद्रगढ़ जिले के अलावा अन्य जिलों में तैनात आईपीएस अधिकारी से मामले की जांच के आदेश दिए थे। न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया था की एसआईटी में महेंद्रगढ़ जिले के किसी भी पुलिस अधिकारी को शामिल नहीं किया जाए। न्यायालय के आदेश 59 दिन के बाद मोहित के शव का अंतिम संस्कार काशी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया था।

वहीं मृतक के पिता कैलाश पुजारी ने उच्च न्यायालय के निर्णय पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने महेंद्रगढ़ जिले के बाहर के जिले से आईपीएस अधिकारी से मामले की जांच करवाने का आदेश दिए थे। अन्य जिले के आईपीएस अधिकारियों द्वारा इस जांच में न्याय की उम्मीद है।
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