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अविद्या क्लेशों का मूल कारण : डॉ. विक्रांत
Mon, 14 Jul 2025 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:34 AM IST
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फोटो संख्या:56- आर्य समाज मंदिर महेंद्रगढ़ में हवन करते समाज के लोग--स्रोत- आयोजक
महेंद्रगढ़। आर्य समाज महेंद्रगढ़ की पावन यज्ञशाला में महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं और वैदिक धर्म, संस्कृति और संस्कारों के प्रचार-प्रसार के लिए हवन और सत्संग का किया गया।
आर्य समाज के प्रधान एवं वैदिक पुरोहित पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने अध्यक्षता की। कार्यक्रम में यजमान रानी आर्या रही। डॉ. विक्रांत डागर ने कहा कि अविद्या क्लेशों का मूल कारण है। मनुष्य का लक्ष्य इन क्लेशों से मुक्ति पाना है, ताकि दुख से छुटकारा पाया जा सके और शांति प्राप्त की जा सके।
पंडित भूपेंद्र आर्य ने बताया कि जो व्यक्ति हवन से शुद्ध किए हुए अन्न, जल और पवन आदि पदार्थों का उपभोग करते हैं, वे निरोग होकर बुद्धि, बल, आरोग्य और दीर्घायु वाले होते हैं। अग्नि में पदार्थ को डालने से उसकी शक्ति क्षेत्रफल और गुणात्मक दृष्टि से हजारों गुणा बढ़ जाती है। हवन पद्धति पूर्णतः वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें आडंबर, ढोंग, अवैज्ञानिक व तर्क विहीन बातों का कोई स्थान नहीं है।
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डॉ. सुरेंद्र आर्य ने बताया कि पर्यावरण को संतुलित रखने, जलवायु को शुद्ध करने तथा ग्लोबल वार्मिंग को कम करने का एकमात्र माध्यम हवन है। इस अवसर पर उप प्रधान वीर सिंह मेघनवास, रानी आर्या, आस्था आर्या, सक्षम, सुनील शास्त्री, किरोड़ी लाल आर्य मौजूद रहे।
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आर्य समाज के प्रधान एवं वैदिक पुरोहित पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने अध्यक्षता की। कार्यक्रम में यजमान रानी आर्या रही। डॉ. विक्रांत डागर ने कहा कि अविद्या क्लेशों का मूल कारण है। मनुष्य का लक्ष्य इन क्लेशों से मुक्ति पाना है, ताकि दुख से छुटकारा पाया जा सके और शांति प्राप्त की जा सके।
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पंडित भूपेंद्र आर्य ने बताया कि जो व्यक्ति हवन से शुद्ध किए हुए अन्न, जल और पवन आदि पदार्थों का उपभोग करते हैं, वे निरोग होकर बुद्धि, बल, आरोग्य और दीर्घायु वाले होते हैं। अग्नि में पदार्थ को डालने से उसकी शक्ति क्षेत्रफल और गुणात्मक दृष्टि से हजारों गुणा बढ़ जाती है। हवन पद्धति पूर्णतः वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें आडंबर, ढोंग, अवैज्ञानिक व तर्क विहीन बातों का कोई स्थान नहीं है।
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डॉ. सुरेंद्र आर्य ने बताया कि पर्यावरण को संतुलित रखने, जलवायु को शुद्ध करने तथा ग्लोबल वार्मिंग को कम करने का एकमात्र माध्यम हवन है। इस अवसर पर उप प्रधान वीर सिंह मेघनवास, रानी आर्या, आस्था आर्या, सक्षम, सुनील शास्त्री, किरोड़ी लाल आर्य मौजूद रहे।