{"_id":"60d217ff8ebc3e6c8267032c","slug":"grain-plot-subsidy-gov-narnol-news-rtk6141992175","type":"story","status":"publish","title_hn":"मूंग की खेती से बढ़ती है जमीन की उर्वरा शक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मूंग की खेती से बढ़ती है जमीन की उर्वरा शक्ति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिणी हरियाणा में खरीफ मौसम में बाजरे की फसल सबसे अधिक लगाई जाती है। राज्य सरकार चाहती है कि यहां के किसान बाजरा की बजाए दलहन की फसलों को अपनाएं। इससे एक तरफ जहां किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी वहीं देश में दाल की उपलब्धता भी बढ़ेगी। इसके लिए सरकार मूंग के प्रदर्शन प्लॉट पर अनुदान देगी।
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि मूंग की फसल लगाने से जमीन की उर्वरा शक्ति में बढ़ोतरी होती है। किसानों को लगातार एक ही तरह की खेती अपने खेत में नहीं करनी चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न्न योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से कृषि विभाग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (दलहन) स्कीम के तहत खरीफ 2021 में जिले के किसानों को मूंग के प्रदर्शन प्लॉट पर अनुदान देगा। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल एग्री हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पर मूंग की फसल पर प्रदर्शन प्लॉट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
उन्होंने बताया कि जिले में सामान्य श्रेणी के लिए 500 एकड़ व अनुसूचित जाति के लिए 125 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें किसानों को 3600 रुपये प्रति एकड़ प्रदर्शन प्लॉट पर अनुदान दिया जाएगा। किसान को मूंग का बीज सरकारी दुकान से ही लेना अनिवार्य है। इसके अलावा किसान को मूंग के बीज जो की 10 वर्ष पुरानी किस्म न हो उस पर भी 2 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। इसमें जिले को 400 एकड़ सामान्य श्रेणी के लिए व 100 एकड़ अनुसूचित जाति के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस स्कीम के तहत किसान कम से कम एक एकड़ व अधिक से अधिक 2.5 एकड़ पर अनुदान ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि इनमें 20 प्रतिशत लाभ अनुसूचित जाति महिला किसान तथा लघु एवं सीमांत किसानों के लिए उपलब्ध है। इस संबंध में अन्य किसी जानकारी के लिए किसान अपने खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में जाकर जानकारी ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि मूंग की फसल लगाने से जमीन की उर्वरा शक्ति में बढ़ोतरी होती है। किसानों को लगातार एक ही तरह की खेती अपने खेत में नहीं करनी चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न्न योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से कृषि विभाग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (दलहन) स्कीम के तहत खरीफ 2021 में जिले के किसानों को मूंग के प्रदर्शन प्लॉट पर अनुदान देगा। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल एग्री हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पर मूंग की फसल पर प्रदर्शन प्लॉट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिले में सामान्य श्रेणी के लिए 500 एकड़ व अनुसूचित जाति के लिए 125 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें किसानों को 3600 रुपये प्रति एकड़ प्रदर्शन प्लॉट पर अनुदान दिया जाएगा। किसान को मूंग का बीज सरकारी दुकान से ही लेना अनिवार्य है। इसके अलावा किसान को मूंग के बीज जो की 10 वर्ष पुरानी किस्म न हो उस पर भी 2 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। इसमें जिले को 400 एकड़ सामान्य श्रेणी के लिए व 100 एकड़ अनुसूचित जाति के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस स्कीम के तहत किसान कम से कम एक एकड़ व अधिक से अधिक 2.5 एकड़ पर अनुदान ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि इनमें 20 प्रतिशत लाभ अनुसूचित जाति महिला किसान तथा लघु एवं सीमांत किसानों के लिए उपलब्ध है। इस संबंध में अन्य किसी जानकारी के लिए किसान अपने खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में जाकर जानकारी ले सकते हैं।
विज्ञापन