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अवैध कॉलोनी काटने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज हो ः उपायुक्त
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अधिकारियों के साथ बैठक करते उपायुक्त अजय कुमार । संवाद
- फोटो : Narnol
जिले में किसी भी सूरत में अवैध कॉलोनी विकसित नहीं होने दी जाएगी। अगर कोई प्रॉपर्टी डीलर अवैध ढंग से प्लाट काटने में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। यह निर्देश उपायुक्त अजय कुमार ने बुधवार को जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स कमेटी की बैठक में दिए।
उन्होेंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के संबंध में सरकार की सख्त हिदायत है कि कोई भी ढांचा नियमों के खिलाफ खड़ा नहीं होना चाहिए। शहरों के आस-पास की जगह नियंत्रित क्षेत्र में आती है। बिना नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा से मंजूरी लिए इस नियंत्रित क्षेत्र में कोई भी निर्माण नहीं होना चाहिए। जिला नगर योजनाकार विभाग लगातार इस बारे में अभियान को इसी प्रकार से जारी रखें। उपायुक्त ने बताया कि अब नागरिक भी समझने लगे हैं कि केवल बयाना के आधार पर प्लाट नहीं खरीदना चाहिए। ऐसी कॉलोनियों में जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। अगर किसी के पास जमीन की रजिस्ट्री और उसके नाम इंतकाल नहीं होता है तो उसका मालिकाना हक उस जमीन पर नहीं होता है। अगर कोई अपने रिस्क पर केवल बयाना के आधार पर प्लॉट खरीद रहा है तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। जिला प्रशासन ऐसी कॉलोनियों में किसी भी तरह के निर्माण की मंजूरी नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों को अभियान चलाने में किसी प्रकार की परेशानी है तो वह पहले से ही इस काम के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगवाकर अभियान को जारी रखें। कोई भी इस काम में रुकावट डालता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करें। डीसी ने कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण न केवल शहर की सूरत बिगड़ रही है, बल्कि रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी ये कॉलोनियां ठीक नहीं हैं।
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बैठक में उपायुक्त ने जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा अब तक चलाए गए अभियान के बारे में भी बारी-बारी से विस्तार से जानकारी ली। इसके अलावा उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगर उन्हें कहीं भी इस तरह की गलत गतिविधि मिले तो वे तुरंत उनके संज्ञान में लाएं। यह कार्य सभी विभागों के अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से ही संभव है। बैठक में एसडीएम महेंद्रगढ़ दिनेश कुमार, एसडीएम नारनौल मनोज कुमार व डीटीपी प्रवीण चौहान आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होेंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के संबंध में सरकार की सख्त हिदायत है कि कोई भी ढांचा नियमों के खिलाफ खड़ा नहीं होना चाहिए। शहरों के आस-पास की जगह नियंत्रित क्षेत्र में आती है। बिना नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा से मंजूरी लिए इस नियंत्रित क्षेत्र में कोई भी निर्माण नहीं होना चाहिए। जिला नगर योजनाकार विभाग लगातार इस बारे में अभियान को इसी प्रकार से जारी रखें। उपायुक्त ने बताया कि अब नागरिक भी समझने लगे हैं कि केवल बयाना के आधार पर प्लाट नहीं खरीदना चाहिए। ऐसी कॉलोनियों में जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। अगर किसी के पास जमीन की रजिस्ट्री और उसके नाम इंतकाल नहीं होता है तो उसका मालिकाना हक उस जमीन पर नहीं होता है। अगर कोई अपने रिस्क पर केवल बयाना के आधार पर प्लॉट खरीद रहा है तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। जिला प्रशासन ऐसी कॉलोनियों में किसी भी तरह के निर्माण की मंजूरी नहीं देगा।
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उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों को अभियान चलाने में किसी प्रकार की परेशानी है तो वह पहले से ही इस काम के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगवाकर अभियान को जारी रखें। कोई भी इस काम में रुकावट डालता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करें। डीसी ने कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण न केवल शहर की सूरत बिगड़ रही है, बल्कि रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी ये कॉलोनियां ठीक नहीं हैं।
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बैठक में उपायुक्त ने जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा अब तक चलाए गए अभियान के बारे में भी बारी-बारी से विस्तार से जानकारी ली। इसके अलावा उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगर उन्हें कहीं भी इस तरह की गलत गतिविधि मिले तो वे तुरंत उनके संज्ञान में लाएं। यह कार्य सभी विभागों के अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से ही संभव है। बैठक में एसडीएम महेंद्रगढ़ दिनेश कुमार, एसडीएम नारनौल मनोज कुमार व डीटीपी प्रवीण चौहान आदि अधिकारी मौजूद रहे।