फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Government initiated action in wrong recruitment case in women's college

महिला कॉलेज में गलत भर्ती मामले में सरकार ने शुरू की कार्रवाई

Mon, 20 Dec 2021 11:12 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 11:12 PM IST
विज्ञापन
Government initiated action in wrong recruitment case in women's college
सेवाएं समाप्त करने के लिए भेजे गए आदेश की प्रति। - फोटो : Narnol
नारनौल के राजकीय महिला महाविद्यालय के चर्चित खेल सामग्री खरीद घोटाले व पांच पदों पर भर्ती मामले की सीएम विंडों में की गई शिकायत पर सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में गांव धौलेड़ा निवासी संदीप उर्फ टोनी की शिकायत पर उच्चतर शिक्षा निदेशालय की विजिलेंस टीम की जांच के बाद उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने भर्ती मामले में संज्ञान लिया है। जबकि सामान घोटाले की जांच अभी आनी बाकी है।
विज्ञापन

16 दिसंबर को उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के नाम एक आदेश पत्र जारी करके महिला महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य आरके यादव की दो बेटियों ममता और समता की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के आदेश दिए हैं। जबकि इसी शिकायत की जांच के आधार पर पिछले माह 9 नवंबर 2021 को आउटसोर्स के तहत कार्यरत रेस्टोरर की सेवाएं भी तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी हो चुके हैं। रेस्टोरर पद पर पूर्व प्राचार्य ने अपने चचेरे भाई की पुत्रवधू सुनीता को लगाया था। इन पदों के अलावा लेखा विभाग में क्लर्क पद पर अपने चचेेरे भाई सुमेर को लगाया था। भर्ती मामले में विभाग की विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद सुमेर सिंह स्वयं ही कॉलेज नहीं जा रहे हैं।
विज्ञापन

क्या है मामला
गांव धौलेड़ा के संदीप उर्फ टोनी ने 8 सितंबर 2020 को सीएम विंडों के माध्यम से एक शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी थी। जिसमें टोनी ने लिखा था कि नारनौल के महिला महाविद्यालय में कार्यरत प्राचार्य आरके यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महाविद्यालय में अपनी दो पुत्रियों ममता व समता को लेक्चरर पद पर नियुक्ति दे दी है। ममता और समता की नियुक्ति मामले में टोनी ने जांच के दौरान उनके शिक्षा संबंधी प्रमाण विभाग को सौंपे थे। जबकि टोनी ने सीएम विंडों में की गई शिकायत में पूर्व प्राचार्य पर चचेरे भाई की पुत्रवधू सुनीता को लॉकडाउन के दौरान नियुक्ति देने तथा चचेरे भाई सुमेर को 65 साल से अधिक होने के बाद भी नियुक्ति देेने के आरोप लगाए थे। संदीप उर्फ टोनी ने उच्चतर शिक्षा निदेशालय के उक्त आदेशों की प्रतियां देने के बाद कहा कि प्राचार्य के खिलाफ खेल सामान खरीद घोटाले की जांच आनी बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में शिक्षण संस्थाएं बंद होने क बावजूद भर्ती करना, ओवरएज हो चुके व्यक्ति को नियुक्ति देना तथा शैक्षिक योग्यता पूरी न होने से पहले ही लेक्चरर के पद पर नियुक्ति देना गंभीर मामला है। टोनी ने बताया कि इस मामले में अब वे हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर करेंगे।

आज ही मिले हैं आदेश, कल से हो जाएगी सेवा समाप्त
इस मामले में महिला महाविद्यालय के प्राचार्य आरपी सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि आज वे छुट्टी पर हैं। ममता और समता लेक्चरर की सेवाएं समाप्त करने के आदेश उन्हें आज ही ई मेल से मिले हैं। आज तो दोनों बहने महाविद्यालय आई हैं। 21 दिसंबर से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की है कि रेस्टोरर सुनीता को पिछले महीने नवंबर में हटा दिया गया है। जबकि सुमेर सिंह 30 अप्रैल 2021 के बाद से कॉलेज नहीं आ रहे है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्चतर शिक्षा विभाग के जो भी आदेश होंगे, उन्हें तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed