{"_id":"5d2b777c8ebc3e6cd90467ab","slug":"hodpital-narnol-news-rtk504771743","type":"story","status":"publish","title_hn":"उप नागरिक अस्पताल में सात साल से नहीं सर्जन, यहां नहीं होता कोई ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उप नागरिक अस्पताल में सात साल से नहीं सर्जन, यहां नहीं होता कोई ऑपरेशन
विज्ञापन
उप नागरिक अस्पताल में पिछले सात वर्षों से सर्जन डाक्टर नहीं हैं। अगर आपको किसी तरह का छोटा सा भी ऑपरेशन कराना हो तो नारनौल ही जाना पड़ेगा। शहर में रहने वाले हजारों गरीब परिवारों को यहां ऑपरेशन सुुविधा न होने के कारण सबसे अधिक परेशानी होती है। मरीजों को पैसे उधार लेकर निजी अस्पतालों में ऑपरेशन करवाना पड़ता है। महेंद्रगढ़ का अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में आज भी चार दशक पीछे है। अस्पताल में स्टाफ की कमी के साथ-साथ सर्जन की कमी हैं। 2012 में डॉ. ईश्वर सिंह अस्पताल में बतौर सर्जन काम कर रहे थे। उस समय अस्पताल में बच्चेदानी, रसोली, गांठ, पत्थरी, मस्से आदि के ऑपरेशन किये जाते थे। जिससे मरीजों को आर्थिक रूप से काफी लाभ मिलता था। इसके बाद डॉ. ईश्वर ने रिजाइन देकर अपना अस्पताल खोल लिया था। लगभग सात वर्षों से अस्पताल में कोई सर्जन नहीं हैं। उप नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा न होने कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में ऑपरेशन कराने को मजबूर होना पड़ता है। यहां के ऑपरेशन के मरीजों को नारनौल अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। जिसके बाद मरीजों को लंबी लंबी तारीख मिलती हैं। ऐसे में मरीज निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर होते हैं। निजी अस्पताल संचालक ऑपरेशन के अपने मनमर्जी के शुल्क वसूलते हैं। गरीब मरीजों को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ती है। गरीब तबके के लोग तबके के लोग मजबूरी वश उधार में पैसे लेकर अपने मरीज का ईलाज करवाते हैं। अस्पताल के अंदर बैड चार्ज, डॉक्टर की विजिट फीस, दवाईयां का खर्च, ऑपरेशन का खर्च, आईसीयू का खर्च सहित काफी पैसे ऐंठ लेते हैं। इससे एक माइनर ऑपरेशन लगभग 20 हजार से 35 हजार रुपये का पड़ता है।
महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में प्रत्येक वीरवार को नसबंदी और नलबंदी का ऑपरेशन किए जाते हैं।ऑपरेशन के लिए रेवाड़ी से सर्जन आता है। वो अपनी मनमर्जी से आते हैं। सर्जन मात्र 30 ऑपरेशन करता है। वीरवार को महिलाएं नसबंदी ऑपेशन के लिए सुबह छह बजे ही अस्पताल में पहुंच जाती हैं उसके बाद लगभग 12 बजे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। लगभग 2 बजे सर्जन अस्पताल में आकर मात्र 30 ऑपरेशन करते हैं। महिलाएं 25 से 40 किलोमीटर दूर से ऑपरेशन करवाने के लिए आती हैं।
स्वास्थ्य प्रशासन की 2017 में शहर के एक निजी सर्जिकल होम के सर्जन से 3500 रुपये प्रति ऑपरेशन की डील हुई थी। सर्जन ने शुरुआत में दो ऑपरेशन किए भी थे। उसके बाद सर्जन अस्पताल में ऑपरेशन के लिए नहीं आया। किंही कारणों के चलते उनकी डील एक महीने भी नहीं चली।
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। मैं अपने किसी परिचित को पथरी ऑपरेेशन के लिए लेकर गया था। यहां तो अल्ट्रासाउंड की सुविधा ही नहीं। ऑपरेशन के नाम पर हमें नारनौल रेफर कर दिया गया।
मनोज कौशिक, महेंद्रगढ़।
