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Mahendragarh-Narnaul News: दो वर्ष बाद भी नहीं हो सका पशु अस्पताल का उद्घाटन
Mon, 01 Sep 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 01 Sep 2025 11:48 PM IST
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फोटो 9बिहाली गांव में खेतों की तरफ जाते कच्चे रास्ते।संवाद
मंडी अटेली। क्षेत्र के बिहाली गांव में 2022 में पंचायत चुनाव के बाद विकास कार्य तो हुए हैं लेकिन अभी भी यहां के लोग तमाम बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव की कई सड़कें कच्ची हैं जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। स्टेडियम नहीं होने से गांव के युवा खेलों का अभ्यास नहीं कर पाते हैं।
दो वर्ष पहले पशु अस्पताल बनकर तैयार हुआ लेकिन अबतक उसका उद्घाटन नहीं हुआ है जिससे पशुपालकों को पशुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
बिहाली गांव अटेली-बहरोड़ सड़क मार्ग पर 6 किलोमीटर की दूरी पर बसा है। यादव बाहुल्य इस गांव की आबादी 5400 है। इस गांव में अपेक्षित सुविधाएं नहीं हैं। गांव के युवा लंबे समय से खेल स्टेडियम की मांग करते आ रहे हैं। इसके लिए पंचायत ने 25 एकड़ भूमि का प्रस्ताव भी पारित किया है।
इसके बाद भी अभी स्टेडियम की मंजूरी नहीं मिली है। श्मशान भूमि जाने वाली सड़क बेहतर खराब है। पंचायत ने श्मशान भूमि के सुंदरीकरण, चहारदीवारी, पक्की सड़क, पेयजल का प्रस्ताव पारित किया है लेकिन ये कार्य अभी शुरू नहीं हो पाए हैं। गांव में सिर्फ दो सफाई कर्मचारी तैनात हैं जिससे सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।
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गांव में पांच संपर्क मार्गों का निर्माण कराया गया है। यह सड़कें 4 करम चौड़ी और 4 से 6 किलोमीटर लंबी हैं। पशु अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण कराया गया है। 50 लाख रुपये की लागत से गांव की गलियां पक्की कराई गई हैं। अन्य कच्ची सड़कों को भी पक्का कराने की मांग की जा रही है।
गांव में दो वर्ष पहले पशु अस्पताल भवन का निर्माण हो गया लेकिन इसका उद्घाटन अभी नहीं हुआ है। इसके चलते चिकित्सकों को पुराने जर्जर हालत भवन में बैठ कर सेवाएं देनी पड़ रही हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन भी बनकर तैयार है लेकिन इसका भी उद्घाटन नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से पशु अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का उद्घाटन कराने की मांग की है।
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तीन वर्ष में ई-टेंडर से करोड़ों की लागत से पशु अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच संपर्क मार्गों का निर्माण कराया गया। 50 लाख रुपये की लागत से गलियों व नालियों का निर्माण किया गया है। आगे भी गांव में विकास कार्यों को जारी रखा जाएगा।- बीना देवी, सरपंच बिहाली।
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गांव में सिर्फ दो सफाईकर्मी हैं जिससे नियमित सफाई नहीं हो पाती है। गांव की आबादी के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। सरकार व प्रशासन को इसपर ध्यान देना चाहिए ताकि सफाई व्यवस्था बनीं रहे।- सीताराम यादव, पूर्व सरपंच।
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पंचायत चुनाव में सरपंच का चुनाव लड़ी थीं। ग्रामीणों का अच्छा सहयोग मिला। ग्रामीणों ने अगर आगे मौका दिया तो भाईचारे को कायम रखते हुए विकास कार्यों को अंजाम दिया जाएगा। -राजेश देवी।
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स्टेडियम नहीं होने से युवा विभिन्न खेलों का अभ्यास नहीं कर पाते हैं। अगर स्टेडियम की व्यवस्था कर खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा दी जाए तो गांव के युवा खेल में आगे बढ़ेंगे। सरकार गांव में खेल स्टेडियम का निर्माण कराए ताकि युवाओं को लाभ मिल सके। - नवीन कुमार, युवा।
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गांव में कई लोगों ने खेतों-खलिहानों में मकान बनवा लिया है। कई सड़कें कच्ची होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश में कीचड़ होता है और गर्मी में धूल उड़ती है। प्रशासन से मांग की है कि गांव की कच्ची सड़कें पक्की कराए ताकि लोगों को राहत मिल सके।- सुबे सिंह, समाजसेवी।
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पंचायत ग्रामीणों के सहयोग से विकास कार्यों पर बल देने का कार्य कर रही है। अभी प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों को किया गया है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। विकास कार्यों को लेकर कोई भेद-भाव गांव में नहीं है।- राजकुमार, पंच।
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गांव में पशु पालकों की संख्या अधिक है लेकिन पशु अस्पताल भवन का उद्घाटन नहीं हुआ। इसके चलते पशु पालकों को पूर्ण रूप से सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सरकार व प्रशासन से मांग है कि जल्द पशु अस्पताल का उद्घाटन करा कर पशु चिकित्सा की अच्छी सेवा दी जाए।- शिवा, पशु पालक।
