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उपभोक्ता को थमाया 2 लाख रुपये का बिल
ब्यूरो/अमर उजाला, नारनौल
Updated Wed, 03 Sep 2014 12:44 AM IST
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बिजली निगम के मीटर ने इस कदर रफ्तार पकड़ी कि दो लाख का बिल आ गया। ये देख उपभोक्ता के होश उड़ गए। वह बिल ठीक कराने के लिए निगम कार्यालय पहुंचा तो कोई सुनवाई ही नहीं हुई। इससे निराश होकर उपभोक्ता ने अब कोर्ट जाने का मन बनाया है।
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रेलवे रोड स्थित छाजुपुरम निवासी भरत सिंह ने बताया कि 28-4-14 से 30-6-14 के दो माह का बिल 9905 रुपये आया। इसके तहत मीटर ने 1576 यूनिट खर्च की दिखाई हैं। बिल देखने के बाद वह निगम के कार्यालय पहुंचे और मीटर की स्पीड चैक कराने की गुहार लगाई।
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इस पर निगम का एक कर्मचारी मीटर करने के लिए सात जुलाई को चैक किया, इसमें 24739 यूनिट खर्च दिखाई गई। इसके बाद 12 जुलाई को फिर से मीटर की रीडिंग चेक की गई तो इस बार 24895 यूनिट खर्च दिखाई गई। ऐसे में बिजली निगम ने इन्हीं यूनिटों को आधार बनाते हुए उपभोक्ता को 2 लाख 2140 रुपये का बिल थमा दिया।
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भरत सिंह का कहना है कि वह इस शिकायत को लेकर जेई से एसडीओ और एक्सइएन से भी मिल चुका है, पर कोई समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। बिजली निगम के ही सूत्र बताते हैं कि मीटर रीडिंग का कार्य सुचारू नहीं हो पा रहा है। इस मामले में भी कुछ इसी तरह का अंदेशा लगाया जा रहा है। दूसरा, मीटर की स्पीड भी ज्यादा हो सकती है।