यहां न तो चिकित्सक हैं न ही यहां दूसरा स्टाफ। पर्ची देकर मरीज को टरका दिया जाता है। मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। उप नागरिक अस्पताल के नाम पर यहां गांव जितनी सुविधा भी उपलब्ध नहीं।
बुद्धशरण बौद्ध, महेंद्रगढ़।
मैं दवाई लेने आया था। यहां हड्डी जांच के लिए कोई चिकित्सक नहीं है। डॉक्टर ने जो दवाई लिखी उसमें से आधी से ज्यादा नहीं मिली। अब बाहर से दवाई खरीदने की मजबूरी हो जाएगी। यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।
राजेश खन्ना, महेंद्रगढ़।
आपातकालीन वार्ड में ही सुविधा नहीं है। यहां पट्टी करने के बाद दर्द का इंजेक्शन लगाकर मरीज को रेफर कर दिया जाता है। मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अस्पताल फिसड्डी है।
प्रेम कुमार, महेंद्रगढ़।
महेंद्रगढ़ अस्पताल में कोई सर्जन नहीं है। इस बारे में कुछ प्रपोजल नए सिरे से बनाकर भेज रहे हैं। पहले भी कई प्रोपजल भेजी जा चुके हैं। जल्द ही उप नागरिक अस्पताल में सर्जन की व्यवस्था करवा दी जाएगी। मुख्यालय से निर्देश का इंतजार है।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में प्रत्येक वीरवार को नसबंदी और नलबंदी का ऑपरेशन किए जाते हैं।ऑपरेशन के लिए रेवाड़ी से सर्जन आता है। वो अपनी मनमर्जी से आते हैं। सर्जन मात्र 30 ऑपरेशन करता है। वीरवार को महिलाएं नसबंदी ऑपेशन के लिए सुबह छह बजे ही अस्पताल में पहुंच जाती हैं उसके बाद लगभग 12 बजे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। लगभग 2 बजे सर्जन अस्पताल में आकर मात्र 30 ऑपरेशन करते हैं। महिलाएं 25 से 40 किलोमीटर दूर से ऑपरेशन करवाने के लिए आती हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य प्रशासन की 2017 में शहर के एक निजी सर्जिकल होम के सर्जन से 3500 रुपये प्रति ऑपरेशन की डील हुई थी। सर्जन ने शुरुआत में दो ऑपरेशन किए भी थे। उसके बाद सर्जन अस्पताल में ऑपरेशन के लिए नहीं आया। किंही कारणों के चलते उनकी डील एक महीने भी नहीं चली।
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। मैं अपने किसी परिचित को पथरी ऑपरेेशन के लिए लेकर गया था। यहां तो अल्ट्रासाउंड की सुविधा ही नहीं। ऑपरेशन के नाम पर हमें नारनौल रेफर कर दिया गया।
मनोज कौशिक, महेंद्रगढ़।
यहां न तो चिकित्सक हैं न ही यहां दूसरा स्टाफ। पर्ची देकर मरीज को टरका दिया जाता है। मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। उप नागरिक अस्पताल के नाम पर यहां गांव जितनी सुविधा भी उपलब्ध नहीं।
बुद्धशरण बौद्ध, महेंद्रगढ़।
मैं दवाई लेने आया था। यहां हड्डी जांच के लिए कोई चिकित्सक नहीं है। डॉक्टर ने जो दवाई लिखी उसमें से आधी से ज्यादा नहीं मिली। अब बाहर से दवाई खरीदने की मजबूरी हो जाएगी। यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।
राजेश खन्ना, महेंद्रगढ़।
आपातकालीन वार्ड में ही सुविधा नहीं है। यहां पट्टी करने के बाद दर्द का इंजेक्शन लगाकर मरीज को रेफर कर दिया जाता है। मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अस्पताल फिसड्डी है।
प्रेम कुमार, महेंद्रगढ़।
महेंद्रगढ़ अस्पताल में कोई सर्जन नहीं है। इस बारे में कुछ प्रपोजल नए सिरे से बनाकर भेज रहे हैं। पहले भी कई प्रोपजल भेजी जा चुके हैं। जल्द ही उप नागरिक अस्पताल में सर्जन की व्यवस्था करवा दी जाएगी। मुख्यालय से निर्देश का इंतजार है।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ, महेंद्रगढ़।