{"_id":"69a47a69c0c7708a05009534","slug":"in-kamadas-eleven-thousand-rupees-wrestling-match-khuddan-and-mohit-were-tied-narnol-news-c-196-1-nnl1010-136731-2026-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: कामडा की ग्यारह हजार की कुश्ती में खुड्डन व मोहित के के बीच बराबर रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: कामडा की ग्यारह हजार की कुश्ती में खुड्डन व मोहित के के बीच बराबर रही
विज्ञापन
फोटो 16 कुश्ती से पहले हाथ मिलाते पहलवान। ग्रामीण
मंडी अटेली। गांव गुजरवास में बाबा गोविंद दास मंदिर परिसर में मेले एवं दंगल का आयोजन हुआ। इसमें 11 हजार की कामड़ा कुश्ती बराबर पर रही। आयोजन में आसपास के क्षेत्रों के पहलवानों ने दमखम दिखाया।
मेले में मिठाइयों, खिलौनों, कपड़ों और हस्तशिल्प की विविधता रही। साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प और लकड़ी के खिलौनों की दुकानों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
दंगल में 101 रुपये से लेकर 11,000 रुपये तक की कुश्ती का आयोजन किया। 7100 रुपये की कुश्ती में भोला पहलवान खेड़ी तलवाना विजयी रहे जबकि कामडा की ग्यारह हजार की कुश्ती मस्ती पहलवान खुड्डन व मोहित छितरोली के बीच बराबर रही। प्रबंधन समिति की ओर से दोनों पहलवानों को 3100-3100 रुपये भेंट कर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में अशोक स्वामी और रघुबीर सिंह की भजन मंडली ने पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उनकी सुरीली आवाज और मधुर संगीत ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
मेले में मिठाइयों, खिलौनों, कपड़ों और हस्तशिल्प की विविधता रही। साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प और लकड़ी के खिलौनों की दुकानों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
विज्ञापन
दंगल में 101 रुपये से लेकर 11,000 रुपये तक की कुश्ती का आयोजन किया। 7100 रुपये की कुश्ती में भोला पहलवान खेड़ी तलवाना विजयी रहे जबकि कामडा की ग्यारह हजार की कुश्ती मस्ती पहलवान खुड्डन व मोहित छितरोली के बीच बराबर रही। प्रबंधन समिति की ओर से दोनों पहलवानों को 3100-3100 रुपये भेंट कर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में अशोक स्वामी और रघुबीर सिंह की भजन मंडली ने पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उनकी सुरीली आवाज और मधुर संगीत ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।