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Mahendragarh-Narnaul News: 25 गांवों में नहरी पानी की मांग को लेकर किसानों की आवाज बुलंद
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फोटो 3निजामपुर ब्लॉक में नहरी पानी के लिए ज्ञापन सौंपते संघर्ष समिति के सदस्य।संवाद
नांगल चौधरी। निजामपुर ब्लॉक के किसानों ने एक बार फिर नहरी पानी की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। इस ब्लॉक में 28 गांवों में लगभग 25 गांव ऐसे हैं जहां आज तक नहरों की खुदाई ही नहीं हुई। किसानों का कहना है कि जब नहरे ही नहीं हैं तो पानी आखिर पहुंचेगा कैसे।
नहरी पानी किसान संघर्ष समिति के बैनर तले करीब 500 से अधिक किसानों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन नांगल चौधरी की विधायक मंजू चौधरी के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री को भेजा गया है।
किसानों ने मुख्यमंत्री से विधानसभा सत्र में नहर खुदाई की घोषणा करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि हरियाणा सरकार द्वारा नहरी पानी का समान वितरण किए जाने की घोषणा के बावजूद निजामपुर ब्लॉक उपेक्षित है।
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जिले के 8 खंडों में से 7 खंडों को नहरी पानी मिल रहा है जबकि निजामपुर के अधिकतर गांव आज भी इससे वंचित हैं। क्षेत्र को पहले ही ‘डार्क जोन’ घोषित किया जा चुका है। यहां जलस्तर करीब 1500 से 2000 फुट तक नीचे चला गया है। अधिकांश ट्यूबवेल सूख चुके हैं और जोहड़ भी पानी के अभाव में खाली पड़े हैं।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले 6 वर्षों से वे नहर खुदाई की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। कई बार धरना-प्रदर्शन किए गए और मंत्रियों को ज्ञापन सौंपे गए।
23 मार्च 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कोरियावास दौरे के दौरान भी नहर निर्माण का ज्ञापन दिया गया था। उस समय दो माह में कार्य शुरू करने का आश्वासन मिला था लेकिन आज तक धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ।
किसानों की प्रमुख मांगों में गांव घाटाशेर से होते हुए हरियाणा के अंतिम छोर के गांव बायल तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी नहर की खुदाई, गांव मुकंदपुरा से बेरूंडला होते हुए गोलवा तक नहर निर्माण तथा गांव धानोता से मौखूता तक नहर खोदकर नहरी पानी पहुंचाना शामिल है।
समिति के जिला प्रधान महावीर सिंह, कोषाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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नहरी पानी किसान संघर्ष समिति के बैनर तले करीब 500 से अधिक किसानों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन नांगल चौधरी की विधायक मंजू चौधरी के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री को भेजा गया है।
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किसानों ने मुख्यमंत्री से विधानसभा सत्र में नहर खुदाई की घोषणा करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि हरियाणा सरकार द्वारा नहरी पानी का समान वितरण किए जाने की घोषणा के बावजूद निजामपुर ब्लॉक उपेक्षित है।
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जिले के 8 खंडों में से 7 खंडों को नहरी पानी मिल रहा है जबकि निजामपुर के अधिकतर गांव आज भी इससे वंचित हैं। क्षेत्र को पहले ही ‘डार्क जोन’ घोषित किया जा चुका है। यहां जलस्तर करीब 1500 से 2000 फुट तक नीचे चला गया है। अधिकांश ट्यूबवेल सूख चुके हैं और जोहड़ भी पानी के अभाव में खाली पड़े हैं।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले 6 वर्षों से वे नहर खुदाई की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। कई बार धरना-प्रदर्शन किए गए और मंत्रियों को ज्ञापन सौंपे गए।
23 मार्च 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कोरियावास दौरे के दौरान भी नहर निर्माण का ज्ञापन दिया गया था। उस समय दो माह में कार्य शुरू करने का आश्वासन मिला था लेकिन आज तक धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ।
किसानों की प्रमुख मांगों में गांव घाटाशेर से होते हुए हरियाणा के अंतिम छोर के गांव बायल तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी नहर की खुदाई, गांव मुकंदपुरा से बेरूंडला होते हुए गोलवा तक नहर निर्माण तथा गांव धानोता से मौखूता तक नहर खोदकर नहरी पानी पहुंचाना शामिल है।
समिति के जिला प्रधान महावीर सिंह, कोषाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।