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सड़क ठीक करवाओ नहीं तो कूद जाऊंगा
नारनौल
Updated Mon, 14 Jul 2014 12:52 AM IST
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गांव धौलेड़ा का युवक नारनौल-धौलेड़ा सड़क की अविलंब मरम्मत करवाने की मांग को लेकर सड़क पर चढ़ गया। करीब आठ घंटे बाद प्रशासन के लिखित में आश्वासन देने पर युवक नीचे उतरा। गौरतलब है कि यह मानसिक रूप से बीमार युवक पहले भी कई बार इस तरह से अपना विरोध दर्ज करवा चुका है। युवक के टावर से नीचे उतरने के बाद ही प्रशासनिक अधिकारियों से राहत की सांस ली। अफसर युवक के स्वास्थ्य की जांच करवाने की बात कह कर उसे साथ नारनौल ले आए।
गांव से 20 किलोमीटर दूर गांव कोरियावास में मोबाइल टावर पर चढ़े धौलेड़ा निवासी हरिश्चंद्र ने मौके पर पहुंचे एसडीएम कैप्टन मनोज कुमार और नायब तहसीलदार संकल्प सिंह को अपनी दास्तां सुनाई। उसने कहा कि नारनौल-धौलेड़ा सड़क की मरम्मत न होने से ओवरलोड वाहनों के आवागमन से 24 घंटे यहां धूल मिट्टी उड़ती रहती है। इससे बीमार होकर उसके पिता की अकाल मौत हो चुकी है और उसकी मां लंबे समय से बीमार पड़ी है। धूूल-मिट्टी से परेशान होकर ग्रामीण कई बार अफसरों से समाधान के लिए गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए मजबूरी में वह मोबाइल टावर पर चढ़कर अपना विरोध दर्ज करवा रहा है।
गर्मी के बावजूद भी नहीं उतरा
सुबह 7.00 बजे टावर पर चढ़ा युवक भीषण गर्मी और सूरज की तेज तपन के बावजूद नीचे उतरने को तैयार नहीं था। करीब आठ घंटे तक युवक टावर पर चढ़ा रहा। इससे प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। हरिश्चंद्र के मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना मिलने पर सुबह 9.00 बजे एसडीएम कैप्टन मनोज कुमार, नायब तहसीलदार संकल्प सिंह और एसएचओ अनिरुद्ध मौके पर पहुंच गए थे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार उसे आवाज लगा कर हरिश्चंद्र नीचे उतरने के लिए कहते रहे और आश्वासन देते रहे कि बहुत जल्द नारनौल-धौलेड़ा सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी। आखिर में नायब तहसीलदार के लिखित में आश्वासन देने के बाद हरिशचंद्र टावर से नीचे उतरा।
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पहले भी दर्ज कराया था विरोध
गौरतलब है कि इससे पहले भी हरिश्चंद्र 15 मई को सड़क की मरम्मत करवाने और ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने की मांग को लेकर गांव धौलेड़ा में टावर पर चढ़ चुका है। वहीं उसने दो बार रोड जाम कर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर दिलाया था।
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गांव से 20 किलोमीटर दूर गांव कोरियावास में मोबाइल टावर पर चढ़े धौलेड़ा निवासी हरिश्चंद्र ने मौके पर पहुंचे एसडीएम कैप्टन मनोज कुमार और नायब तहसीलदार संकल्प सिंह को अपनी दास्तां सुनाई। उसने कहा कि नारनौल-धौलेड़ा सड़क की मरम्मत न होने से ओवरलोड वाहनों के आवागमन से 24 घंटे यहां धूल मिट्टी उड़ती रहती है। इससे बीमार होकर उसके पिता की अकाल मौत हो चुकी है और उसकी मां लंबे समय से बीमार पड़ी है। धूूल-मिट्टी से परेशान होकर ग्रामीण कई बार अफसरों से समाधान के लिए गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए मजबूरी में वह मोबाइल टावर पर चढ़कर अपना विरोध दर्ज करवा रहा है।
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गर्मी के बावजूद भी नहीं उतरा
सुबह 7.00 बजे टावर पर चढ़ा युवक भीषण गर्मी और सूरज की तेज तपन के बावजूद नीचे उतरने को तैयार नहीं था। करीब आठ घंटे तक युवक टावर पर चढ़ा रहा। इससे प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। हरिश्चंद्र के मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना मिलने पर सुबह 9.00 बजे एसडीएम कैप्टन मनोज कुमार, नायब तहसीलदार संकल्प सिंह और एसएचओ अनिरुद्ध मौके पर पहुंच गए थे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार उसे आवाज लगा कर हरिश्चंद्र नीचे उतरने के लिए कहते रहे और आश्वासन देते रहे कि बहुत जल्द नारनौल-धौलेड़ा सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी। आखिर में नायब तहसीलदार के लिखित में आश्वासन देने के बाद हरिशचंद्र टावर से नीचे उतरा।
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पहले भी दर्ज कराया था विरोध
गौरतलब है कि इससे पहले भी हरिश्चंद्र 15 मई को सड़क की मरम्मत करवाने और ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने की मांग को लेकर गांव धौलेड़ा में टावर पर चढ़ चुका है। वहीं उसने दो बार रोड जाम कर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर दिलाया था।