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फसलों को बचाने के लिए लावारिस गोवंश को खुद पकड़ेंगे किसान

Wed, 27 Jan 2021 11:35 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jan 2021 11:35 PM IST
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Farmers will catch the unclaimed cow dynasty themselves to save crops
आकोदा के खेल स्टेडियम में आयोजित बैठक में हिस्सा लेते किसान। संवाद - फोटो : Narnol
महेंद्रगढ़। अपनी फसलों को बचाने के लिए अब किसान ही लावारिस गोवंश को पकड़ेंगे। गोवंश को पकड़कर गोशाला में भिजवाया जाएगा। बुधवार को गोवंश को पकड़ने के लिए किसानों का प्रतिनिधि मंडल डीसी से अजय कुमार मिला। जिस पर डीसी ने पशुपालन विभाग को निर्देश जारी किए हैं।
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लावारिस गोवंश को लेकर गांव आकोदा के खेल स्टेडियम में आसपास के 16 गांवों के किसानों की बैठक हुई। बैठक में पालड़ी, भगड़ाना, पाली, धौली, जांट, भुरजट, आदलपुर, आकोदा, खुडाना, बास, गढ़ी, बसई, सैनी की ढाणी, झांखड़ी, आदलपुर, श्योपुरा आदि गांव के किसान शामिल थे। सुबह 11 से 1 बजे तक चली बैठक में किसानों ने गोवंश को लेकर अपनी समस्या रखी। किसानों ने कहा लावारिस पशुओं से काफी परेशान हैं। कड़ाके की सर्दी में भी गोवंश से फसलों को बचाने के लिए पूरी रात खेतों में रह कर रखवाली करनी पड़ती है। अगर किसान कुछ देर भी झपकी ले ले तो मौका देखकर गोवंश का झुंड खेतों में घुस जाता है। पूरी फसल को कुछ ही देर में नष्ट कर देते हैं। किसानों ने कहा 15-20 एकड़ फसल को लावारिस गोवंश बर्बाद कर चुके हैं। गांवों में करीब 600 से अधिक लावारिस गोवंश घूम रहे हैं। प्रशासन इनको पकड़वाने का कोई प्रयास नहीं कर रहा। किसानों का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को उपायुक्त अजय कुमार से मिला। किसानों ने लावारिस गोवंश को पकड़ने के लिए अनुमित मांगी। उपायुक्त ने पशुपालन विभाग के उप निदेशक नसीब सिंह ने अधिकारियों को लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए निर्देश दिए।
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लावारिस गोवंश को पकड़ने के लिए परमिट जारी कर दिया जाएगा
पशुपालन विभाग के उप निदेशक नसीब सिंह ने कहा कि एक या दो दिन में पशुपालन विभाग की ओर से लावारिस गोवंश को पकड़ने के लिए परमिट जारी कर दिया जाएगा। किसान अपने खर्चे पर लावारिस गोवंश को पकड़कर गोशाला में भेजेंगे। स्थायी समाधान के लिए एक अलग से गोशाला बनाए जाने का सुझाव दिया। ग्रामीणों ने कहा कि इसको लेकर गांवों की पंचायत आपस में विचार कर इस पर फैसला लेगी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उनकी गोशाला के प्रधान से बातचीत चल रही है। जब तक गोवंश को गोशाला पहुंचाने की व्यवस्था नहीं बनेगी तब गांव आकोदा बणी में रखा जाएगा। किसान चारे पानी की व्यवस्था भी करेंगे। इस मौके पर आकोदा गांव के सरपंच धर्मेंद्र, लाला बसई, विष्णु तंवर पाली, प्रदीप पाली, नरेंद्र आकोदा, सूबे पंच बसई, विजय पालड़ी, लाल सिंह आकोदा, सुरेंद्र आकोदा, शिवकांत आकोदा, निखिल आकोदा, संतोष पीटीआई, अमित पालड़ी पनिहारा, नरेश खुड़ाना, अनिल तिवाड़ी, यादवेंद्र आकोदा ,शिवकांत शर्मा, विजयपाल बसई, पवन शास्त्री, मंजीत बास खुड़ाना, भुरजट सरपंच संजय, संदीप फौजी, सुखबीर पालडी पनिहारा, विजय सहित अन्य उपस्थित थे।
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