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गांव में बनी नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। घरों का पानी ठीक ढंग से निकल रहा है जिससे जलभराव होता है। श्मशान भूमि का रास्ता उबड़-खाबड़ है। इधर से गुजरना जोखिम भरा होता हैहै। नालियों की सफाई के साथ कच्ची सड़कें पक्की की जाएं। -राकेश कुमार।
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दो वर्ष पहले पशु अस्पताल बनकर तैयार हुआ लेकिन अबतक उसका उद्घाटन नहीं हुआ है जिससे पशुपालकों को पशुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
बिहाली गांव अटेली-बहरोड़ सड़क मार्ग पर 6 किलोमीटर की दूरी पर बसा है। यादव बाहुल्य इस गांव की आबादी 5400 है। इस गांव में अपेक्षित सुविधाएं नहीं हैं। गांव के युवा लंबे समय से खेल स्टेडियम की मांग करते आ रहे हैं। इसके लिए पंचायत ने 25 एकड़ भूमि का प्रस्ताव भी पारित किया है।
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इसके बाद भी अभी स्टेडियम की मंजूरी नहीं मिली है। श्मशान भूमि जाने वाली सड़क बेहतर खराब है। पंचायत ने श्मशान भूमि के सुंदरीकरण, चहारदीवारी, पक्की सड़क, पेयजल का प्रस्ताव पारित किया है लेकिन ये कार्य अभी शुरू नहीं हो पाए हैं। गांव में सिर्फ दो सफाई कर्मचारी तैनात हैं जिससे सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।
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गांव में पांच संपर्क मार्गों का निर्माण कराया गया है। यह सड़कें 4 करम चौड़ी और 4 से 6 किलोमीटर लंबी हैं। पशु अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण कराया गया है। 50 लाख रुपये की लागत से गांव की गलियां पक्की कराई गई हैं। अन्य कच्ची सड़कों को भी पक्का कराने की मांग की जा रही है।
गांव में दो वर्ष पहले पशु अस्पताल भवन का निर्माण हो गया लेकिन इसका उद्घाटन अभी नहीं हुआ है। इसके चलते चिकित्सकों को पुराने जर्जर हालत भवन में बैठ कर सेवाएं देनी पड़ रही हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन भी बनकर तैयार है लेकिन इसका भी उद्घाटन नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से पशु अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का उद्घाटन कराने की मांग की है।
तीन वर्ष में ई-टेंडर से करोड़ों की लागत से पशु अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच संपर्क मार्गों का निर्माण कराया गया। 50 लाख रुपये की लागत से गलियों व नालियों का निर्माण किया गया है। आगे भी गांव में विकास कार्यों को जारी रखा जाएगा।- बीना देवी, सरपंच बिहाली।
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गांव में सिर्फ दो सफाईकर्मी हैं जिससे नियमित सफाई नहीं हो पाती है। गांव की आबादी के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। सरकार व प्रशासन को इसपर ध्यान देना चाहिए ताकि सफाई व्यवस्था बनीं रहे।- सीताराम यादव, पूर्व सरपंच।
पंचायत चुनाव में सरपंच का चुनाव लड़ी थीं। ग्रामीणों का अच्छा सहयोग मिला। ग्रामीणों ने अगर आगे मौका दिया तो भाईचारे को कायम रखते हुए विकास कार्यों को अंजाम दिया जाएगा। -राजेश देवी।
स्टेडियम नहीं होने से युवा विभिन्न खेलों का अभ्यास नहीं कर पाते हैं। अगर स्टेडियम की व्यवस्था कर खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा दी जाए तो गांव के युवा खेल में आगे बढ़ेंगे। सरकार गांव में खेल स्टेडियम का निर्माण कराए ताकि युवाओं को लाभ मिल सके। - नवीन कुमार, युवा।
गांव में कई लोगों ने खेतों-खलिहानों में मकान बनवा लिया है। कई सड़कें कच्ची होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश में कीचड़ होता है और गर्मी में धूल उड़ती है। प्रशासन से मांग की है कि गांव की कच्ची सड़कें पक्की कराए ताकि लोगों को राहत मिल सके।- सुबे सिंह, समाजसेवी।
पंचायत ग्रामीणों के सहयोग से विकास कार्यों पर बल देने का कार्य कर रही है। अभी प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों को किया गया है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। विकास कार्यों को लेकर कोई भेद-भाव गांव में नहीं है।- राजकुमार, पंच।
गांव में पशु पालकों की संख्या अधिक है लेकिन पशु अस्पताल भवन का उद्घाटन नहीं हुआ। इसके चलते पशु पालकों को पूर्ण रूप से सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सरकार व प्रशासन से मांग है कि जल्द पशु अस्पताल का उद्घाटन करा कर पशु चिकित्सा की अच्छी सेवा दी जाए।- शिवा, पशु पालक।
गांव में बनी नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। घरों का पानी ठीक ढंग से निकल रहा है जिससे जलभराव होता है। श्मशान भूमि का रास्ता उबड़-खाबड़ है। इधर से गुजरना जोखिम भरा होता हैहै। नालियों की सफाई के साथ कच्ची सड़कें पक्की की जाएं। -राकेश कुमार।