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Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के साथ किया एमओयू
Wed, 13 Aug 2025 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 13 Aug 2025 12:41 AM IST
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फोटो संख्या:-52 हकेंवि महेंद्रगढ़ में समझौता पत्र कुलपति को सौपते हुए डॉ. रवि पांडेय---स्रोत हक
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय(हकेंवि) ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को निशुल्क कोचिंग प्रदान करना है।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि समझौते से कई राज्यों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दिव्यांग विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना उनके सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह पहल उनकी दक्षता, रोजगार पात्रता और समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देगी।
विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के सहयोग से आयोजित इस निशुल्क कोचिंग कार्यक्रम से दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा में समान अवसर मिलेगा और वे सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
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कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को सिविल सेवा, बैंकिंग, रेलवे, शिक्षक पात्रता परीक्षा तथा निजी क्षेत्र की भर्ती परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए आवश्यक अकादमिक कौशल, रणनीतियां और आत्मविश्वास विकसित किया जाएगा।
गुणवत्तापूर्ण कोचिंग तक पहुंच उनके रोजगार अवसरों और गरिमापूर्ण करियर की संभावनाओं को बढ़ाएगी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रवि प्रताप पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय को मंत्रालय से पैनल में शामिल किए जाने का पत्र प्राप्त हो चुका है और इस वर्ष से कोचिंग सुविधा प्रारंभ की जाएगी। प्रो. पायल चंदेल और प्रो. राजेंद्र मीणा ने भी इस पहल पर हर्ष व्यक्त किया। विश्वविद्यालय में दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के संयोजक एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अमन वर्मा ने भी इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए अपना सहयोग सुनिश्चित किया।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि समझौते से कई राज्यों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दिव्यांग विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना उनके सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह पहल उनकी दक्षता, रोजगार पात्रता और समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देगी।
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विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के सहयोग से आयोजित इस निशुल्क कोचिंग कार्यक्रम से दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा में समान अवसर मिलेगा और वे सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
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कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को सिविल सेवा, बैंकिंग, रेलवे, शिक्षक पात्रता परीक्षा तथा निजी क्षेत्र की भर्ती परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए आवश्यक अकादमिक कौशल, रणनीतियां और आत्मविश्वास विकसित किया जाएगा।
गुणवत्तापूर्ण कोचिंग तक पहुंच उनके रोजगार अवसरों और गरिमापूर्ण करियर की संभावनाओं को बढ़ाएगी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रवि प्रताप पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय को मंत्रालय से पैनल में शामिल किए जाने का पत्र प्राप्त हो चुका है और इस वर्ष से कोचिंग सुविधा प्रारंभ की जाएगी। प्रो. पायल चंदेल और प्रो. राजेंद्र मीणा ने भी इस पहल पर हर्ष व्यक्त किया। विश्वविद्यालय में दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के संयोजक एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अमन वर्मा ने भी इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए अपना सहयोग सुनिश्चित किया।