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Mahendragarh-Narnaul News: लंपी का असर घटा, लेकिन खतरा अभी बरकरार
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फोटो 08 लंपी से ग्रस्त गोवंश। संवाद
नारनौल। जिले में पशुओं में फैल रही लंपी बीमारी को लेकर राहत की खबर है। पिछले करीब एक सप्ताह से जिले में लंपी का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। हालांकि पशुपालन विभाग का कहना है कि बीमारी का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जिले में इस समय करीब 100 पशु सक्रिय संक्रमण की चपेट में हैं।
पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के अनुसार जिले में अब तक कुल 592 पशु लंपी वायरस से संक्रमित हुए हैं। इनमें से 483 पशु इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, बीमारी के कारण 9 पशुओं की मौत हुई है। विभाग की ओर से संक्रमित पशुओं की पहचान और उनका समय पर इलाज करने के साथ ही बचाव के लिए टीकाकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार जिले में अब तक करीब 57,500 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। सभी पात्र पशुओं को वैक्सीन लगाने की स्थिति दर्ज की गई है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग के पास 4,100 टीके का अतिरिक्त स्टॉक भी मौजूद है।
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नए मामले सामने नहीं आने से संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है, लेकिन सक्रिय मामलों को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है। पशुपालन विभाग के उप निदेशक नसीब सिंह ने पशुपालकों से अपील की है कि वे दूसरे राज्यों से पशु खरीदते समय सावधानी बरतें।
खासकर राजस्थान से खरीदे जाने वाले पशुओं की रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है। विभाग की नजर संक्रमित पशुओं की पहचान, जल्द इलाज और टीकाकरण पर है।
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पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के अनुसार जिले में अब तक कुल 592 पशु लंपी वायरस से संक्रमित हुए हैं। इनमें से 483 पशु इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, बीमारी के कारण 9 पशुओं की मौत हुई है। विभाग की ओर से संक्रमित पशुओं की पहचान और उनका समय पर इलाज करने के साथ ही बचाव के लिए टीकाकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
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विभाग के अनुसार जिले में अब तक करीब 57,500 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। सभी पात्र पशुओं को वैक्सीन लगाने की स्थिति दर्ज की गई है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग के पास 4,100 टीके का अतिरिक्त स्टॉक भी मौजूद है।
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नए मामले सामने नहीं आने से संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है, लेकिन सक्रिय मामलों को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है। पशुपालन विभाग के उप निदेशक नसीब सिंह ने पशुपालकों से अपील की है कि वे दूसरे राज्यों से पशु खरीदते समय सावधानी बरतें।
खासकर राजस्थान से खरीदे जाने वाले पशुओं की रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है। विभाग की नजर संक्रमित पशुओं की पहचान, जल्द इलाज और टीकाकरण पर है।