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Mahendragarh-Narnaul News: डीएपी के लिए लाइन में किसान, हैफेड प्रबंधन पर पक्षपात के आरोप
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फोटो संख्या:70- कनीना में डीएपी खाद को लेकर अपनी बारी का इंतजार में बैठे किसान--संवाद
कनीना। कनीना में रविवार को मंडी रोड स्थित हैफेड कार्यालय पर डीएपी खाद के लिए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही किसान लाइन में लगे रहे लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल पाया। किसानों का आरोप है कि हैफेड मैनेजर ने अपने परिचितों और चेहतों को प्राथमिकता दी जबकि समय पर पहुंचे किसानों को पीछे धकेल दिया गया।
किसान मंजू देवी, रजनी, पूनम, देवेंद्र और जोगिंद्र ने बताया कि कभी मौसम की मार और कभी खाद की किल्लत, दोनों ने ही खेती को चौपट कर दिया है। इस बार बाजरे और कपास की फसलें पहले ही बारिश से बर्बाद हो चुकी हैं। अब किसान सरसों की बिजाई की तैयारी में जुटे हैं लेकिन खाद न मिलने की चिंता उन्हें सताने लगी है।
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पिछले तीन साल से हर सीजन में खाद की किल्लत झेलनी पड़ रही है। रबी सीजन की बिजाई प्रभावित न हो, इसके लिए समय रहते खाद मिलना बेहद जरूरी है। -लक्ष्मी, गांव मोहनपुर
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वह सुबह 9 बजे ही लाइन में लग गई थीं। कई घंटों लाइन में लगने के बाद भी मुश्किल से एक बैग डीएपी मिल पाया। जिम्मेदार समय पर प्रबंध नहीं कर रहे हैं। -सुदेश, गांव नांगल
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वर्जन....
गोदाम में 1500 बैग डीएपी पहुंचे हैं और रविवार से वितरण शुरू कर दिया गया है। किसानों की मांग को देखते हुए 30 हजार बैग डीएपी की डिमांड भेजी जा चुकी है। एक आधार कार्ड पर अधिकतम तीन बैग दिए जा सकते हैं। आधार कार्ड से किसान के मोबाइल पर ओटीपी जाता है जिसमें समय लगता है। एक-दो दिन में डीएपी खाद आने वाली है। -महेश, प्रबंधक, हैफेड
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किसान मंजू देवी, रजनी, पूनम, देवेंद्र और जोगिंद्र ने बताया कि कभी मौसम की मार और कभी खाद की किल्लत, दोनों ने ही खेती को चौपट कर दिया है। इस बार बाजरे और कपास की फसलें पहले ही बारिश से बर्बाद हो चुकी हैं। अब किसान सरसों की बिजाई की तैयारी में जुटे हैं लेकिन खाद न मिलने की चिंता उन्हें सताने लगी है।
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पिछले तीन साल से हर सीजन में खाद की किल्लत झेलनी पड़ रही है। रबी सीजन की बिजाई प्रभावित न हो, इसके लिए समय रहते खाद मिलना बेहद जरूरी है। -लक्ष्मी, गांव मोहनपुर
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वह सुबह 9 बजे ही लाइन में लग गई थीं। कई घंटों लाइन में लगने के बाद भी मुश्किल से एक बैग डीएपी मिल पाया। जिम्मेदार समय पर प्रबंध नहीं कर रहे हैं। -सुदेश, गांव नांगल
वर्जन....
गोदाम में 1500 बैग डीएपी पहुंचे हैं और रविवार से वितरण शुरू कर दिया गया है। किसानों की मांग को देखते हुए 30 हजार बैग डीएपी की डिमांड भेजी जा चुकी है। एक आधार कार्ड पर अधिकतम तीन बैग दिए जा सकते हैं। आधार कार्ड से किसान के मोबाइल पर ओटीपी जाता है जिसमें समय लगता है। एक-दो दिन में डीएपी खाद आने वाली है। -महेश, प्रबंधक, हैफेड

फोटो संख्या:70- कनीना में डीएपी खाद को लेकर अपनी बारी का इंतजार में बैठे किसान--संवाद

फोटो संख्या:70- कनीना में डीएपी खाद को लेकर अपनी बारी का इंतजार में बैठे किसान--संवाद

फोटो संख्या:70- कनीना में डीएपी खाद को लेकर अपनी बारी का इंतजार में बैठे किसान--संवाद