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Mahendragarh-Narnaul News: रंग बदला, बाल बिखरे...पर हौसला नहीं टूटा और अस्मिता ने दी कैंसर को मात

Tue, 03 Feb 2026 11:03 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:03 PM IST
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Her complexion changed, her hair was disheveled...but her spirits remained intact and Asmita defeated cancer.
फोटो नंबर- 06नारनौल का जिला नागरिक अस्पताल।
प्रवीण सैनी
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नारनौल। जिस्म टूटा, रंग बदला, बाल बिखरे पर हौसला नहीं झुका और अस्मिता ने कैंसर को मात देकर जंग जीत ली। एक बच्चे की मां और गणित अध्यापिका नारनौल निवासी स्मिता(28) ने दृढ विश्वास, सकारात्मक सोच व समय पर उपचार से ब्लड कैंसर को मात दी है।
स्मिता बताती हैं कि पति व बच्चों के साथ उनका जीवन बेहतर चल रहा था। जून 2025 में उन्हें खांसी हो गई। दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हुई तो उन्होंने बलगम की जांच करवाई। जांच में सब-कुछ ठीक रहा। धीरे-धीरे खांसी बढ़ती गई और सिर में भी दर्द रहने लगा।
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इसके बाद रिश्तेदार के सुझाव से उन्होंने झज्जर स्थित कैंसर अस्पताल में जांच करवाई। जांच में ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई। कैंसर प्रथम चरण में थी। इसलिए उपचार की संभावना बनी हुई थी।
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चिकित्सकों के परामर्श अनुसार सितंबर से जनवरी तक उन्हें झज्जर के कैंसर अस्पताल में भर्ती किया गया। इस दौरान नियमित रूप से उनकी जांच व कीमोथेरेपी की जाती और बार-बार खून बदला जाता। जनवरी के अंत में उनकी बोन मैरो व खून की जांच की गई।
इसमें पाया गया कि उनके रक्त से कैंसर के अंश समाप्त हो चुके हैं और उन्हें छुट्टी दे दी गई। अब कुछ माह बाद उनकी दोबारा बोन मैरो व रक्त की जांच की जाएगी। संवाद
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बुरे वक्त में पति बने ढाल
स्मिता ने बताया कि कैंसर के दौरान रंग काला पड़ गया, वजन कम हो गया और सिर के बाल झड़ गए जिससे लगा कि जीवन यहीं तक था और सब-कुछ समाप्त होता दिखा। उपचार के दौरान अस्पताल में काफी मरीजों को कैंसर से जंग हारते हुए देखा। ऐसे समय में पति अरविंद ढाल बनकर मेरे साथ खड़े रहे। उनकी सकारात्मक सोच और हिम्मत से ही कैंसर से जंग जीतने में सफल रही।
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एक साल में 510 कैंसर के मरीज मिले
जिले में रोजाना औसतन 1 से ज्यादा कैंसर के मरीज मिले रहे हैं। जानकारी के अनुसार मौजूदा सत्र 2025-26 के दौरान दस माह में अब तक जिले में 510 कैंसर के मरीज मिले हैं। वहीं सत्र 2024-25 में 518 कैंसर के मरीज मिले थे।
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नागरिक अस्पताल में शुरू होगी कीमोथेरेपी
कैंसर के उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में विशेष सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। इस कारण मरीज को परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। हालांकि, विश्व कैंसर दिवस पर नागरिक अस्पताल में कीमोथेरेपी सहित अन्य कैंसर उपचार की सुविधा शुरू की जाएगी।

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कैंसर के संभावित लक्षण
1. खाना निगलने में दिक्कत होती है लेकिन तरल पदार्थ में नहीं।
2. लंबे समय से खांसी हो रही है लेकिन जांच के बाद भी टीबी की पुष्टि नहीं हो रही।
3. सिर में दर्द व बुखार का बना रहना और वजन कम होना।
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वर्जन
आमजन से अपील है कि स्वस्थ आहार अपनाएं। गुटखा, तंबाकू व शराब का सेवन नहीं करें। नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवाएं ताकि कैंसर के शुरुआती चरण में समय पर उपचार किया जा सके। -डॉ. जितेंद्र यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
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