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Mahendragarh-Narnaul News: दस माह में साढ़े नौ करोड़ की ठगी, 68 लाख रुपये रिकवर
Wed, 27 Nov 2024 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 27 Nov 2024 12:09 AM IST
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नारनौल। जिले में साइबर अपराध के मामले बढ़ रहे हैं। हर माह औसतन 250 लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। दस माह में करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये की ठगी की गई है।
ठगी करने के लिए साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जिले में हर माह औसतन 250 लोग साइबर ठगी का शिकार बनते हैं। अपराधी व्हाट्सएप ग्रुप पर शादी के निमंत्रण और लेनदेन से जुड़े लिंक भेजकर लोगों के फोन को हैक कर ठगी करते हैं। वहीं कभी फोन के माध्यम से हूबहू परिचित की आवाज निकालकर पैसे खाते में डालने की गुहार लगाते हैं।
वहीं साइबर ठगी के विरुद्ध जागरूक करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार जागरूक अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन लोग ठगों द्वारा आजमाए जाने वाले नए तरीकों में फंसकर ठगी के शिकार हो रहे हैं। जिले में इस साल 1 जनवरी से 30 अक्तूबर तक 2500 लोग साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
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बताया जाता है कि अधिकतर साइबर ठगों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। पकड़े गए साइबर ठगों से पुलिस टीम ने अब तक 68 लाख रुपये की रिकवरी की है। पीड़ित लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों को पकड़कर उनके रुपये दिलाने के लिए अभियान में तेजी लाई जाए।
वर्जन
साइबर ठगी के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि बैंक खातों की जानकारी किसी को भी न दें। कोई भी संदिग्ध लेनदेन की शिकायत साइबर थाने में दर्ज करवाएं। 68 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है।-सुरेंद्र कुमार, एसएचओ, साइबर थाना, नारनौल।
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ठगी करने के लिए साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जिले में हर माह औसतन 250 लोग साइबर ठगी का शिकार बनते हैं। अपराधी व्हाट्सएप ग्रुप पर शादी के निमंत्रण और लेनदेन से जुड़े लिंक भेजकर लोगों के फोन को हैक कर ठगी करते हैं। वहीं कभी फोन के माध्यम से हूबहू परिचित की आवाज निकालकर पैसे खाते में डालने की गुहार लगाते हैं।
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वहीं साइबर ठगी के विरुद्ध जागरूक करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार जागरूक अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन लोग ठगों द्वारा आजमाए जाने वाले नए तरीकों में फंसकर ठगी के शिकार हो रहे हैं। जिले में इस साल 1 जनवरी से 30 अक्तूबर तक 2500 लोग साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
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बताया जाता है कि अधिकतर साइबर ठगों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। पकड़े गए साइबर ठगों से पुलिस टीम ने अब तक 68 लाख रुपये की रिकवरी की है। पीड़ित लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों को पकड़कर उनके रुपये दिलाने के लिए अभियान में तेजी लाई जाए।
वर्जन
साइबर ठगी के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि बैंक खातों की जानकारी किसी को भी न दें। कोई भी संदिग्ध लेनदेन की शिकायत साइबर थाने में दर्ज करवाएं। 68 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है।-सुरेंद्र कुमार, एसएचओ, साइबर थाना, नारनौल।