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चुनाव के समय महिलाओं को 10 हजार रुपये देना घूस के समान : बृजेंद्र सिंह

Sun, 16 Nov 2025 01:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sun, 16 Nov 2025 01:33 AM IST
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Giving Rs 10,000 to women during elections is like a bribe: Brijendra Singh
फोटो संख्या:56- यादव धर्मशला में पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह--संवाद - फोटो : udhampur news
महेंद्रगढ़। बिहार चुनाव से ठीक पहले महिलाओं को 10 हजार रुपये देना किसी घूस से कम नहीं है। यह बहुत बड़ी घूस है। इलेक्शन कमीशन भी इस वोट चोरी का हिस्सा है। यहां तक कि कमीशन और भाजपा की मिलीजुली डकैती कह दिया। यह बयान पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने शनिवार को शहर में कांग्रेस सद्भाव यात्रा के बाद पत्रकार वार्ता करते हुए कहा।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस 36 बिरादरी को एक साथ लाने और सद्भावना का विस्तार करने के लिए प्रदेश में यह यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा में वोट चोरी मुद्दे का खुलासा किया जाएगा। साथ ही अहीर समाज की मांग का समर्थन किया और रेजांगला युद्ध पर बन रही फिल्म का नाम अहीर समाज पर आधारित रखने का आह्वान किया।
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बिहार चुनाव पर उन्होंने कहा कि 20 साल तक राज करने वाली पार्टी को 85 से 90 फीसदी सीट मिलना सोचने वाली बात है। इसका मूल कारण चुनावी समय में महिलाओं को 10 हजार रुपये देना है। यह सबसे बड़ी घूस है। इसके कारण ही भाजपा का वोट बैंक बना है। अगर इलेक्शन कमीशन के पास जाएं तो वह भी इसका ही हिस्सा हैं। वोट चोरी तो भाजपा की सबसे बड़ी डकैती है।
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12 साल की आदत एकदम नहीं बदलेगी
एकता की बात आई तो नांगल चौधरी विधायक मंजू चौधरी के यात्रा में शामिल न होने पर उन्होंने कहा कि संगठन बनने की प्रक्रिया अभी नई है। गुटबाजी कांग्रेस में पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। 12 साल की आदत एकदम से नहीं बदलेगी। सभी को संगठित होने में थोड़ा समय लगेगा। बिना संगठन के कार्यकर्ताओं के पास अपनी समस्या बताने के लिए मंच नहीं होता है। इसलिए वे किसी नेता के दरवाजे पर जाते हैं। अगर मैं भी चार बार किसी नेता के दरवाजे पर चला जाऊं तो मेरी भी उसी गुट में गिनती होने लगेगी।

नीचे खेल खेलती है बीजेपी
उन्होंने कहा कि भाजपा विभाजन का खेल नीचे खेल जाती है। किसी को भनक नहीं लगने देती। मैं भी कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से प्रेरित हुआ और चुनाव के बाद विपक्ष की आवाज उठाने के लिए कांग्रेस में शामिल हुआ। अगर कांग्रेस भाजपा प्रचार का मुकाबला करती तो जीत उनकी हो सकती थी।



संपत के आने फर्क नहीं तो जाने का क्या पड़ेगा
उन्होंने कहा कि संपत सिंह विभिन्न पदों पर रहे हैं। कांग्रेस में झटका माना जा रहा है लेकिन पार्टी पर जैसा फर्क उनके आने का पड़ा था, वैसा ही उनके जाने का पड़ेगा। मैं तो उनको भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे सकता हूं। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर और दिल्ली धमाके पर भी विपक्ष को कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी बातें बड़ी करती है लेकिन पांच माह में ही आतंकियों ने दूसरा हमला कर दिया।
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