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Mahendragarh-Narnaul News: सरकार की दमनकारी नीति के चलते दो आशा वर्करों देनी पड़ी शहादत
Sat, 09 Sep 2023 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 09 Sep 2023 11:22 PM IST
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नारनौल। आशा वर्कर्स की हड़ताल शनिवार को 33वें दिन भी अपनी मांगों को लेकर जारी रही। इसकी अध्यक्षता मुनेश सुरेहती ने की। वहीं संचालन संतोष ने किया। सीटू के अध्यक्ष कामरेड हरिराम व जिला सचिव कामरेड रोहतास गोठवाल ने कहा कि आशा वर्कर्स की हड़ताल 33वें दिन में प्रवेश कर चुकी है।
इस दौरान 28 तारीख को सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने जो दमनकारी नीति आशा वर्कर पर अपनाई, उसकी बदौलत हरियाणा की दो आशा वर्कर्स को शहादत देनी पड़ी। इसके बावजूद भी सरकार के कानों पर जू नहीं रेंगी है। अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जो आशा वर्कर्स को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है, इससे साबित होता है कि सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बिलकुल झूठा था। आशा वर्कर कहा ने कहा कि पीएचसी व सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे मशीनों का प्रबंध किया जाए। आवश्यकता अनुसार दवाइयों का प्रबंध किया जाए। 2018 के बाद आशा वर्कर्स के काम में कई गुना बढ़ोतरी हुई है, परंतु पिछले 5 साल में उनके मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस मौके माया, सुमन, पूनम, किरण, सुशीला, सुषमा, ममता, प्रीति, सरोज, सावित्री व रीना मौजूद रही।
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इस दौरान 28 तारीख को सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने जो दमनकारी नीति आशा वर्कर पर अपनाई, उसकी बदौलत हरियाणा की दो आशा वर्कर्स को शहादत देनी पड़ी। इसके बावजूद भी सरकार के कानों पर जू नहीं रेंगी है। अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जो आशा वर्कर्स को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है, इससे साबित होता है कि सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बिलकुल झूठा था। आशा वर्कर कहा ने कहा कि पीएचसी व सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे मशीनों का प्रबंध किया जाए। आवश्यकता अनुसार दवाइयों का प्रबंध किया जाए। 2018 के बाद आशा वर्कर्स के काम में कई गुना बढ़ोतरी हुई है, परंतु पिछले 5 साल में उनके मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस मौके माया, सुमन, पूनम, किरण, सुशीला, सुषमा, ममता, प्रीति, सरोज, सावित्री व रीना मौजूद रही।
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