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Mahendragarh-Narnaul News: शिक्षा का मुफ्त सफर...चढ़े तो मंजिल पर पहुंचना तय

Sun, 20 Jul 2025 10:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sun, 20 Jul 2025 10:56 PM IST
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Free journey of education... if you climb, reaching the destination is certain
फोटो नंबर- 14रेलगाड़ी की तरह दिखने वाली कक्षाओं में प्रवेश करती छात्राएं।स्रोत-प्रशासन
नांगल चौधरी (नारनौल)। गरीब और वंचित वर्ग की बेटियों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए नियामतपुर गांव में शुरू किए गए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। पिछले 8 साल में यहां छात्राओं की संख्या शून्य से 82 पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर वे छात्राएं हैं जिनकी गरीबी व अन्य किसी कारण से पढ़ाई छूट गई थी।
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साल 2013 में इस स्कूल की इमारत तैयार की गई थी लेकिन इसे शुरू होने में चार वर्ष लग गए। साल 2017 में दो छोटे कमरों और मात्र तीन स्टाफ के साथ सीनियर सेकेंडरी स्कूल की शुरुआत हुई थी। साल 2021 में विजय सिंह यादव को स्कूल का प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया। इसके बाद विद्यालय में बच्चियों के दाखिले के लिए अभियान चलाया गया। बच्चों को आकर्षित करने के लिए विद्यालय को ट्रेन के डिब्बों का रूप दिया गया।
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प्रधानाचार्य व उनके स्टाफ ने एक मिशन की तरह घर-घर जाकर गरीब और अपवंचित वर्ग की बच्चियों का स्कूल में दाखिला करवाया। आज कक्षा 6 से 12वीं तक 82 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। छात्राओं के रहने के लिए शानदार छात्रावास की सुविधा है। यही नहीं महेंद्रगढ़ जिले में सबसे ज्यादा छात्रवृत्ति पाने पर 5 सितंबर 2022 को उपायुक्त विद्यालय को प्रशंसा पत्र से सम्मानित भी कर चुके हैं।
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किचन गार्डन में उगाई सब्जियों से बनता है खाना
नियामतपुर गांव नारनौल मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है। स्कूल के साथ बने आवासीय हॉस्टल में सुबह का नाश्ता हो या रात का खाना हर चीज डाइट चार्ट के हिसाब से मिलता है। साफ-सफाई, शुद्ध और पौष्टिक भोजन, सुरक्षा और अनुशासन का खासा ध्यान रखा जाता है। हॉस्टल में सब्जियां भी उगाई गई हैं। छात्राओं का खाना यहां उगाई सब्जियों से ही तैयार किया जाता है।
मुख्यमंत्री सुंदरीकरण योजना में जीती थी 50 हजार की राशि

कस्तूरबा गांधी विद्यालय हरे-भरे पौधों, फूलों और औषधीय पौधों से घिरा हुआ है। विद्यालय का चयन मुख्यमंत्री सुंदरीकरण योजना के तहत भी हुआ था। तब विद्यालय को 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद में भी बेटियां पीछे नहीं हैं। विद्यालय में एक वॉलीबॉल नर्सरी भी चलाई जा रही है। यहां बच्चियां अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 श्रेणियों में अभ्यास करती हैं। गांव नियामतपुर की खुशी ने नेशनल वॉलीबॉल में अपनी जगह बनाई और गांव मोरूंड की अमीषा ने 80 मीटर बाधा दौड़ में पदक जीता था। गोठड़ी गांव की मानसी ने गोला फेंक में भाग लिया था।

पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब का होगा नवीनीकरण : डीसी
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने बताया कि विद्यालय में पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब के नवीनीकरण और उपकरणों की खरीद के लिए करीब 34.98 लााख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। विद्यालय के लिए पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब के नवीनीकरण कार्य को बीएंडआर से पूरा करवाया जाएगा। यह कार्य लगभग एक वर्ष में पूरा होगा।
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