फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   hindi is making an identity all over the world

हिंदी पूरे विश्व में बना रही है अपनी पहचान : कुलपति

Sun, 19 Jan 2020 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2020 11:51 PM IST
विज्ञापन
hindi is making an identity all over the world
संगोष्ठी में वक्ताओं को सम्मानित करते अतिथि। - फोटो : Narnol
हिंदी भारत की भौगोलिक परिधि से बाहर निकल कर पूरे विश्व में अपनी पहचान बना रही है। लेकिन हिंदी का साहित्य और संपर्क भाषा बनना ही पर्याप्त नहीं है। यह कहना है संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा उत्तर प्रदेश के कुलपति डॉ. राणा सिंह का।
विज्ञापन

स्थानीय सेक्टर-1 पार्ट-2 स्थित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र मनु मुक्त भवन में देश में हिंदी विदेश में हिंदी विषय पर रविवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी में मुख्य अतिथि के तौर पर उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के इस युग में विज्ञान, तकनीकी और प्रौद्योगिकी से जुड़कर ही हिंदी सही अर्थ में समृद्ध भाषा बन सकती है। ओस्लो (नार्वे) से साहित्यकार और पत्रकार डॉ. सुरेशचंद्र शुक्ल ने हिंदी को विश्व की संपर्क भाषा बताते हुए कहा कि यह एक करोड़ प्रवासी भारतीयों के माध्यम से विश्व को भारत और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। सिंघानिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उमाशंकर यादव ने कहा कि हिंदी मात्र भाषा नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति की संवाहक भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदी को जाने बिना भारत की 5000 वर्ष पुरानी संस्कृति को समझना संभव नहीं है। संजय पाठक द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना गीत के उपरांत चीफ ट्रस्टी डॉ. रामनिवास मानव के प्रेरक सानिध्य तथा डॉ. पंकज गौड़ के कुशल संचालन में आयोजित इस गोष्ठी में नौसॉरी (फिजी) की सुएतादत्त चौधरी, प्रोफेसर डॉ. दिग्विजय शर्मा तथा इफ्को नई दिल्ली के साहित्य, कला और संस्कृति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नलिन विकास भी विशिष्ट अतिथि रहे। उन्होंने हिंदी के विभिन्न पक्षों की चर्चा करते हुए वैश्विक परिदृश्य में हिंदी की बढ़ती भूमिका एवं महत्व पर प्रकाश डाला। अलवर के वरिष्ठ कवि संजय पाठक ने कविता के माध्यम से हिंदी भाषा के स्वरूप एवं महत्व को स्पष्ट किया। वहीं महिला महाविद्यालय, भीटेडा राजस्थान के प्राचार्य डॉ. सुमेर सिंह यादव ने संगोष्ठी में हुई चर्चा का समाहार प्रस्तुत किया। संगोष्ठी में जिला बाल कल्याण अधिकारी विपिन शर्मा, महेंद्र सिंह गौड़, बीएस यादव, दुलीचंद शर्मा, डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, सूबे सिंह यादव, राजेश कुमार शर्मा, किशन लाल शर्मा, परमानंद दीवान, नंदलाल खामपुरा, राधेश्याम गोमला, डॉ. कांता भारती व कृष्ण कुमार शर्मा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन

ये हुए सम्मानित
संगोष्ठी में मथुरा, उत्तर प्रदेश के डॉ. राणा सिंह को डॉ. मनु मुक्त मानव शिखर सम्मान प्रदान किया गया। वहीं नौसॉरी फिजी की सुएतादत्त चौधरी, बांग्लादेश की नरगिस सुल्ताना, आगरा उत्तर प्रदेश के डॉ. दिग्विजय शर्मा और नई दिल्ली के नलिन विकास को हिंदी-मित्र सम्मान से नवाजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed