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दोहान क्षेत्र के 4 गावों में आएगी हरियाली
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डॉ. अभय सिंह यादव ।
- फोटो : Narnol
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नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र में राजस्थान सीमा के साथ लगते गांव गोद, बलाह कलां, बलाह खुर्द एवं भांखरी की कृषि भूमि की सिंचाई के लिए सिंचाई विभाग ने लगभग 30 करोड़ों रुपये की लागत से सिंचाई योजना मंजूर की है। इसका टेंडर होने के बाद एजेंसी को काम भी अलाट किया जा रहा है। यह योजना मुख्यमंत्री हरियाणा की सीवर के साफ किए हुए पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की एक महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा है।
नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव ने बताया कि दोचाना नहर के अंतिम छोर पर पड़ने वाले इन गांवों में नहर का पानी नहीं पहुंच रहा है। इन गांवों की जमीन बहुत ही उपजाऊ है। मुख्यमंत्री के आदेश पर जब सिंचाई विभाग ने पूरे प्रदेश में इस परियोजना पर काम प्रारंभ किया तो उन्होेंने मुख्यमंत्री के समक्ष इन गांवों को शोधित पानी उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरांत सूक्ष्म सिंचाई का यह बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
नारनौल शहर में तीन सीवरेज प्लांट पब्लिक हेल्थ, एचएसवीपी एवं नगर पालिका के अधीन काम कर रहे हैं। इन प्लांटों का पानी एक जगह एकत्रित करके लगभग 15 किलोमीटर लंबी डीआई पाइपलाइन द्वारा इन गांवों में पहुंचाया जाएगा। इन गांवों की जमीन के आंतरिक वितरण की व्यवस्था के अधीन 14 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन खेतों के अंदर बिछाई जाएगी। इनमें 3 नहरों से इन चारों गांवों को पानी सप्लाई करने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत कुल उपलब्ध पानी लगभग 5.67 क्यूसेक होगा, जो रबी एवं खरीफ की दोनों फसलों के 2300 एकड़ प्रति फसल जमीन को सिंचित करेगा।
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इसके तहत पानी को लगभग 40 मीटर उठान के लिए 7 पंप अलग-अलग क्षमता के लगाए जाएंगे। इस परियोजना पर कुल 29 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस योजना को इसके मूल स्थान पर नहर से भी जोड़ा जाएगा, ताकि नहर में पानी की उपलब्धता के दौरान उक्त गांवों को मिलता रहे। डॉ. यादव ने कहा कि इस परियोजना की सबसे विशेष बात यह है कि सीवर का शोधित पानी लगातार मिलते रहने के कारण उक्त क्षेत्र में पानी की उपलब्धता निश्चित हो जाएगी। किसान सामान्य फसलों के अलावा फल, सब्जियां एवं अन्य खेती भी कर पाएंगे। विभाग का यह प्रयास रहेगा की अगले छह माह में यह योजना पूर्ण कर ली जाए, ताकि किसान इसका लाभ ले सकें। विधायक ने मुख्यमंत्री का इस योजना को मंजूरी देने व इसके लिए धन उपलब्ध करवाने के लिए आभार जताया है।
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नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव ने बताया कि दोचाना नहर के अंतिम छोर पर पड़ने वाले इन गांवों में नहर का पानी नहीं पहुंच रहा है। इन गांवों की जमीन बहुत ही उपजाऊ है। मुख्यमंत्री के आदेश पर जब सिंचाई विभाग ने पूरे प्रदेश में इस परियोजना पर काम प्रारंभ किया तो उन्होेंने मुख्यमंत्री के समक्ष इन गांवों को शोधित पानी उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरांत सूक्ष्म सिंचाई का यह बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
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नारनौल शहर में तीन सीवरेज प्लांट पब्लिक हेल्थ, एचएसवीपी एवं नगर पालिका के अधीन काम कर रहे हैं। इन प्लांटों का पानी एक जगह एकत्रित करके लगभग 15 किलोमीटर लंबी डीआई पाइपलाइन द्वारा इन गांवों में पहुंचाया जाएगा। इन गांवों की जमीन के आंतरिक वितरण की व्यवस्था के अधीन 14 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन खेतों के अंदर बिछाई जाएगी। इनमें 3 नहरों से इन चारों गांवों को पानी सप्लाई करने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत कुल उपलब्ध पानी लगभग 5.67 क्यूसेक होगा, जो रबी एवं खरीफ की दोनों फसलों के 2300 एकड़ प्रति फसल जमीन को सिंचित करेगा।
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इसके तहत पानी को लगभग 40 मीटर उठान के लिए 7 पंप अलग-अलग क्षमता के लगाए जाएंगे। इस परियोजना पर कुल 29 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस योजना को इसके मूल स्थान पर नहर से भी जोड़ा जाएगा, ताकि नहर में पानी की उपलब्धता के दौरान उक्त गांवों को मिलता रहे। डॉ. यादव ने कहा कि इस परियोजना की सबसे विशेष बात यह है कि सीवर का शोधित पानी लगातार मिलते रहने के कारण उक्त क्षेत्र में पानी की उपलब्धता निश्चित हो जाएगी। किसान सामान्य फसलों के अलावा फल, सब्जियां एवं अन्य खेती भी कर पाएंगे। विभाग का यह प्रयास रहेगा की अगले छह माह में यह योजना पूर्ण कर ली जाए, ताकि किसान इसका लाभ ले सकें। विधायक ने मुख्यमंत्री का इस योजना को मंजूरी देने व इसके लिए धन उपलब्ध करवाने के लिए आभार जताया है।