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महान पुरुष राष्ट्र की धरोहर : डॉ. राकेश
Sun, 13 Apr 2025 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 13 Apr 2025 11:41 PM IST
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फोटो नंबर- 16कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को सम्मानित करते अतिथि। स्रोत-संस्था
मंडी अटेली। हरियाणा दलित साहित्य अकादमी के तत्वावधान में रविवार को गांव बिहाली में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की शिक्षा और वर्तमान चुनौतियां विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सरपंच सीताराम यादव ने की, जबकि जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मंच संचालन मास्टर सूबे सिंह भोड़ीवाल एवं कैलाश ने संयुक्त रूप से किया। डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि महान पुरुष किसी जाति व धर्म के नहीं बल्कि राष्ट्र की धरोहर होते हैं। डॉ. आंबेडकर ने दलितों एवं शोषितों को उनके अधिकार दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया।
वर्तमान में डॉ. आंबेडकर की शिक्षाओं को अपनाकर जातिवाद, असमानता और शोषण के खिलाफ लड़ना होगा। विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता कवि गीतकार डॉ. सीएस वर्मा प्रभाकर ने कहा कि बाबा साहब की शिक्षा आज भी प्रासंगिक है। समाज में बदलाव का महत्वपूर्ण साधन है। बाबा साहब का मानना था कि शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक परेशानियों को हल किया जा सकता है। इसलिए हमें बाबा साहब के आदर्शों को अपनाने की जरूरत हैं।
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डॉ. वर्मा ने दीप जलाना चाहता हूं... काव्य पंक्तियों के माध्यम से समाज में शिक्षा की अलख जगाने का आह्वान किया। बाबा साहब की शिक्षा एवं वर्तमान चुनौतियां विषय पर प्रकाश डालते हुए मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन कर्मवीर बिहाली तथा पूर्व प्राचार्य रामजस मेहरा तथा दलित साहित्य अकादमी प्रधान कैलाश चंद ने कहा कि हमें बाबा साहब के पद चिह्नों पर चलते हुए समृद्ध एवं समरस समाज का निर्माण करना होगा। कार्यक्रम में हरियाणा दलित साहित्य अकादमी की ओर से समाज के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए काम करने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में प्रधान आशाराम, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी छोटेलाल, अमरसिंह नंबरदार, गणपति स्कूल निदेशक अशोक कुमार, प्राचार्य सत्यवीर यादव, तेज सिंह, कृष्ण कुमार एवं कंवरपाल रामपुरा आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सरपंच सीताराम यादव ने की, जबकि जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मंच संचालन मास्टर सूबे सिंह भोड़ीवाल एवं कैलाश ने संयुक्त रूप से किया। डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि महान पुरुष किसी जाति व धर्म के नहीं बल्कि राष्ट्र की धरोहर होते हैं। डॉ. आंबेडकर ने दलितों एवं शोषितों को उनके अधिकार दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया।
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वर्तमान में डॉ. आंबेडकर की शिक्षाओं को अपनाकर जातिवाद, असमानता और शोषण के खिलाफ लड़ना होगा। विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता कवि गीतकार डॉ. सीएस वर्मा प्रभाकर ने कहा कि बाबा साहब की शिक्षा आज भी प्रासंगिक है। समाज में बदलाव का महत्वपूर्ण साधन है। बाबा साहब का मानना था कि शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक परेशानियों को हल किया जा सकता है। इसलिए हमें बाबा साहब के आदर्शों को अपनाने की जरूरत हैं।
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डॉ. वर्मा ने दीप जलाना चाहता हूं... काव्य पंक्तियों के माध्यम से समाज में शिक्षा की अलख जगाने का आह्वान किया। बाबा साहब की शिक्षा एवं वर्तमान चुनौतियां विषय पर प्रकाश डालते हुए मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन कर्मवीर बिहाली तथा पूर्व प्राचार्य रामजस मेहरा तथा दलित साहित्य अकादमी प्रधान कैलाश चंद ने कहा कि हमें बाबा साहब के पद चिह्नों पर चलते हुए समृद्ध एवं समरस समाज का निर्माण करना होगा। कार्यक्रम में हरियाणा दलित साहित्य अकादमी की ओर से समाज के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए काम करने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में प्रधान आशाराम, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी छोटेलाल, अमरसिंह नंबरदार, गणपति स्कूल निदेशक अशोक कुमार, प्राचार्य सत्यवीर यादव, तेज सिंह, कृष्ण कुमार एवं कंवरपाल रामपुरा आदि मौजूद रहे।