फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   education, staff

शिक्षकों की किल्लत का खामियाजा भुगत रहीं बेटियां

Fri, 28 Aug 2015 12:44 AM IST
नारनौल/महेंद्रगढ़
नारनौल/महेंद्रगढ़ Updated Fri, 28 Aug 2015 12:44 AM IST
विज्ञापन

पिछले चार से साल से स्थानीय गर्ल्स स्कूल की मेरिट लगातार गिर रही है। कारण जब यहां पढ़ाने के लिए संबंधित अध्यापक ही नहीं होंगे तो सिलेबस कैसे पूरा होगा और बेटियां कैसे अच्छे अंकों के साथ पास होंगी। इसका जवाब न तो जनप्रतिनिधि दे रहे हैं और न ही अफसर। इस कारण अभिभावक भी खासे परेशान हैं।

विज्ञापन


नांगल चौधरी ब्लॉक में 169 प्राथमिक, मिडिल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। शिक्षा विभाग क्षेत्र के 21 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में साइंस स्ट्रीम पढ़ा रहा है। खंड के एकमात्र कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सालाना करीब 80 साइंस स्ट्रीम में दाखिले होते हैं। ग्रामीण विद्यार्थियों का स्ट्रीम की ओर रुझान तो है लेकिन अध्यापकों की कमी और अन्य सुविधाओं का अभाव होने के कारण उनका सिलेबस ही पूरा नहीं हो पा रहा है। वहीं निजी स्कूल संचालक परीक्षा परिणाम बेहतर लाने के लिए जहां स्कूल समय के बाद अतिरिक्त कक्षाएं लगवा रहे हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों के छात्र कैसे उनका मुकाबला करेंगे।
विज्ञापन


आर्थिक तंगी से पढ़ाई बाधित
सरकारी स्कूल में साइंस विषय पढ़ रही अधिकतर छात्राएं मध्यवर्गीय परिवारों से संबंधित हैं। इनमें पढ़ाई की ललक है, किंतु सुविधा एवं माहौल नहीं मिल रहा। स्कूल प्रशासन कलेक्शन पर आधारित साइंस शिक्षकों की व्यवस्था करता है। अभिभावकों की आर्थिक तंगी के कारण पर्याप्त कलेक्शन एकत्रित नहीं होता। उम्मीद के मुताबिक वेतन नहीं मिलने के कारण निजी अध्यापकों ने सत्र के बीच में पढ़ाना छोड़ दिया। इसका असर छात्राओं के (12वीं) परीक्षा परिणामों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डेपुटेशन पर मिले शिक्षक
स्कूल के प्राचार्य बीरसिंह चौधरी ने बताया कि अध्यापकों की किल्लत गंभीर समस्या बनी है। पिछले साल कलेक्शन पर आधारित शिक्षक लगाए थे। अबकी बार शिक्षक डेपुटेशन पर मिले हैं, अभी भी अधिकांश पोस्ट रिक्त पड़ी हैं। इससे  छात्राओं का परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहा है। हलका विधायक डा. अभय सिंह यादव और उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed