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विकासशील दुनिया में वित्तीय साक्षरता महत्वपूर्ण : प्रो. टंकेश्वर
Mon, 17 Feb 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 17 Feb 2025 11:53 PM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ के बी.वॉक रिटेल एवं लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट विभाग द्वारा क्रिया फाउंडेशन के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए वित्तीय साक्षरता व निवेशक जागरूकता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज की विकासशील दुनिया में वित्तीय साक्षरता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वित्तीय साक्षरता व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन के जटिल परिदृश्य को समझने और सही वित्तीय निर्णय लेने में मददगार साबित होती है।
कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ता डॉ. नवीन और सीए (डॉ.) अजय ने बताया कि वित्तीय साक्षरता व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन पर सीधा प्रभाव डालती है। सही वित्तीय साक्षरता के माध्यम से यथार्थवादी बजट बनाकर वित्तीय लक्ष्यों को प्राथमिकता दे सकते हैं। प्रो. पवन कुमार मौर्य ने कहा कि वित्तीय साक्षरता के सिद्धांतों को समझकर, व्यक्ति प्रभावी रूप से धन संचय कर सकते हैं। वित्तीय सुरक्षा प्राप्त कर सकते है।
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कार्यशाला के संयोजक डॉ. सुयश मिश्रा ने कहा कि वित्तीय निर्णयों का जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। वित्तीय साक्षरता निवेश के सही विकल्प चुनने में मददगार होती है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. संतोष सीएच सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज की विकासशील दुनिया में वित्तीय साक्षरता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वित्तीय साक्षरता व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन के जटिल परिदृश्य को समझने और सही वित्तीय निर्णय लेने में मददगार साबित होती है।
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कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ता डॉ. नवीन और सीए (डॉ.) अजय ने बताया कि वित्तीय साक्षरता व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन पर सीधा प्रभाव डालती है। सही वित्तीय साक्षरता के माध्यम से यथार्थवादी बजट बनाकर वित्तीय लक्ष्यों को प्राथमिकता दे सकते हैं। प्रो. पवन कुमार मौर्य ने कहा कि वित्तीय साक्षरता के सिद्धांतों को समझकर, व्यक्ति प्रभावी रूप से धन संचय कर सकते हैं। वित्तीय सुरक्षा प्राप्त कर सकते है।
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कार्यशाला के संयोजक डॉ. सुयश मिश्रा ने कहा कि वित्तीय निर्णयों का जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। वित्तीय साक्षरता निवेश के सही विकल्प चुनने में मददगार होती है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. संतोष सीएच सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।