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Mahendragarh-Narnaul News: बीमार भवनों की सुधरेगी सेहत
Mon, 12 Aug 2024 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 12 Aug 2024 11:38 PM IST
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फोटो: 03रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल का नया जर्जर भवन। संवाद
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल के खस्ताहाल भवन की सेहत जल्दी ही सुधरेगी। अस्पताल के नए भवन की मरम्मत के लिए करीब 1.6 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हो गया हीै। साथ ही ट्रॉमा सेंटर की हालत को भी सुधारने के लिए 14 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। दोनों ही कार्यों के लिए अब पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की ओर से टेंडर किए जाने हैं। जल्द ही कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
अस्पताल का भवन 6 साल में ही जर्जर हो गया। पिलरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। भवन में कई जगह लेंटर तक उखड़ा हुआ है। दीवारों को देख ऐसा लगता है कि भवन को बने काफी समय बीत गया हो, जबकि वर्ष 2018 में यह ब्लॉक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर हुआ था। इतने कम समय में ही अस्पताल के नए भवन की हालत खस्ता हो गई है। ऐसे में भवन की हालत को सुधरवाने के लिए पीएमओ की ओर से स्पेशल मेंटेनेंस के लिए सर्वे और सेफ्टी सटिर्फिकेट जारी करने के लिए पीडब्ल्यूडी को 4 बार स्मरण पत्र लिखे गए। इनके बाबत अगस्त 2023 में पीडब्ल्यूडी की टीम ने दौरा किया था। इसमें टीम ने काफी संरचनात्मक नुकसान पाया। उसके बाद पीडब्ल्यूडी ने एक करोड़ 6 लाख रुपये का स्पेशल मेंटेनेंस का बजट बनाया।
मौजूदा समय में ऐसी है स्थिति
छत पर पानी की टंकी के लिए बनाए बेस के पास लेंटर टूटा हुआ है। जगह-जगह दीवारों के लेंटर में भी सरिया बाहर निकला हुआ है। खिड़कियों में लगाए शीशे भी कई बार गिर चुके हैं। अब उन शीशों की जगह प्लाई बोर्ड लगाए हुए हैं। दरवाजों की हालत भी खराब है। दीवारों का प्लास्टर भी आए दिन गिर जाता है। इसी ब्लॉक में ज्यादातर ओपीडी चलती हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल के द्वितीय फ्लोर के मेडिकल वार्ड और आईसीयू में टॉयलेट तक में लंबे समय से ब्लॉक की समस्या पैदा हो गई है। कई जगह तो टाइल भी उखड़ने लगी हैं।
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कई बार गिर चुके हैं शीशे
6 ओपीडी और प्रयोगशाला का संचालन भी इसी ब्लॉक में नए ब्लॉक में सर्जन, मेडिसन, ईएनटी, आंखों, मनोरोग, स्किन ओपीडी के साथ ही प्रयोगशाला, ईसीजी, मेडिसिन काउंटर व ओपीडी कार्ड काउंटर भी हैं। लैब में बड़ी संख्या में दिनभर लोगों की भीड़-भाड़ रहती है। साथ ही मेडिकल वार्ड भी इसी बिल्डिंग में चल रहा है। ऐसे में बिल्डिंग के गिरते प्लास्टर और कई जगह लॅटर उखड़ने की घटनाओं के कारण यहां बड़ा हादसा भी हो सकता है। कई बार शीशे भी गिर चुके हैं।
नागरिक अस्पताल के नए ब्लॉक और ट्रॉमा सेंटर की खस्ता हालत को सुधारने के लिए काफी समय पहले स्पेशल मेंटेनेंस का बजट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा हुआ था। अब इस बजट को मंजूरी मिल गई है, जिसे पीडब्ल्यूडी को भेज दिया है। अब पीडब्ल्यूडी को ही टेंडर करने हैं। उम्मीद है कि जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।
-डॉ. अशोक कुमार, पीएमओ, नागरिक अस्पताल।
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अस्पताल का भवन 6 साल में ही जर्जर हो गया। पिलरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। भवन में कई जगह लेंटर तक उखड़ा हुआ है। दीवारों को देख ऐसा लगता है कि भवन को बने काफी समय बीत गया हो, जबकि वर्ष 2018 में यह ब्लॉक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर हुआ था। इतने कम समय में ही अस्पताल के नए भवन की हालत खस्ता हो गई है। ऐसे में भवन की हालत को सुधरवाने के लिए पीएमओ की ओर से स्पेशल मेंटेनेंस के लिए सर्वे और सेफ्टी सटिर्फिकेट जारी करने के लिए पीडब्ल्यूडी को 4 बार स्मरण पत्र लिखे गए। इनके बाबत अगस्त 2023 में पीडब्ल्यूडी की टीम ने दौरा किया था। इसमें टीम ने काफी संरचनात्मक नुकसान पाया। उसके बाद पीडब्ल्यूडी ने एक करोड़ 6 लाख रुपये का स्पेशल मेंटेनेंस का बजट बनाया।
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मौजूदा समय में ऐसी है स्थिति
छत पर पानी की टंकी के लिए बनाए बेस के पास लेंटर टूटा हुआ है। जगह-जगह दीवारों के लेंटर में भी सरिया बाहर निकला हुआ है। खिड़कियों में लगाए शीशे भी कई बार गिर चुके हैं। अब उन शीशों की जगह प्लाई बोर्ड लगाए हुए हैं। दरवाजों की हालत भी खराब है। दीवारों का प्लास्टर भी आए दिन गिर जाता है। इसी ब्लॉक में ज्यादातर ओपीडी चलती हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल के द्वितीय फ्लोर के मेडिकल वार्ड और आईसीयू में टॉयलेट तक में लंबे समय से ब्लॉक की समस्या पैदा हो गई है। कई जगह तो टाइल भी उखड़ने लगी हैं।
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कई बार गिर चुके हैं शीशे
6 ओपीडी और प्रयोगशाला का संचालन भी इसी ब्लॉक में नए ब्लॉक में सर्जन, मेडिसन, ईएनटी, आंखों, मनोरोग, स्किन ओपीडी के साथ ही प्रयोगशाला, ईसीजी, मेडिसिन काउंटर व ओपीडी कार्ड काउंटर भी हैं। लैब में बड़ी संख्या में दिनभर लोगों की भीड़-भाड़ रहती है। साथ ही मेडिकल वार्ड भी इसी बिल्डिंग में चल रहा है। ऐसे में बिल्डिंग के गिरते प्लास्टर और कई जगह लॅटर उखड़ने की घटनाओं के कारण यहां बड़ा हादसा भी हो सकता है। कई बार शीशे भी गिर चुके हैं।
नागरिक अस्पताल के नए ब्लॉक और ट्रॉमा सेंटर की खस्ता हालत को सुधारने के लिए काफी समय पहले स्पेशल मेंटेनेंस का बजट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा हुआ था। अब इस बजट को मंजूरी मिल गई है, जिसे पीडब्ल्यूडी को भेज दिया है। अब पीडब्ल्यूडी को ही टेंडर करने हैं। उम्मीद है कि जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।
-डॉ. अशोक कुमार, पीएमओ, नागरिक अस्पताल।