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सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड पर शुरू हुई पढ़ाई
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प्रदेश सरकार ने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अनेक तकनीकी का उपयोग कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने बच्चों के लिए स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगवाए हैं। करीब तीन लाख रुपये कीमत के हर स्कूल में तीन से चार डिजिटल बोर्ड लगवाए गए हैं ताकि बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों पढ़ाने में आसानी रहे।
कंप्यूटर युग के दौर में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बोर्ड लाकर बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य किया है। इससे शिक्षक बोर्ड पर नोट्स बनाकर भी बच्चों को सिलेबस की तैयारी करवा सकते हैं क्योंकि इस डिजिटल बोर्ड पर एक बार किया गया कार्य सेव किया जाता है जिसे शिक्षक दोबारा से विद्यार्थियों को पढ़ा सकता है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने गत वर्षों के दौरान सभी सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगवाने का कार्य रही है। जिसके तहत नांगल चौधरी खंड के सभी लगभग सभी सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगा दिए गए है। डिजिटल बोर्ड लगने से शिक्षक भी खुश दिखाई दे रहे हैं। वहीं बच्चों को भी डिजिटल बोर्ड पर पुराने सिलेबस को नए तरीके से पढ़ने में मदद मिलेगी। राजकीय उच्च विद्यालय रोपड़ सराय के शिक्षक नरेश शर्मा ने बताया कि डिजिटल बोर्ड पर सिलेबस व वर्क कार्य को सेव कर दोबारा भी पढ़ाया जा सकता है। डिजिटल बोर्ड आने से बच्चों को सवाल समझने में आसानी हुई है।
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डिजिटल बोर्ड स्कलों में लगाने से शिक्षक को पढ़ाने व बच्चों को समझने में आसानी हुई है। डिजिटल बोर्ड में शिक्षक अपने सिलेबस के नोटस बनाकर भी बच्चों की तैयारी करवा सकता है।
-सुनील दत्त यादव, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
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कंप्यूटर युग के दौर में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बोर्ड लाकर बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य किया है। इससे शिक्षक बोर्ड पर नोट्स बनाकर भी बच्चों को सिलेबस की तैयारी करवा सकते हैं क्योंकि इस डिजिटल बोर्ड पर एक बार किया गया कार्य सेव किया जाता है जिसे शिक्षक दोबारा से विद्यार्थियों को पढ़ा सकता है।
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बता दें कि प्रदेश सरकार ने गत वर्षों के दौरान सभी सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगवाने का कार्य रही है। जिसके तहत नांगल चौधरी खंड के सभी लगभग सभी सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगा दिए गए है। डिजिटल बोर्ड लगने से शिक्षक भी खुश दिखाई दे रहे हैं। वहीं बच्चों को भी डिजिटल बोर्ड पर पुराने सिलेबस को नए तरीके से पढ़ने में मदद मिलेगी। राजकीय उच्च विद्यालय रोपड़ सराय के शिक्षक नरेश शर्मा ने बताया कि डिजिटल बोर्ड पर सिलेबस व वर्क कार्य को सेव कर दोबारा भी पढ़ाया जा सकता है। डिजिटल बोर्ड आने से बच्चों को सवाल समझने में आसानी हुई है।
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डिजिटल बोर्ड स्कलों में लगाने से शिक्षक को पढ़ाने व बच्चों को समझने में आसानी हुई है। डिजिटल बोर्ड में शिक्षक अपने सिलेबस के नोटस बनाकर भी बच्चों की तैयारी करवा सकता है।
-सुनील दत्त यादव, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।