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Mahendragarh-Narnaul News: घर-घर जाकर की जा रही टीबी मरीजों की पहचान
Thu, 19 Dec 2024 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 19 Dec 2024 11:29 PM IST
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फोटो संख्या:54- गांव कुक्सी में शिविर में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते स्वास्थ्यकर्मी--स
महेंद्रगढ़। उपमंडल के गांव कुकसी में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष शर्मा, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सुरजीत सिवाच, डॉ. अजय कुमार व स्वास्थ्य कर्मी राजेश कुमार, एएनएम संतोष, वर्ल्ड स्वास्थ्य पार्टनर के जिला समन्वयक अजय सिंह, डॉ ज्योत्सना, एमडीआर टीबी कॉर्डिनेटर डॉ. रविंद्र यादव, अनीता आशा वर्कर की टीम ने मोबाइल एंबुलेंस में मरीजों की जांच की।
शिविर में मुख्य रूप से 60 साल से अधिक उम्र के नागरिकों, टीबी मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों, शुगर व बीपी के मरीजों की जांच करके मौके पर ही दवाई दी गई। टीबी के संभावित मरीजों का मौके पर ही एक्स-रे किया गया। बलगम के सैंपल ह्यूमन कोरियर जय प्रकाश द्वारा मौके पर एकत्र किए गए।
सुरजीत सिवाच व डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया की स्वास्थ्य कर्मी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी मरीजों की पहचान कर रही है। निक्षय पोषण योजना के तहत छह हजार रुपये भी मरीज को दिये जाते हैं, जिसमे से दवाई शुरू होते ही तीन हजार रुपये पहली किस्त के रूप में मरीज को दिए जाते हैं। संवाद
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शिविर में मुख्य रूप से 60 साल से अधिक उम्र के नागरिकों, टीबी मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों, शुगर व बीपी के मरीजों की जांच करके मौके पर ही दवाई दी गई। टीबी के संभावित मरीजों का मौके पर ही एक्स-रे किया गया। बलगम के सैंपल ह्यूमन कोरियर जय प्रकाश द्वारा मौके पर एकत्र किए गए।
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सुरजीत सिवाच व डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया की स्वास्थ्य कर्मी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी मरीजों की पहचान कर रही है। निक्षय पोषण योजना के तहत छह हजार रुपये भी मरीज को दिये जाते हैं, जिसमे से दवाई शुरू होते ही तीन हजार रुपये पहली किस्त के रूप में मरीज को दिए जाते हैं। संवाद
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