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रिसोर्स शेयरिंग पोर्टल शुरू करेगा हकेंविवि : कुहाड़
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हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षण संसाधनों की कमी के संबंध में केंद्रीय विश्वविद्यालय रिसोर्स शेयरिंग पोर्टल शुरू करने का एलान किया है। इसमें उपकरण, अनुसंधान, प्रयोगशाला सुविधाओं, परामर्श सेवाओं, प्रिंट और डिजिटल संसाधनों के डेटाबेस की तरह उपयोग किया जाएगा। मूक कोर्स तैयार करने यूनिवर्सिटी अपने संसाधन उपलब्ध कराने को तैयार है।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय द्वितीय वार्षिक परिसम्मेलन में कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने कहा कि इस प्रयास का उद्देश्य सीमित संसाधनों के सर्वोत्तम प्रयोग को बढ़ावा देना है। जिसके लिए आपसी साझेदारी वह साधन बन सकती है जिसके सहारे उच्च शिक्षा की तस्वीर बदल पाना संभव है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी वैज्ञानिक, तकनीकी, विश्लेषणात्मक, शोध उपकरण, सुविधाओं को ऑनलाइन नेशनल नेटवर्क के माध्यम से एकत्र कर उपयोग करने की दिशा में प्रयासरत है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2019 में भी प्राथमिक स्तर से लेकर विश्वविद्यालय स्तर के संगठनों और व्यावसायिक संस्थानों के बीच संसाधनों के साझाकरण और उन्हें एक दूसरे की पूरक इकाई मानने पर जोर दिया गया है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का शिक्षा के लिए समेकित रूप में अधिकतम उपयोग किया जा सके। नालंदा और तक्षशिला की मिसाल देते हुए भारत में उदार शिक्षा को पुनर्जीवित करने पर बल दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मसौदा समिति द्वारा प्रस्तावित नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की सराहना करते हुए उसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।
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उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सर्वोत्तम कार्यपद्धतियों को साझा करने पर बल देते हुए कहा कि यदि अपनी अनूठी विशेषताओं, कार्यपद्धतियों और प्रतिमानों को साझा करें, तो संस्थागत स्तर पर सभी को लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक प्रशासकों धानों का दायित्व बनता है कि वे अनुसंधान और शिक्षण विधियों में नवीनतम प्रगतियों और नवाचारों के साथ-साथ चलें। उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय रिसोर्स शेयरिंग पोर्टल की मेजबानी करने की पेशकश की। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने बड़े पैमाने पर ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रम (मूक) के लिए ई-सामग्री को रिकॉर्ड और विकसित करने के लिए वर्चुअल कक्षाओं के रूप में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया है। जिसे भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों के साथ साझा कर सकते हैं। छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं की जानकारी भी रिसोर्स शेयरिंग पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा सकती है।
परिसम्मेलन के दूसरे सत्र में सभी प्रतिभागी विश्वविद्यालय के प्रशासकों और प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संसाधनों व आदर्श पहलुओं के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया और कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित शैक्षणिक प्रशासकों ने संसाधनों को साझा करने की पहल की सराहना की और अपनी स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रमोद कुमार और सह-संयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह थे।
विवि में लगाएं डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा
सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने संविधान निर्माण में बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की भूमिका का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय में प्रेरणा स्वरूप उनकी प्रतिमा स्थापित करने की बात कही। उन्होंने अपने विवेकाधिकार के अंतर्गत हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को 11 लाख रुपये का अनुदान प्रदान करने की भी घोषणा की।
अफवाह भी एक हथियार
इस मौके पर शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि युद्ध के समय अफवाह भी एक हथियार की तरह से काम करता है। महाभारत, रामायण के समय अफवाह को उपयोग किया गया था। अश्वथामा मारा गया यह एक अफवाह थी, जिसके कारण महाभारत युद्ध का रूप बदल गया।
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हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय द्वितीय वार्षिक परिसम्मेलन में कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने कहा कि इस प्रयास का उद्देश्य सीमित संसाधनों के सर्वोत्तम प्रयोग को बढ़ावा देना है। जिसके लिए आपसी साझेदारी वह साधन बन सकती है जिसके सहारे उच्च शिक्षा की तस्वीर बदल पाना संभव है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी वैज्ञानिक, तकनीकी, विश्लेषणात्मक, शोध उपकरण, सुविधाओं को ऑनलाइन नेशनल नेटवर्क के माध्यम से एकत्र कर उपयोग करने की दिशा में प्रयासरत है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2019 में भी प्राथमिक स्तर से लेकर विश्वविद्यालय स्तर के संगठनों और व्यावसायिक संस्थानों के बीच संसाधनों के साझाकरण और उन्हें एक दूसरे की पूरक इकाई मानने पर जोर दिया गया है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का शिक्षा के लिए समेकित रूप में अधिकतम उपयोग किया जा सके। नालंदा और तक्षशिला की मिसाल देते हुए भारत में उदार शिक्षा को पुनर्जीवित करने पर बल दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मसौदा समिति द्वारा प्रस्तावित नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की सराहना करते हुए उसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।
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उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सर्वोत्तम कार्यपद्धतियों को साझा करने पर बल देते हुए कहा कि यदि अपनी अनूठी विशेषताओं, कार्यपद्धतियों और प्रतिमानों को साझा करें, तो संस्थागत स्तर पर सभी को लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक प्रशासकों धानों का दायित्व बनता है कि वे अनुसंधान और शिक्षण विधियों में नवीनतम प्रगतियों और नवाचारों के साथ-साथ चलें। उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय रिसोर्स शेयरिंग पोर्टल की मेजबानी करने की पेशकश की। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने बड़े पैमाने पर ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रम (मूक) के लिए ई-सामग्री को रिकॉर्ड और विकसित करने के लिए वर्चुअल कक्षाओं के रूप में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया है। जिसे भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों के साथ साझा कर सकते हैं। छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं की जानकारी भी रिसोर्स शेयरिंग पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा सकती है।
परिसम्मेलन के दूसरे सत्र में सभी प्रतिभागी विश्वविद्यालय के प्रशासकों और प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संसाधनों व आदर्श पहलुओं के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया और कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित शैक्षणिक प्रशासकों ने संसाधनों को साझा करने की पहल की सराहना की और अपनी स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रमोद कुमार और सह-संयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह थे।
विवि में लगाएं डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा
सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने संविधान निर्माण में बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की भूमिका का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय में प्रेरणा स्वरूप उनकी प्रतिमा स्थापित करने की बात कही। उन्होंने अपने विवेकाधिकार के अंतर्गत हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को 11 लाख रुपये का अनुदान प्रदान करने की भी घोषणा की।
अफवाह भी एक हथियार
इस मौके पर शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि युद्ध के समय अफवाह भी एक हथियार की तरह से काम करता है। महाभारत, रामायण के समय अफवाह को उपयोग किया गया था। अश्वथामा मारा गया यह एक अफवाह थी, जिसके कारण महाभारत युद्ध का रूप बदल गया।